00:00जिस त्रणमुल कॉंग्रिस पर मम्ता बैनेर्जी का वर्शु से एच्छत्र राइशनातिक तबदबा रहा जिस पार्टी की पहचान ही मम्ता बैनेर्जी
00:07और उसका चुनाव चिन्ह बन गया
00:09आज उसी पार्टी के नाम और सिंबर पर रूख लग गई सिंबर चिन सकता है
00:30के नाम और पुराने चुनाव चुन्ह का इस्तिमाल नहीं कर पाएगा चुनाव आयोग ने दोनों पतिद्वंदी गुटों के दावे के
00:36बीच पार्टी के नाम और सिंबल को फिलहाल फ्रीज कर दिया
00:39यानि कि जिस पार्टी को ममताब एनरजी ने खड़ा किया उसी पार्टी की पहचान बोले कर सबसे बड़ी लड़ाई चुनाव
00:46आयों के दरवासे तक पहुँच चुकी है
00:48सवाल सिर्फ दो विधा सभा सीटों का नहीं है
00:50सवाल ये है कि आखिर अस्री त्रणमूल कॉंग्रिस है कौन और ममताब एनरजी की बनाई पार्टी का नाम और सिंबल
00:56आखिर किस के पास रहेगा
00:58क्या टीमसी से छटका वो बागी गुट जो किया ममताब एनरजी को अपना नेता नहीं मानता रित ब्रत के पास
01:04चुराएगा
01:04अब टीमसी का चुनावी चन या फिर ममताब एनरजी अपने चुननदा विधायकों के साथ अब इस चंग को भी जीतने
01:12की कोशिश करेंगी
01:13दरसल पूरा विवाद परश्य बंगाल विधान सभा चुनाव के बाद ट्रणमूल कॉंग्रिस में पैदा हुए संगटनात्मक्त संगर्श से जुड़ा है
01:19चुनाव के दोरान पार्टी के भीतर नित्यत्व को लिकर भीचतान तीस हुई
01:23और एक बागी गुट ने ममता बेनर्जी के नित्यत्व को चुनावती थी
01:27अब उनको वो अपना निता नहीं मानते
01:29अब जाहिर तोर पर नित्यत्व को जब चुनावती मिली
01:47ममता बेनर्जी गुट के लिए ये सिर्फ संखटन के भीतर की बगावत नहीं है
01:52उनका तरक ये है कि त्रणबुल कॉंग्रिस कोई आसी पार्टी नहीं है
01:55जिसे किसी दूसरे गुट ने बाद में बनाया हो
01:58ममता बेनर्जी ने 1998 में कॉंग्रिस से अलग होकर त्रणबुल कॉंग्रिस की स्थाफना की थी
02:02पार्टी की राशनयातिक पहचान भी लंबे वक्स से अब उनके नित्यत्व के भीतर ही
02:10टीमसी पनपा बड़ा हुआ, सत्ता संभाली और अब जुनावी हार गई
02:15यानि कि ममता बेनर्जी और टीमसी अलग लग नहीं हैं, दोनों एक साथ देखे जाते हैं, एक ही आवाज माने
02:22जाते हैं
02:22अब इसलिए ही ममता गुट का कहना है कि कुछ विधायकों या फिर नेताओं के अलग होने से
02:27पार्टी की मूल पहचान और संगटनात्मक अधिकार अपने आप एक दूसरे गुट के पास नहीं चले जाते
02:33अब लेकिन दूसरी तरफ विधब्रद गुट ने संगटनात्मक दिस्तवीसों और पार्टी की अंतरिक प्रक्रिया को आधार बना कर दावा किया
02:40कि पुरानी राश्ट्रय कारे समीति का कारेकाल समाग पूछ चुका है और उसके बाद ममता गुट की और सी लिए
02:46गए कुछ फैस्नों की वैध्यता पर सवाल उठता है
02:48इस गुट का कहना है कि 22 जून को हुए विशेश अधिवीशन में अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना गया है
02:53और इस तरह से दोनों पक्षों ने चुनावायों के सामने खुद को असली तरणमुल कॉंग्रिस बताते हुए अपने दस्तवेज और
03:00ताविक विश किये
03:01अब यहीं से मामला चुनावायों के पास पहुंचा हुआ यह पूरा मामला अब चुनावायों के सामने हैं विवाद बड़ा हुआ
03:08क्योंकि इसी बीच परश्य मंगाल की दो विधान सभासी चूं नंदी ग्राम और रीजी नगर में उब चुनाव घोशित हो
03:15गए
03:15दोनों को टिन सीटों पर उमीदबार उतारना चाहते थे और दोनों त्रिनमुल कॉंग्रिस को और त्रिनमुल कॉंग्रिस के नाम को
03:22उसके पारापर एक चुनाव चिन को इस्तिमाल करना चाहते हैं
03:26अब चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब दोनों गुट एक ही पार्टी होने का दावा
03:30कर रही हैं तो चुनाव में T.M.C. का नाम और चुनाव चिन आखिर दिया किसे जाएगा।
03:35इससी सबाल पर 12 सितमबर को दोनों पक्षओ की सुनवाई हुए इसके बाقط दोनों पक्षओ को अपने दावे के समर्थन
03:41में अतरीकता दस्तावीज देने को कहा गया।
03:44इसके पांच दिन से भी कम समय के भी तरही 17 सितंबर को फिर सुनवाई हुई और उसके बार चुनावायोग
03:50ने अंत्रे मादेश जारी कर दिया।
03:53इसादीशनी बंगाल की राजनीती में हलचल 30 की चुनावायोग ने कहा कि उसके सामने उपलब्ध जानकारी के आधार पर तरणमुल
03:59कॉंग्रिस में दो प्रतिद्वन्दी गुट हैं।
04:46इसादीशनी बात ये है कि अंत्रे मादेश जारी करने की कोशिश की है।
04:53जरुरत पढ़ने पर नए नाम में मूल तरणमुल कॉंग्रिस से संबंध का उलेक भी हो सकता है।
05:00अब यहां ममता बेनर्जी गुट का सबसे बड़ा सवाल ये है कि जिस पार्टी के स्थापना खुद ममता बेनर्जी ने
05:05की उसकी पहचान पर किसी दूसरे गुट का दावा कैसे स्विकार करें।
05:09ममता बेनर्जी ने सुनवाई के बाद साफ तोर पर कहा कि ममता पार्टी की संस्थापक हैं और पार्टी का संविधान
05:16उसकी संगठनात्मक विवस्था तैय करता है।
05:39यानि ममता गुट के अनुसार राश्ट्रे कारिस समीती और पार्टी नित्त्व से जुड़े उसके फैसले को अवयाद बताने का अधिकार
05:46नहीं बनता।
06:09पक्ष यही है, सबसे बड़ा इस मामले को सुलजाने का तरीका यही है कि दस्तावेजी और संगठनात्मक विवात को और
06:17गहराई से और गंभीरता से समझा जाए।
06:20उसके बाद ही चिन पर फैसला हो। इसके साथ ही कौन सा समिधान प्रिभावित था यह जानने की जरुरत है।
06:25किस समय पार्टी की कारे समिधी का कारेकाल समाप्त हुआ या नहीं हुआ इस पर भी चर्चा होगी।
07:24चुनाव में दो सीटे हैं नंदिग्राम और रेजिनगर।
07:25पार्टी के भीतर विभाजन के बाद नाम और चुनाव चन्न को लेकर चुनाव आयोग के सामने विवाद पहुचा था।
07:58पार्टी का नाम और चुनाव चन्न उनके समर्थकों के लिए चुनाव पहचान का एहम हिस्सा रहा।
08:03अब ऐसे में उनक चुनाव ममता गुट को उसी पुरानी नाम और सिंबल के बिना मैदान में उतारता है जिससे
08:09मतदाता लंबे वक से त्रणमुल कॉंग्रेस या फिर ममता बैनर्टी समझ रहे थे दोनों को साथ जोड़ते आये थे।
08:16नंदिग्राम का नाम इस पूरे विवाद को और ज्यादा राशनतिक बनाता है ये वो सीट है जहां पर 2021 के
08:21विधानसवा चुनाव में ममता बैनर्टी और शुवेंदू अधिकारी के बीच बेहत चर्चत मुकाबला हुआ था इसलिए अब इसी बंगाल के
08:28जमीन पर तर्ण
08:41बतलाव दिखाई देगा ममता बैनर्टी के नित्तव वाला गुट अपने पारंपर एक टीमसी नाम और चुनाव चिन्न के बजाए चुनाव
08:47आयक समिले वैकल पिक नाम और चिन्न के साथ मैदान में होगा तो दूसी तरफ रितबरत गुट भी अलग नाम
08:53अलग चुनाव �
08:54चुनाव लड़ने वाला है यानि कि जस पार्टी के पहचान वर्षयों तक एक नाम और चुनाव चिन्न से होती थी
09:00अब उसी पहचान के दू दाविदार आमने सामने होंगे चुनावी मैदान में होंगे यानि कि टीमसी वर्सिस टीमसी लेकिन असली
09:07लड़ाई उप्चु
09:32पर्टी की राजनेतिक और संगठनात्मक पहचान से जुड़ा सवाल है।
10:17पर्टी की राजनेतिक पहचान की परीक्षा होगा जिसे
10:22मौमता बेनरजी ने दर्श्कों तक बनाया था और आपको वापस बाने के लिए लड़ती नज़र आ रही है।
10:28मामली पर नज़र रहेगी नंदिक राम और रेजी नगर उप चुनाव से जुड़ी तमाम अब दीट साब को देदे रहेंगे।
10:33और ये चुनाव चिन और पार्टी नाम इंकल है पर भी तमाम जानकारी आपसे साचा करेंगे।
10:38आपके मन में कोई सवाल है तो comment box आपके लिए है अपनी टिप पढ़ी वहाँ जरूर कीजेगा।
10:42मेरा नाम है मुकुनदा आप बने रहें वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
Comments