00:00एक वीडियो में कुछ शब्द बोले गए और कुछ ही दिनों बाद एक IPS अधिकारी का ट्रांसफर हो गया अब
00:06सवाल सिर्फ बुश्राबानों के तबादले का नहीं है सवाल ये है कि क्या उनके वीडियो और ट्रांसफर के बीच कोई
00:13संबंध है पशिमंगाल की IPS अधिकारी �
00:16बुश्राबानों इन दिनों इसी सवाल के बीच चर्चा में है बुश्राबानों खड़कपुर में एडिशनल SP के पद पर तैनात थी
00:2313 सितंबर को उन्होंने UPSC के तयारी कर रहे छात्रों के लिए एक वीडियो पोस्ट किया इस वीडियो में उन्होंने
00:31अपनी सिविल सर्
00:42का इस्तिमाल किया वीडियो सामने आने के बाद शोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई कुछ लोगों ने सवाल उठाया
00:49कि एक सरकारी अधिकारी को सारजनिक वीडियो में किस तरह की भाशा और शब्दों का इस्तिमाल करना चाहिए एक संगठन
00:56ने परशिमंगाल के ग्रह
01:12कर दिया गया उन्हें खड़कपुर के एडिशनल एस्पी पद से हटा कर स्टेट आर्म्ठ पुलिस की चौथी बटालियन का डिप्टी
01:20कमांडेट बना दिया गया उनकी जगहा पार्थ गोश को खड़कपुर का नया एडिशनल एस्पी बनाया गया है अब यहीं से
01:28पूरा
01:41दोनों घटनाओं के बीज कोई संबंध है लेकिन यहां एक जरूरी बात भी है ट्रांसफर के सरकारी आदेश में वीडियो
01:49या सोशल मेडिया विवात को तबादले की वज़ा नहीं बताया गया है
01:53सरकार की तरफ से इसे प्रशासनिक फेर बदल और जनहित से जुड़ा फैसला बताया गया है इसलिए ये कहना कि
02:01सिर्फ वीडियो की वज़ा से ही ट्रांसफर हुआ अभी एक स्थापित तथ नहीं है इसी बीच पूर्व क्रिकेटर और कॉंग्रेस
02:08नेता मुहम्मद अजरु�
02:10इन ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा अगर असलाम वालेकुम और इंशाल्ला जैसे शब्द बोलने को
02:18लेकर किसी लोक सेवक को निशाना बनाया जाता है तो ये चिंता की बात है उन्होंने ये भी सवाल उठाया
02:25कि ऐसे मामलों में अल्पसंखिकों को कि
02:27इस तरह का संदेश जाता है यानि अब इस मामले में दो अलग-अलग बाते सामने आ रही हैं एक
02:34तरफ सरकार का कहना है कि ये पुशासनिक फैसला है दूसरी तरफ वीडियो और ट्रांसफर के बीच कम समय को
02:41देखते हुए कई लोग सवाल उठा रहे हैं और विवात सिर्फ
02:44ट्रांसफर तक सीमित नहीं है ये सवाल भी सामने आया है कि सरकारी अधिकारी और उनकी निजी पहचान के बीच
02:51सीमा कहां तक होनी चाहिए क्या वर्दी में किसी अधिकारी की भाशा पर अलग नियम लागू होने चाहिए क्या धार्मिक
02:59अविवादन का इस्तिमाल अपने �
03:01नाप में सरकारी निश्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है या फिर किसी अधिकारी के निजी बोलने के तरीके और उसके
03:08सरकारी काम को अलग अलग देखा जाना चाहिए इन सवालों के जवाब आसान नहीं है बुश्राबानों के मामले में एक
03:16तरफ प्रशासनिक फैसले की
03:21उठ रहे सवाल है फिलहाल इतना साफ है कि बुश्राबानों अब खड़कपुर की एडिशनल एस्पी नहीं है उनकी नए जिम्मेदारी
03:29स्टेट आर्म पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट की है वहीं पार्थ घोष खड़कपुर के नए एडिशनल ए
03:51पहर्मिक पहचान और प्रशासनिक फैसलों के बीच की उस सीमा तक पहुच गई है जहां हर शब्द और हर फैसला
03:58सवालों के घेरे में आ रहा है
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