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UPI TAX और UPI Charges को लेकर देश में नई बहस छिड़ गई है। UPI Payment पर संभावित चार्ज और इसके असर को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब तेज हो गए हैं। इस पूरे मुद्दे में Rahul Gandhi ने Modi Government पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए हैं। आखिर UPI TAX का मुद्दा क्या है? क्या आने वाले समय में UPI Payment पर कोई Charge लगाया जा सकता है? सरकार का इस पर क्या रुख है और विपक्ष इसे किस तरह उठा रहा है? इस वीडियो में UPI TAX, UPI Charges, Rahul Gandhi और Modi Government से जुड़े पूरे विवाद को आसान भाषा में समझिए।

The UPI TAX and UPI Charges issue has sparked a fresh political debate in India. Rahul Gandhi has raised questions over the possibility of charges on UPI payments and targeted the Modi Government over the issue. But what exactly is the UPI TAX controversy? Could users have to pay charges for UPI transactions in the future? What is the government's position, and why has the Opposition turned this issue into a major political talking point? In this video, we explain the complete UPI Tax controversy, UPI Charges debate, Rahul Gandhi's reaction, Modi Government's stand, and what it could mean for millions of UPI users across India.

#UPITax #UPICharges #UPIPayment #RahulGandhi #ModiGovernment #UPINews #UPIUpdate #DigitalPayment #IndianPolitics #Tarkash

~HT.410~PR.540~ED.108~GR.506~VG.HM~

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00:00देखे इसको दो तरीके से समझने के जरूत है एक होता है टेक्निकल परामेटर एक होता है कि समाजिक परामेटरिस
00:05में हमारा और सब भी लोग आते हैं तो कि टेक्निकल परामेटर में अगर आप बात करें तो there is
00:09no free lunch दुनिया में ऐसी कोई भी चीज नहीं है जो free में मिलती हो �
00:13ना मिली थी ना मिलेगी ना मिलती थी तो यह बोल दे कि विल्कुल सब कुछ अच्छा था तो नहीं
00:18था अब आते हैं समाजिक समीकरण पर जो आप बाते कर रहे हैं देखे सिंपल सी बात है कि एक
00:23cost है जो maintain करने के NDR charges करता है maintenance का charges करता है जो 2.4 प्रतिशत applicable
00:29यानि हम और आप
00:31एक दूसरे को पैसा दे रहे हैं ले रहे हैं वो उस पर applicable नहीं होगा लेकिन ये बता दीजिए
00:35कि पहले अगर हम जो credit card use करते थे या दूसरे माध्या में हम use करते थे क्या उस
00:41पर charges नहीं थे उस पे भी merchant पैसा देता था और merchant किस से ज़्यादा पैसे देता था हम
00:47बता रहें क
00:47अगर वीजा और मास्टर की बात करें एक दिसम्वलो दो पास से लेकर के दो परतिशन तक चार्ज करता था
00:54merchant से ये ट्राय जो प्लेटफॉर्म है बास्टर हो चार्जा वीजा हो और American Express के अगर बात करें तो
00:59दो दिसम्वलो पास से लेकर करती परतिशन तक चार्ज लगता �
01:02यह है तो आपको समझना होगा कि मर्चेंट की कॉस्ट अलग है मर्चेंट पहले से दे रहा था और आप
01:0920 साल पहले चले यह दोजार चांबिस में हम 2010 की बात करते हैं 2010 में आप किसी भी शॉप
01:14पे मॉल की बात लेकर आम शॉप पे जाए तो क्रेडिट कार्ड नहीं लेता था �
01:18लेकिन आज के दिल में वह क्रेडिट कार्ड भी लेता यूप इप यूप आई भी लेता अगर हम यूप यूप
01:22की ट्रणिक्शन की बात करें नो डाउट 85 प्रतश्चन हो रहा है तो डिस्टल मॉध्यम से हो रहा है उप
01:30जुट अब शॉर्व हमेशा सुरू से ही मर्चें
01:41करते चले आ रहे हैं और इसमें कितना है अगर हम 75,000 रुपए का ले लेंदे हैं तो 300
01:46रुपया है अगर हम एक लाग का कलिकुलेशन करें तो उसमें से
02:03साइकिल वाला कुम्चे वाला पान वाला सब्जी वाला इसमें तो अप्लिकेबिली नहीं हो रहा है तो इसमें पता नहीं क्यों
02:09लोगों को परशान होनी की जरूरत है जो लोग इसका विरोध करते तो डिश्टल इंडिया का विरोध करते तो जो
02:15बोलते थे क्या सब्जी वाल
02:30चीजे अप्लिकेबिल चार्जिस होते माल लीजे बैंकिंग का 25 में जो सबसीडी बैंकों को दी गई है
02:362000 क्रोड की दी गई है और इसकी अगर 2021 की बात के 1300 क्रोड पर दी गए थी तो
02:412000 सबसीडी दी गई हूं क्या किसी का और का पैसा था
02:44मन्हेंवर हमारा आपका पैसा दिए याद रखीए जो सरकार सबसीडी बिएती है छो किसी
02:50बीट तरह का की सबसीडी हो कोई भी कोई और ममें हमारे भी बीजे पी हो चयह पРЕले की
03:14है आम आदमी को जब सुविधा सुविधा मिल लाई है आम आदमी को कोई समस्थ्या नहीं है तो राजितिक पार्टियों
03:21को समस्थ्या दूसरी बात मैं च्छोटा से एक्जांपल देता हूं हम सब यहां पे चारो जो कॉंग्रेस के मारे में
03:27तरह हैं एक विश्चक हैं और आ�
03:53इसाथ नहीं कि और आम आदमी इस पे अंपेक्टिड नहीं है अगर बिजनेसमेन जो एक लाग का बिजनेस कर
04:12रहा है तो क्या 300 रुपे बहन नहीं कर सकता है और वो पहले भी बहन करता था छोटी सी
04:17बात है
04:18MX का मैंने एक्जामपल यह 3 परसंट तो आप 3 परसंट MX का अगर निकालते हैं तो कितना 100 रुपया
04:23होता
04:23900 रुपया होता है एक लाग पे अगर हम एक दिसमलो दो पांच की साफ से या दो परसंट की
04:29साफ से निकलते हैं तो 600 रुपया होता है
04:31तो कुल मिलाक के मर्चंट चाहिए वो क्रेडिट कार्ट से पैसा ले रहा था या दूसरे तरह के पैसा ले
04:38रहा था आपकी बात समझ गये सर लेकिन लोगों के सवाल यह है कि अब ही यह क्यों लाया गया
04:44जैसे कॉंग्रेस पार्टी तो सीधे तोर पर कह रही है कि इससे अम
05:01उनका भी कुछ सवाल है वो सवाल मैं आपसे जानना चाहूंगा हमारे साथ अर्षच्राज 3 भी जुड़े हुए है उनसे
05:06जवाल का जवाब लोगा यूपियाई को लेकर लोगों को भरोसा नहीं हो रहा कि दुकानदार MDR अपनी जेब से देगा
05:13यह चार्ज होगा दुकान
05:29यूपियाई से मना करे या अतरित पैसा मांगे तो उसकी शिकायत किया सके अगर कोई विवास्था पहले से है तो
05:36उसका प्रचार करना चाहिए ऐसा उनका कहना है संजे जी आपके पास आएंगे हमारे साथ रजीश कुमार जी है उनके
05:42पास सलते हैं जी रजीश जी धन्यव
05:59कार्ट पेमेंट बाद में यूपियाई जुड़ा गया इनको रेगुलेट करने के लिए एक पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट लाया गया
06:072007 जो 2008 से अफेक्टिव था उसके स्टिक्शन 10 में RBI को पावर थी कि वो MDR चार्जेज या ट्रांजिक्शन
06:17के उपर चार्
06:29करने के लिए और साथ यूपियाई को अमेरिकन एक्सप्रेस या बाकि जो वीजा और मास्टर कार्ड जैसे क्रेडिट कार्ड है
06:38उनके सामने लाने के लिए उनके सामने खरा करने के लिए एक सेट्शन 10A का प्रोविजन ले आई जिसमें यह
06:45उन्होंने डाल दिया बताए ए
06:59ब्लिंकिट को दे रहे कोई चार्ज नहीं लगेगा यह 2020 में डाल दिया गया छे साल इसका नतीजा यह हुआ
07:07कि छे साल में ट्रांजेक्शन 24.5 बिलियन तक पहुँच गई एक महीने में मदब इतना सक्सेस हुआ है डिस्टल
07:14करांती का एक नमोना हो गया सरकार जो चाती थी
07:17कि हर दुकानदार तक पहुच जाए लेकिन आप यह समझे कि प्री का मतलब जीरो कोस्त नहीं होता है प्री
07:24का मतलब होता है कि उसका कोई न कोई कोई कोई कोई दूसरा आदमी भुगत रहा है अब देखिए कि
07:30आज के डेट में अगर हम देखें तो यह 2000 रुपे के उपर ज
07:46लगेगा अब यह समझे कि हम आमेजन को और एक छोटा वा ठेला का भी अपारी है दोनों को एक
07:52नहीं कर सकते दोनों को फ्री यूपियाई सर्विसस नहीं दे सकते क्योंकि इसके पीछे कोई कॉस्त है तो हमारे हिसाब
07:57से यह जो फैसला लिया गया है वो गलत नहीं है लेकि
08:12यह नोटिफिकेशन के द्वारा पावर दे दिया गया NPCI और RBI के पास यह पावर, Central Ministry of Finance के
08:20पास यह पावर रहेगा कि उस 2000 रुपे को घटा के 500 रुपे भी कर सकती है उस 500 रुपे
08:25को घटा के 10 रुपे भी कर सकती है या उसमें भी कुछ बदलाव कर सकती है तो जैन्मीन कं
08:30यह था, यह है अभी कि इसको यह जो 2000 रुपे वाली प्रटेक्शन है यह एक्ट में मिले और प्लस
08:37हमारी हिसाब से 0.4% थोड़ा सज्जादा है ऐसा एक्सपेक्टेट था इसके पहले कि 0.25 से 0.30
08:44तक आ सकता है आप यह समझें कि अगर हम 2000 से उपर 75,000 रुपे तक का ट्रा
08:56प्रटेक्शन करते हैं उस पर मैक्समुम 300 रुपे लगता है मतलब एक लाख रुपे वाले को आपने 0.3%
09:01कर दिया और जो 75,000 रुपे वाला है उसके लिए आपने 0.4% कर दिया थोड़ा सा हमारे
09:08हिसाब से थोड़ा सा इसमें ऐसा फ्लेक्सिबिल्टी रखना चाहिए था क
09:11दो हजार से पचीज़ार तक या पचीज़ार दो हजार से लेकि पचासा रुपे तक उनको थोड़ा सा और कम चार्ज़ाज
09:17होने चाहिए थे
09:20subscribe to one India and never miss an update
09:25download the one India app now
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