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पश्चिम बंगाल में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता हाथ लगी है जहां कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सीपीआई माओवादी के सेंट्रल कमेटी मेंबर और बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असिम मंडल उर्फ आकाश को पुरबा मेदिनीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने इस शीर्ष नक्सली कमांडर पर कुल दो करोड़ बीस लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित था जिसमें झारखंड और ओडिशा सरकारों का इनाम शामिल था। साल 2011 में किशनजी के मारे जाने के बाद बंगाल में माओवादी विंग की कमान संभालने वाले असिम मंडल ने पिछले पंद्रह वर्षों से अधिक समय से सुरक्षा बलों को चकमा देने के लिए जंगलों के भीतर भूमिगत नेटवर्क का संचालन किया था। पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर लगातार बढ़ रहे सैन्य और पुलिस दबाव के चलते जब उसके करीबी सहयोगियों का दायरा सिमटने लगा तब सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को देश के आंतरिक सुरक्षा इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है क्योंकि इससे जंगल महल और आसपास के इलाकों में कमजोर पड़ चुके नक्सलवादी आंदोलन को करारा झटका लगा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस शीर्ष कमांडर के सलाखों के पीछे जाने से वामपंथी उग्रवाद के ताबूत में आखिरी किल ठुकती नजर आ रही है और भूमिगत नेटवर्क का दायरा पूरी तरह तहस-नहस हो चुका है।

In a monumental breakthrough against Left-Wing Extremism, the Special Task Force of the Kolkata Police has successfully arrested Asim Mandal, alias Akash, who served as a Central Committee member and Secretary of the CPI (Maoist) West Bengal State Committee-I. Operating underground for over fifteen years across dense inter-state forest corridors, Mandal carried a massive cumulative bounty of 2.20 crore rupees on his head, jointly declared by the governments of Jharkhand and Odisha. Having taken control of the Maoist Bengal wing following the death of senior commander Kishenji in 2011, he became one of the most elusive figures for law enforcement agencies managing internal security. His capture was enabled by precise technical intelligence and relentless operational pressure along the West Bengal-Jharkhand border that steadily dismantled his core support network and forced his close aides to surrender. This high-profile arrest marks a defining moment in India's anti-naxal operations, severely crippling the remaining command structure of the insurgent movement in the historic Jungle Mahal belt. Security analysts view this development as a decisive blow to the fading remnants of Maoist rebellion, signaling a major turning point in ending decades of left-wing extremism.

#AsimMandalArrest #MaoistLeaderCaptured #WestBengalSTF #LeftWingExtremism #Naxalites #CPI(Maoist) #InternalSecurity #JungleMahal

~PR.512~HT.408~ED.104~GR.508~VG.HM~

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00:06आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी खबर की जिसने देश के इंटर्नल सेक्योरिटी और आंटी नक्सल उपरेशन्स
00:13में एक नया अध्याय जोड़ दिया है
00:15क्या कभी आपने सोचा था कि एक ऐसा शक्स जो पिछले पंदरा साल से जादा समय से पूरी तरहां अंदर
00:22ग्राउंड था जिस पर दो अलग अलग राजियों की सरकारों ने कुल मिला कर दो करोड बीस लाक रुपे का
00:28इनाम रखा था अचानक एक छोटे से इलाके से पकड़ा
00:32सवाल ये है कि आखिर कौन है आसी मंडल जिसे लोग अकाश के नाम से भी जानते थी कैसे इसने
00:391980s के स्टूडेंट मुव्मेंट से निकल कर CPI का सबसे उचा पद यानि Central Committee और Bengal State Committee के
00:48Secretary तक का सफर ते किया
00:50और सबसे बड़ा सवाल ये है कि इतने लंबे समय तक पुलिस की आखों में धूल जौकने के बाद आखिर
00:57गलती कहां हो गई और कैसे कोलकता पुलिस की STF ने सफेद पोस्ट चुपन चुपाई खेल को खटम कर दिया
01:04आज की इस रपोर्ट में हम पूरी गहराई से समझेंगे इस हाई प्रोफाइल अरेस्ट की कहानी इसके पीछे की टेक्निकल
01:11इंटेलिजेंस और इसके निकलने से बेंगाल जारकंड बॉर्डर पर माविस मूव्मेंट्स पर क्या असर पड़ा
01:18दर्शकों शुरू करते हैं ताजा घटना से हाल ही में वेस्ट बंगाल के पूर्बा मेदिनी दगर डिस्ट्रिक्ट से एक ऐसी
01:25गिरफतारी हुई है जिसने सिक्वारिटी एजेंसीज को बड़ी राहती है
01:29कोलकता पुलिस की स्पेशल टास्क पोस यानी स्टीएफ ने एक ऐसी ओपरेशन को अंजाम दिया जिसके बारे में पिछले कई
01:36सालों से प्लानिंग चल रही जिस शक्स को पकड़ा गया है उसका नाम असीम मंडल है जिसे आकाश के नाम
01:43से भी जाना जाता है
01:44यह कोई आम नकसे लाइट नहीं था इसके सर पर इनाम की रुकम सुनेंगे तो आप दंग रह जाएंगे इस
01:50पर कुल 2 करोड़ 20 लाक रुपे की बाउंटी थी इसमें से 1 करोड़ रुपे का इनाम जहरकंड सरकार ने
01:56अनांस किया था और 1 करोड़ 20 लाक रुपे ओडिस आ �
02:01इतनी बड़ी रकम का इनाम इस बात का सबूत है कि सेक्योरिटी एजेंसीज के लिए ये कितना बड़ा और खतरनाक
02:08निशाना था वहिया लेकिने असीम मंडाल कौन है और इसने इस रास्ते को कैसे चुना इसके इतहास में जाना पड़ेगा
02:16असीम मूल रूप से पश्चिम मे
02:30कोड़ी तरह से अंडरग्राउंट हो गया असीम के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया था जब 2011 में
02:37सेक्योरिटी फोर्सिस के साथ एक इंकाउंटर में सीनियर माविष्ट कमांडर किशन जी की मौत हो गई थी किशन जी के
02:44मरने के बाद CPI माविष्ट के
02:46बेंगाल विंग की कमांड किसके हाथ में जाएगी ये एक बड़ा सवाल था तब आसीम मंडल ने ही आगे आकर
02:54बेंगाल विंग की कमांड संभाली और इसका सेक्रेटरी पने तब से लेकर आज तक यानि पिछले लगभग 15 साल से
03:02जादा समय से घने इंटर स्टेट फॉरिस
03:08के बीच के जंगल के इस्तमाल करके पुलिस को हमेशा चकमा दिया वो हमेशा एक जगा से दूसरी जगा मूव
03:17करते रहते थे और बिना किसी डिजिटल फुट्प्रिंट के अपना नेट्वर्क चला रहे थे वेकिन दर्शकों अचानक ऐसी क्या वज़ा
03:26रही कि इतना शाति
03:38कर दल्मा जंगल महलमा बेल्ट में सिक्यॉरिटी फोर्शिज ने अपना शिकंजा कशना शुरू कर दिया माव इसके खिलाफ लगातार ओपरेशन
03:46चल रहे थे और इस दौरान असीम मंडाल के कई करीबी साथी या तो पकड़े गए या फिर पुलिस के
03:52डर से सरेंडर करने �
03:54पर मजबूर हो गए इनहीं में एक नाम रीजनल कमिटी मेंबर राम प्रसाद मार्दी का भी था जिसे रिसेंटली पकड़ा
04:01गया था जब उपर से दबाव पड़ा और ग्राउंड नेटवर्क तूटने लगा तब आसिम मंडाल को अपनी ही जगा बदनी
04:08पड़ी और यहीं
04:22मंडाल कहां चुपने की कोशिश कर रहा है परंत में पूर्बाम इदनीपुर से इसी धर दबोचा गया और भाईया पकड़
04:30दिया अभी सोचना जरूरी है कि इस गिरफतारी के माई में क्या है लेफ्ट विंग एक्स्रमिजम यानि वंबंती उगरवाद के
04:38खिलाफ इस दे
04:52लेकिन पिछले कुछ सालों में एक के बाद एक टॉप लीडर्स के सफाये ने इस मूव्मेट की कमर तोटी पहले
04:58किशन जी और अब इतने बड़ी इनामी नक्सलवाद नेता आसिम मंदाल का पकड़ा जाना यह साब दर्शाता है कि अब
05:05अंडर ग्राउंड नक्सलियों के �
05:06से लिए बचे कुछे रास्ते भी बंद होते जा रहे हैं जब एक संगठन का सबसे बड़ा स्टेट लेवल सेक्रिटरी
05:12ही सलाकों के पीछे चला जाए तो नए काज्रस को जोड़ना और पुरानी नेटवर्क को चलाना बेद मुश्किल हो जाता
05:19है लर्श को अब निशकर्�
05:32को चनाती जी जाती है कुलकतापुलिस की स्टीफ और अन्य सेक्यूरिटी एजेंसी जिस तरह धीरज और तक्नीक का इस्तमाल करके
05:40इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है वो यह दिखाता है कि देश की आंतरिक सुरक्षा अब कितनी मजबूत हो चुकी
05:46है आने वाले समय इस गर
06:02कि देश कि अपरेशन का इस अप्डैट अपड़ और अबस्याओ आनलोट था आन्ट भी आप नाले सेक्याओ आनल पी एप
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