Skip to playerSkip to main content
अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के युद्धपोतों की टक्कर ने 15 साल पुरानी घटना की याद दिला दी है। भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के बीच हुई इस नई टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन भारत ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। इससे पहले 2011 में INS Godavari और PNS Babur के बीच भी समुद्र में टक्कर हुई थी। उस समय तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तान के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। इस वीडियो में जानिए 15 साल पहले क्या हुआ था, तब भारत ने क्या कदम उठाया था और अब अरब सागर की इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव क्यों बढ़ा है।

India and Pakistan warships have collided again in the Arabian Sea, bringing back memories of a similar incident 15 years ago. The latest collision reportedly involved Pakistani naval vessel PNS Hunain and an Indian Navy warship during routine surveillance. While no major damage or casualties have been reported, India has lodged a formal protest over the incident. In 2011, INS Godavari and PNS Babur were also involved in a naval collision during an anti-piracy operation. At that time, the Manmohan Singh government formally protested to Pakistan. What happened in 2011, what action did India take, and why is the latest Arabian Sea incident important? Watch the full story.

#IndiaPakistan #IndiaPakistanNews #Warships #ArabianSea #IndianNavy #PakistanNavy #INSGodavari #PNSHunain #IndiaNews #BreakingNews

~HT.410~PR.540~ED.276~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00समंदर में दो देशों के जहाज आमने सामने आए और देखते ही देखते दोनों के बीच टकर हो गई
00:06अरब सागर में हुई इस घटना ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की नोसे नाओ के बीच पुराने विवात
00:13की याद दिला दी है
00:14खास बात ये है कि ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है करीब 15 साल पहले भी भारत और पाकिस्तान
00:20के युद्धपोत एक दूसरे से टकरा चुके हैं तब भी मामला सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं रहा था और भारत
00:27ने पाकिस्तान के सामने आपचारिक विरोध दर्ज कराय
00:30अब कहानी 15 सितंबर 2026 की शाम की है अरब सागर के उत्तरी हिस्से में भारती नौसीना का एक युद्धपोत
00:38नियमित निगरानी अभियान पर था शाम करीब 7 बचकर 10 मिनट पर पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज PNS हुनेन भारती युद्धपोत के
00:46काफी करीब आ गया भारती
00:48पक्ष के मताबिक पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में भारती पोत की तरफ बढ़ा और उसके बाद जिस तरह से उसे
00:55दिशाबद ली उसे आसुरक्षित और गैर पेशेवर माना गया इसी दौरान दोनों जहाजों के बीच टकर हो गई टकर के
01:03बाद पाकिस्तानी जहा�
01:09जारी रखने की सिती में रहा घटना में किसी बड़े नुकसान या जान माल के नुकसान की खबर नहीं है
01:15लेकिन असली मामला टकर से जादा उस सवाल का है कि आखिर दोनों देशों की ये दुपोत इतने करीब आये
01:22ही क्यों भारत ने इस घटना को लेकर पाकिस्तान के सामन
01:25ने आपचारिक विरोध दर्ज कराया है भारती पक्ष ने 1991 में हुए एक समझोते का भी हवाला दिया है इस
01:32समझोते के मुताबिक अंतराष्टिये समुद्री छेत्र में भारत और पाकिस्तान के नौसेनिक जहाजों और पंडुबियों को एक दूसरे के तीन
01:40समुद्री मील
01:41के भीतर नहीं आना चाहिए ताकि किसी तरह की दुगटना से बचा जा सके यानि समुद्र में जहाजों की दूरी
01:48को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही नियम बना हुआ है लेकिन इस कहानी को समझने के लिए
01:55करीब 15 साल पीछे जाना होगा साल था 2011 उस वक्त भारती �
02:21पाकिस्तानी जहाज ने सुरक्षित समुद्री दूरी दूरी और दिशा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया दोनों जहाजों के बीच
02:27संपर्क हुआ
02:28और आएनेस गोदावरी के हेलिकॉप्टर डेक के पास लगी सुरक्षा जाली को मामली नुकसान भी पहुचा था उस समय भी
02:36मामला तुरंट खतम नहीं हुआ था भारत ने पाकिस्तान के सामने आपचारिक विरोध दर्ज कराया था ततकालिन रक्षा मंतरी एके
02:43एंटेनी �
03:12बाद में संसद में इस घटना की जानकारी भी दी थी।
03:14सामने आने लगे हैं, दोनों घटनाओं में एक समानता दिखाई देती है, दोनों बार मामला अंतराश्टिये समुद्री छेत्र से जुड़ा
03:21हुआ था, दोनों घटनाओं में भारतिये और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज एक दूसरे के बेहत करीब आये और दोनों मामलों मे
03:28समुद्री शुरक्षा और तैय नियमों के पालन को लेकर सवाल उठा था, फर्क बस इतना है कि 2011 में घटना
03:35समुद्री डकैती के खिलाब चल रहे अभियान के दोरान हुई थी, जबकि इस बार भारती युद्पोत नियमित निगरानी अभियान पर
03:42था, मुझूदा घटना
03:43में अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारत ने इसे हलके में नहीं लिया
03:50है, पाकिस्तान के राजनईक प्रतनिधी को बुला कर आपचारिक विरोप दर्ज कराया गया है, यही इस पूरे मामले का सबसे
03:57महतपूर हिस्सा भी है, क्यों
04:12पूतनी तिक मुद्दा बन सकती हैं, 15 साल पहले आईनस गोदावरी और पी एनस बाबर की टक्कर के बाद भी
04:18मामला विरोध और जवाबी दाओं तक पहुचा था, अब दोजार चाबिस में पी एनन हुनैन और भारती अदुपोत के बीच
04:26हुई टकर ने उसी पुराने घ�
04:40प्रतना को लेकर आरोप, प्रत्यारोप और भी बढ़ते हैं, समुद्र में जहाजों की दूरी कुछ समुद्री मील हो सकती है,
04:47लेकिन भारत और पाकिस्तान के मामले में इन जहाजों की वीच की हर दूरी का मतलब बहुत बड़ा हो सकता
04:54है, और यही वजा है कि 15 साल पुरा
05:10झाल
Comments

Recommended