00:00समंदर में दो देशों के जहाज आमने सामने आए और देखते ही देखते दोनों के बीच टकर हो गई
00:06अरब सागर में हुई इस घटना ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की नोसे नाओ के बीच पुराने विवात
00:13की याद दिला दी है
00:14खास बात ये है कि ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है करीब 15 साल पहले भी भारत और पाकिस्तान
00:20के युद्धपोत एक दूसरे से टकरा चुके हैं तब भी मामला सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं रहा था और भारत
00:27ने पाकिस्तान के सामने आपचारिक विरोध दर्ज कराय
00:30अब कहानी 15 सितंबर 2026 की शाम की है अरब सागर के उत्तरी हिस्से में भारती नौसीना का एक युद्धपोत
00:38नियमित निगरानी अभियान पर था शाम करीब 7 बचकर 10 मिनट पर पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज PNS हुनेन भारती युद्धपोत के
00:46काफी करीब आ गया भारती
00:48पक्ष के मताबिक पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में भारती पोत की तरफ बढ़ा और उसके बाद जिस तरह से उसे
00:55दिशाबद ली उसे आसुरक्षित और गैर पेशेवर माना गया इसी दौरान दोनों जहाजों के बीच टकर हो गई टकर के
01:03बाद पाकिस्तानी जहा�
01:09जारी रखने की सिती में रहा घटना में किसी बड़े नुकसान या जान माल के नुकसान की खबर नहीं है
01:15लेकिन असली मामला टकर से जादा उस सवाल का है कि आखिर दोनों देशों की ये दुपोत इतने करीब आये
01:22ही क्यों भारत ने इस घटना को लेकर पाकिस्तान के सामन
01:25ने आपचारिक विरोध दर्ज कराया है भारती पक्ष ने 1991 में हुए एक समझोते का भी हवाला दिया है इस
01:32समझोते के मुताबिक अंतराष्टिये समुद्री छेत्र में भारत और पाकिस्तान के नौसेनिक जहाजों और पंडुबियों को एक दूसरे के तीन
01:40समुद्री मील
01:41के भीतर नहीं आना चाहिए ताकि किसी तरह की दुगटना से बचा जा सके यानि समुद्र में जहाजों की दूरी
01:48को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही नियम बना हुआ है लेकिन इस कहानी को समझने के लिए
01:55करीब 15 साल पीछे जाना होगा साल था 2011 उस वक्त भारती �
02:21पाकिस्तानी जहाज ने सुरक्षित समुद्री दूरी दूरी और दिशा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया दोनों जहाजों के बीच
02:27संपर्क हुआ
02:28और आएनेस गोदावरी के हेलिकॉप्टर डेक के पास लगी सुरक्षा जाली को मामली नुकसान भी पहुचा था उस समय भी
02:36मामला तुरंट खतम नहीं हुआ था भारत ने पाकिस्तान के सामने आपचारिक विरोध दर्ज कराया था ततकालिन रक्षा मंतरी एके
02:43एंटेनी �
03:12बाद में संसद में इस घटना की जानकारी भी दी थी।
03:14सामने आने लगे हैं, दोनों घटनाओं में एक समानता दिखाई देती है, दोनों बार मामला अंतराश्टिये समुद्री छेत्र से जुड़ा
03:21हुआ था, दोनों घटनाओं में भारतिये और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज एक दूसरे के बेहत करीब आये और दोनों मामलों मे
03:28समुद्री शुरक्षा और तैय नियमों के पालन को लेकर सवाल उठा था, फर्क बस इतना है कि 2011 में घटना
03:35समुद्री डकैती के खिलाब चल रहे अभियान के दोरान हुई थी, जबकि इस बार भारती युद्पोत नियमित निगरानी अभियान पर
03:42था, मुझूदा घटना
03:43में अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारत ने इसे हलके में नहीं लिया
03:50है, पाकिस्तान के राजनईक प्रतनिधी को बुला कर आपचारिक विरोप दर्ज कराया गया है, यही इस पूरे मामले का सबसे
03:57महतपूर हिस्सा भी है, क्यों
04:12पूतनी तिक मुद्दा बन सकती हैं, 15 साल पहले आईनस गोदावरी और पी एनस बाबर की टक्कर के बाद भी
04:18मामला विरोध और जवाबी दाओं तक पहुचा था, अब दोजार चाबिस में पी एनन हुनैन और भारती अदुपोत के बीच
04:26हुई टकर ने उसी पुराने घ�
04:40प्रतना को लेकर आरोप, प्रत्यारोप और भी बढ़ते हैं, समुद्र में जहाजों की दूरी कुछ समुद्री मील हो सकती है,
04:47लेकिन भारत और पाकिस्तान के मामले में इन जहाजों की वीच की हर दूरी का मतलब बहुत बड़ा हो सकता
04:54है, और यही वजा है कि 15 साल पुरा
05:10झाल
Comments