00:00यूएस फेड की रेट हाइक, ट्रम्प के 100 प्रतीशद, टारिफ का डर और वॉल स्ट्रीट की गिरावट, इन तीन बड़े
00:08सिगनल्स के बाद क्या इंडिन स्टॉक मारकेट में क्रैश आने वाला था।
00:13लेकिन 17 सेप्टेंबर की सुभा मारकेट खुला तो तस्वीर अलग नजर आई। जिस बड़ी गिरावट किया शंका थी उसके बजाए
00:20सेंसेक्स और निफशी ने लिमिटेड वीकनेस के साथ कारोबार शरू किया और जल्द ही ग्रीन जोन में पहुँच जाते हैं।
00:27आखिर ग्लोबल टेंशन के बावजूद इंगिन मारकेट ने प्रेशर को कैसे हैंडल किया।
00:58इसके बाद यूएस फेडरल फंड्स रेट 3.75 से 4 फीजिती की रेंज में बहुत जाता है।
01:05ये तीन साल से जादा समय के फेड की पहली रेट हाइक है।
01:09रूटर्स के मताबिक माने तो फेड ने आगे भी रेट हाइक की संभावना का संकेत दिया है।
01:15अब इसका असार इंडिया पर क्यों पढ़ता है आए जानते हैं।
01:18यूएस में इंट्रूस ट्रेट बढ़ने पर डॉलर और अमेरिकन आसिद्स ग्लोबल इंवेस्टर्स के लिए ज्यादा अट्राक्टिव हो जाते हैं।
01:25इसी इमर्जिन मार्केट से फॉरन इंवेस्टमेंट पर प्रेशर आ सकता है।
01:29यानि फेड का डिसेजन इंडियन इक्विटीज के साथ साथ रुपी के लिए भी इंपोर्टन बन जाता है।
01:35इसी बीच रशियन ओईल को लेकर भी एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ।
01:55डॉनल्ड ट्रम्प को 100% तक टारिफ लगाने का अधिकार देने वाला प्रोविजन है।
02:01इंडिया और चीन के बीच जैसे बड़े रशियन ओईल बायस इस वजहां से इसको फोकस मिले रहे हैं।
02:07लेकिन या एक क्लारिफिकेशन जरूरी है कि इंडिया पर 100% तारिफ अभी लगा नहीं है।
02:12फिलाल बात उस लेजिसलेशन की है जो ट्रम्प जैसी कारवाई को अधिकार देता है।
02:18तो मार्केट ओपन होने पर क्या हुआ।
02:21रिपोर्ट की माने तो बुद्वार को सेंसेक्स 3.32.63 पॉइंट्स की तेजी के साथ 74.336 और 455 पर
02:31क्लोज हुआ था।
02:32थर्स्टे मॉर्निंग सेंसेक्स करीब 74.182 पर खुला।
02:37शुरुआत में गिरावट दिखी लेकिन इंडेक्स ने जल्दी रिकवरी की और रिपोर्ट अपडेट होने तक करीब 74.523 के आस
02:45पास ट्रेट कर रहा था।
02:46निफ्टी ने भी 23.276 और 60 के प्रिवियस क्लोज की मालूमी में वीकनेस के साथ खुलाई करी लेकिन जल्द
02:56ही 23.300 पर चला जाता है।
02:59रूटर्स की अर्ली मार्केट रिपोर्ट में सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट लिमिटिड थी।
03:04निफ्टी ने करीब 0.1 फीज दी और सेंसेक्स ने करीब 0.2 एक फीज दी नीचे था।
03:13यानि ग्लोबल सिगनल्स के बावजूद इंडियन मार्केट में ओपनिंग पर कोई बड़ा क्रैश नहीं दिखा।
03:18लेकिन प्रेशर के फैक्टर्स अभी भी मौजूद है।
03:20ब्रेंट क्रूट करीब 106 डॉलर पर बैरल के आसपास था।
03:25स्ट्रेट ओफ हर्मूस को लेकर जियो पॉलिटिक स्टेंशन इंडिया के इंपोर्ट बिल पर प्रेशर बढ़ा सकती है।
03:31रुपी पे भी 96 पर डॉलर एक लेवल के आसपास भी प्रेशर में है।
03:37साथी फॉरण institutional investors यानि जो selling भी market में sentiment को affect कर सकती है।
03:44जब की domestic institutional investors यानि D.I.I.S की buying market को support दे रही है।
03:50तो फिलाल story सिरफ market crash की नहीं बलकि global uncertainty के बीच इंडियन market के response की है।
03:57US Fed की tight policy, Russian oil पर potential tariff, high crude prices और rupee की movement।
04:04आने वाले सेशन्स में इन्वेस्टर्स की इन सब पर नजर रहने वाली है
04:0917 सितंबर को ओपनिंग ने फिलाल एक बात क्लियर कर दी कि ग्लोबल प्रेशर के बावजूद इंडियन मार्किट ने बड़ी
04:15गिरावट के साथ शुरूआत नहीं करी
04:17मार्किट से जुड़ी अपडेट्स के लिए देखते रहे वानिंडिया हिंदी को
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