00:03संतान सप्तमी का वरत इस साल 18 सतंबर दिन शुक्रवार को रखा जा रहा है।
00:30और संतान प्राप्ती की कामना रखती हैं। साथ ही ऐसी माय जिनके संतान किसी तरह के रोग या शारिक परिशानी
00:37से जूज रहे हैं।
01:00धागों को मिलाकर एक धागा बना सकते हैं। धागे को अपने हाथ की लंबाई के अनुसार काट ले। इसमें क्रम
01:05से साथ गाठे लगाए।
01:07प्रतेक गाठ लगाते समय भगवान श्रव के मंत्र ओम नमश्रवाय या संतान देही धनम देही का ध्यान करें।
01:14गाठे लगाने के बाद इस धागे को हल्दिया केसर के घोल में अच्छी तरह से डुबो कर पीला कर ले
01:20और सूखने दे।
01:21दोरे का पूजन पूजा मुहुर्त में ही करना होगा।
01:24सबसे पहले तो भगवान श्रव, पार्वती और गणेशी की पूजा करें।
01:28पूजा के दोरान ही तैयार की हुई साथ गाठे वाले दोरे को भगवान के समक्ष रख दें।
01:34दोरे पर रोली, अक्षर, चंदन, पीले, फूल, अरपत करें, धूप, दीप दिखाएं, आटे और गुडिया चीनी से बने, साथ मीठे
01:41पूए दोरे के पास भोग के रूप में रख दें।
01:43वही कथा और आरती समाप्त होने के तुरंत बाद पूजास्थल पर बैठ कर ही दोरा धारन कर लें।
02:17पूरे साल उसे वही रहने दें, जब आप नया डोरा बना लें, तो पूराने वाले को विसरजित कर दें।
02:43साथ शक्तियों का भी प्रतीक है, जो संतान को दीरगायू प्रदान करती है।
02:48फिलहालस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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