00:03पंचांग के नुसार भादर्पद मास के शुक लुपक्ष की सब्तमी तिथी 17 सितंबर 2026 को सुबद 10 बचकर 48 मिनट
00:12से शुरू हो रही है और 18 सितंबर को दो पहर एक बजे तक समाप्त होगी
00:17उद्या तिथी के आधार पर संतान सब्तमी वरत 18 सितंबर 2026 दन शुकरवार को पढ़ रहा है आईए इस वीडियो
00:24में जानते हैं संतान सब्तमी की पूजा कैसे करें इस दन किन नियमों का आपको पालन करना होगा
00:29संतान सब्तमी पूजा के लिए सबसे शुमुहरत की बात करें तो दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 57
00:36मिनट तक का समय है इस दोरान भगवान अशव, माता पारवती और भगवान गनेश की पूजा करने का विधान है
00:42वही संतान सब्तमी की पूजा में कुछ जरूरी चीजों का होना आवश्यक है जैसे कि भगवान अशव, माता पारवती और
00:49गणेशी की तस्वीर या प्रतिमा, जल, पंचामरत, बेल, पत्र, फूल, अक्षत, रोली, या कुमकुम, धूप और दीपक, फल, मिठाई, दूर
01:12मिठी, पूरी या पूआ बनाकर भगवान को अर्पित करने की भी परंपरा है।
01:44माता पारवती को रोली, अक्षत, फूल, और सुहाग सामगरी चड़ाई, धूप दीप जलाई, साथ मिठी, पूए और पंचमेवा या फल
01:51भगवान को नेवेति की रूप में अर्पित करें।
02:13पूजा के बाद भी कर सकते हैं, या फिर अगले दिन सूर्यदे के पश्रात भी।
02:17फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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