00:04रोटी ये चपाती भारतिये घरों के खाने का एहम हिस्सा है।
00:30फिरिज में रखने के बावजूद आटा काला क्यों पढ़ जाता है।
01:00रंग हलका गहरा या ग्रे दिखाई दे सकता है।
01:02गेहु में मौझूद नैचरल एंजाइम भी इस से बदलाव में भूमिका निभा सकते हैं।
01:06आटा गुंदने के बाद भी या एंजाइम पूरी तरहां खत नहीं होते और समय के साथ आटे के रंग और
01:11बनावट में बदलाव ला सकते हैं।
01:13फ्रिज का ठंडा तापमान इस प्रोसेस को धीमा जरूर करता है लेकिन हमेशा पूरी तरहां रोक नहीं पाता।
01:18आटा गुंदते वक्त पानी की मातरा का ध्यान रखना भी जरूरी है। जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर आटा बहुत
01:24नरम और नम हो जाता है।
01:25ज्यादा नमी की वज़ा से उसमें होने वाली रसाइनिक और जैविक प्रक्रियाएं तेज हो सकती हैं जिससे रंग और टेक्शर
01:31में बदलावाने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लावा गर आटा बहुत देर तक रखा हुआ है तो उसमें धीरे
01:36धीरे खमीर उठने �
01:37या फर्मेंटेशन की प्रकरिया शुरू हो सकती है ऐसे में आटे का रंग थोड़ा गहरा होने के साथ उसमें हल्की
01:42खटी गंद भी आ सकती है। गुदे हुए आटे को जिस बरतन में रखा जा रहा है उसकी सफाई का
01:47भी ध्यान रखें। अगर कंटेनर साफ नहीं है तो उ
02:03इसनी आटे खरीदते वक्त उसकी ताजगी और अच्छी क्वालिटी का ध्यान रखना जरूरी है। गूते हुए आटे को फ्रिज में
02:09रखने से पहले उसकी सतह पर तेल की बहुत पतली परत लगा सकते हैं। तेल आटे और हवा के सीधे
02:14कॉंटेक को कुछ हद तक कम करता है
02:16जिससे ऑक्सिडेशन की प्रोसेस धीमी हो सकती है। इसके साथ ये आटे की सतह सूखने से भी बचती है। ध्यान
02:21रखें कि तेल की बहुत ज्यादा मातरा लगाने की जरूरत नहीं है। बस इतनी मातरा परियाप्त है कि आटे की
02:26पूरी सतह पर हलकी कोटिंग हो जाए। आ�
02:45जिज में रखा आटा भी हमेशा के लिए सेफ नहीं रहता। बहतर है कि गुथे हुए आटे को करीब 12
02:49-24 घंटे के अंदर इस्तिमाल कर लिया जाए। ज्यादा देर तक रखा हुआ आटा इस्तिमाल करने से पहले उसकी गंद,
02:55रंग और बनावट जरूर जांच लें। अ�
03:15हुआ हुआ है
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