00:08जो गल्वान में घटना हुई थी उसके बाद चीन सेना को लेकर काफी रोश है भारतिय सेना में तो अभी
00:14ये चर्चा किस तरफ चल रही है और सकारतमक्तर से किसे दिए हम भी जनता में गुंते हैं जनता को
00:20पूरा भरोसा है और कुछ जीजे इसी सम्वेधन सिल होती है जिसक
00:24प्रगट स्वरुप से बताने में ना देश का ही थे ना सेना का ही भारत और चीन के रिष्टों में
00:30अचानक आई गर्माहट को देखकर एक सवाल बार बार उठ रहा है क्या चीन सच में भारत के साथ रिष्टे
00:37सुधारना चाहता है या फिर उसके पीछे कोई बड़ी रणि
00:53रहाने बॉर्डर पर शांती बनाए रखने और रिष्टों को आगे ले जाने की बात कर रहा है इतना ही नहीं
01:00भारत के रक्षा मंत्राले की ताजा रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि उत्तरे सी माओं पर चीन की
01:06पीले तैनाती 2005 को दौरान काफी कम होई है तो क्या चीन
01:16को इस समय भारत की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस हो रही है नमस्कार मैं हूं रिचा पराशर और आप
01:23देख रहे हैं One India Hindi सबसे पहले बात करते हैं उस बदलाव की जिसने पूरी तस्वीर बदल दी है
01:2912 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्तधान मंत्री मोधी और चीन के र
01:46कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए लेकिन साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया कि
01:52सीमा पर पीस एंड ट्रंक्वालिटी यानि कि शांति और स्थिर्ता रिष्टों को आगे बढ़ाने की बुनियादी शर्त है दोनों देशों
02:00ने सीमा वि�
02:15लेकिन असली सवाल है कि चीन इसके लिए तयार क्यों दिखाई दे रहा है इसका जवाब समझने के लिए हमें
02:222020 में जाना होगा गलवान में निंसक जड़ब के बाद भारत और चीन के रिष्टों में भारी गिरावट आई थी
02:30एलसी पर दोनों देशों ने बड़े पैमाने पर सैनिक देनात किये पैगोंग सो गोगरा हट स्प्रिंग्स गलवान देपसांग और डेम
02:41चोक जैसे इलाकों में तनाव बढ़ा दोनों देशों के भी इच बाची जारी रही लेकिन सैन तनाव पूरी तरह कत्म
02:48ही नहीं हु
02:50में देपसांग और डेम चोक को लेकर एक एहम पेट्रोलिंग एग्रिमेंट हुआ इसके बाद डिस इंगेजमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ी
02:58और लंबे समय से चले आ रहे हैं सैने गतिरोद को कम करने की दिशा में महत्वकून कदम उठाया गया
03:05अब 2026 में तस्वीर औ
03:17में उलेखनिया कमी आई है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ने एलसी से अपनी सैने मौजूद की
03:25खत्म करती है रिपोर्ट के मताबिक अभी भी करीब 10 कॉमबाइंट आम्स ब्रिगेड साइज्ट फॉर्मिशन एलसी के आसपास और ट्रेडिशनल
03:35ट्रेनिंग एरिया
03:35में मौजूद है आनि की सैने कम हुए है लेकिन चीन की मिलिटरी कपैबिलीटी जो है और इंफ्रस्ट्रक्चर वहां बना
03:43हुआ है इसलिए से चीन का पूरी तरह पीछे हटना कहना जल्दबाजी होगी अब आते हैं उस बड़े सवाल चीन
03:51को भारत की जरुरत क्यों पड़
04:06निकरन साकरे के पीछे एक बड़ा इंबैलन्स भी है भारत ने चीन से करीब 112 अरब जॉलर का सामान आयात
04:14किया जबकि भारत का चीन को निर्यात काफी कम रहा यानि चीन भारत के लिए बड़ा सप्लायर है और भारत
04:20चीन के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में
04:23आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थवयवस्थाओं में है ऐसे समय में चीन के लिए भारत के
04:30बाजार से दूरी बनाना आसान नहीं है क्योंकि चीन भी बहुत पॉपिलेटेट कंट्री है और सिर्फ बाजार की बात नहीं
04:36है दुनिया सप्लाइ�
04:37चेंज को लेकर जिस तरह बदल रही है उसमें भारत की भूमी का तेजी से बढ़ रही है एलेक्ट्रोनिक्स फार्मास्यूटिकल्स
04:44ऑट्यमबिल्स केमिकल्स रेनवेबल एनरजी और मैनुफैक्ट्रिंग रसेक्षेत्रों में भारत निक्षमता बढ़ा रहा है चीन अगर
05:07अमेरिका के साथ टेक्नोलोजी ट्यार्स रेयरोड्स सप्लाई च्रेंज और स्ट्रेजिक कॉंपिटिशन जैसे चुनोतियों का सामना कर रहा है सितंबर 2016
05:16में भी अमेरिका और चीन के बीच विया पार और टेक्नोलोजी को लेकर तनाव बना हुआ है ऐसे समय में
05:22बीजिंग
05:36और टोनॉमी भी बरकरार रखी है यही चीन के लिए एहम है अगर चीन भारत के साथ रिष्टे सुधारता है
05:43तो वो सिर्फ भारत के साथ बाइलेटरल रिलेशन्स नहीं सुधार रहा बलकि एशिया में अपने स्ट्राडेजिक स्पेस को भी मजबूत
05:51कर रहा है तीसरी वज
06:05ब्रिक्स की अगली अज्यक्षता चीन के पास चली गई है याने वाले दौर में दोनों देशों को इसी मल्टी लेटरल
06:12प्लाटफॉर्म पर साथ काम करना होगा ब्रिक्स में ट्रेड लोकल करेंसे पेमिन सिस्टेम एयाई एनरजी और ग्लोबल साउट जैसे मुद्दे
06:21ते
06:3526 में चीन की एकनॉमी में कुछ ऐसे संकेत सामने आये हैं जब बताते हैं कि डिमस्टिक डिमांड अभी मजबूत
06:42नहीं है अगस्त में रीटेल सेंस ग्रोथ सिर्फ 0.4 प्तिशत रही जबकि प्रॉपर्टी सेक्टर की कमजोरी जारी रही ऐसे
06:51महाल में एक्सपोर्ट और ए
07:05साथ अपने सभी विवाद खतम कर दिये हैं बलकि ज्यादा सही तस्वीर ये है कि दोनों तेशों ने ये समझा
07:12कि लगतार टकराओ की कीमत दोनों के लिए भारी पड़ रहा है लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि
07:18भारत ने चीन पर भरोसा करना शुरू कर दिया है क्योंक
07:35और उसे साथ तिबट यानि की जेंगनान कहता है भारत इंदाव को स्विकार नहीं करता इसके अलावा डोकलाम का मुदा
07:43भी याद कीजिए
07:442017 में भारत और चीन के बीच डोकलाम में करीब 73 दिन दर सैन ने गती रोध रहा था इसलिए
07:51भारत चीन का सीम अमावला नहीं था बलकि भूटान और रणनेतिक रूप से बेहत समय दंशील सिलीगोरी कॉरिडॉर जिसको हम
07:58अपना चिकन नेक भी कहते हैं उसके आस-पास की स
08:01रख्षा से भी जुड़ा था पिर 2020 का गल्वान इसलिए आज अगर चीन की सैनिकों की तैनाती कम हो रही
08:09है या भारत के साथ वेपार बढ़ाने की बात हो रही है तो भारत के लिए इसका मतलब यह नहीं
08:15है कि LSE पर खत्रा कम हो गया है या खत्म हो गया है भारत का रुप भ
08:30भारत एकनॉमिक कॉपरेशन चाहता है लेकिन बॉर्डर पीस की कीमत पर नहीं और अब इसका सबसे बड़ा उदारण है व्यापार
08:3914 सितंबर को भारत और चीन के कॉमर्स मनिस्टर्स की बीच बैठे खवी दोनों पक्षों ने एकनॉमिक और ट्रेड कंसर्न्स
08:48को बैलेंस्
08:49करीके से अड्रस करने पर सहमती जताई तो क्या भारत चीन की दोस्ती वापस आ गई है इसका जवाब पूरी
08:59तरह से हा तो नहीं हो सकता लेकिन नहीं जरूर हो सकता है यह शायद नहीं कह सकते हैं इसे
09:04इसे दोस्ती से ज्यादा स्ट्राजिक रीसेट कहना सही होगा चीन को �
09:09का बाजार चाहिए भारत को चीन से सप्लाई चेंज और व्यपारिक संतुलन पर बाचीत करनी है तो उनों को ब्रिक्स
09:15जैसे मंचों पर साथ काम करना है दोनों देश नहीं चाहते कि लेकिन दूसरी तरह भारत चीन की मिलिटरी के
09:25विबिलिटी बॉडर इंफ्रास्ट्रक्�
09:30यानि तस्वीर कुछ ऐसी है कि हाथ मिल रहे हैं लेकिन नजरें सीमा पर हैं चीन का भारत के करीब
09:37आना उसकी कमजोरी का प्रमाण नहीं है ये उसकी जरूरत और रणितिक गणित का हिस्सा भी हो सकता है और
09:43भारत के लिए भी चीन से बाचीत करना किसे जुकाव का संकेत न
09:59समय के लिए भरोसे मंद शांती कायम करेगा क्या देपसांग और देमचोक के बाद बाकी बाउंडरी नेगोसियेशन भी आगे बढ़ेंगी
10:08क्या व्यापार बढ़ेगा लेकिन भारत का ट्रेड डिफिसिट कम होगा और सबसे बड़ा सवाल क्या चीन भारत को एक कॉंपे�
10:28बढ़ेश्टों के असली कहानी अब सिर्फ दोस्ती या दुश्मनी की नहीं है यह कहानी है कॉंपेटिशन के बीच कॉपरेशन की
10:35और फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ब्रिक्स के बाद चीन भारत के करीब आया है लेकिन भारत
10:42ने अपने दरवाजे खोले हैं अपन
10:45नहीं आखे बंद नहीं की है और यह बेहद ही जरूरी है कास करके चीन जैसे देश के साथ इस
10:53कबर में इतना ही नई अपडेट्स के लिए देखते रही है वने जैंदी
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