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BRICS Summit 2026 में China की रणनीति और BRICS को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने के आरोपों पर भारत का रुख चर्चा में है। Xi Jinping और PM Modi की मौजूदगी के बीच BRICS की दिशा, चीन का एजेंडा और भारत की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। क्या China BRICS को अपने प्रभाव का बड़ा मंच बनाना चाहता है? भारत ने इस पर क्यों नाराजगी जताई और BRICS के भविष्य को लेकर क्या बड़ा संदेश सामने आया? इस वीडियो में BRICS Summit 2026, China, India, Xi Jinping, PM Modi और बदलती वैश्विक राजनीति से जुड़े पूरे घटनाक्रम को आसान भाषा में समझिए।
BRICS Summit 2026 is witnessing a major debate over China’s growing influence within the bloc. With Xi Jinping and Prime Minister Narendra Modi in focus, questions are being raised over whether China is trying to use BRICS to advance its own strategic interests. Why did India object, and what is New Delhi’s response to Beijing’s approach? This video explains the latest developments surrounding BRICS Summit 2026, India-China relations, China’s BRICS strategy, PM Modi, Xi Jinping and the changing balance of power in global politics.

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~HT.178~PR.540~ED.110~GR.508~VG.HM~

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00:00वर्ल्ड मीडिया में मैं देख रहा था कि कौन क्या लिख रहा है इस पर तो बहुत साय देशों ने
00:05के आखवारों ने ये लिखा है कि भारत की कूटनितिक सफलता थी अलगलंग नजरिये वारे देश थे इरान भी था
00:12सौधियरब भी था चीन दूस भी था और सबका एक साज
00:27चाहता है कि ब्रिक्स का विस्तार हो इसे और ताकतवर बनाया जाए और भारत अलग रुख है भारत चाहता है
00:33कि इसे अमेरिका विरोधी गुट ना बनाया जाए बलकि कैसा गुट बनाया जाए जो विकाशिल देशों का एक सहयोग मंच
00:40हो तो फैंसल टेंस का एक कहना है कि
00:43भारत और पाकिस्तान की ब्रिक्स को लेके राय अलग-अलग है ऐसे ही बहुत सारे और अख़बारों ने भी बहुत
00:48कुछ लिखा है आपका मानना क्या है सर एक सफल आयोजन रहा इसकी बाद तो सब कर रहे हैं लेकिन
00:53क्या उद्देशों की पूर्ती करने वाला आयोजन रहा �
00:56इसके दूरगामी परिणाम क्या रहेंगे वैभब जी जहां तक अमेरिका विरोध है प्रत्यक्ष में और अप्रत्यक्ष में पूतिन शिंग जिंग
01:09पिंग और
01:11मोदी जी ने और दूसरे नेताओं ने बार-बार इस पर एंपेसिस दिया कि इसमें कोई भी अमेरिका विरोधी या
01:17एंटी-वेस्ट एजेंडा नहीं है
01:19हम एक ठीक है अगर हम वैपार जादा करते हैं जाहिर बात है अच्छी बात है और चीन का और
01:29रूस का भी पूरा फोकस शत्प्रदिश्यत फोकस था वैपार वानिजे ट्रेड इंडस्ट्री फाइनेशियल ट्रेड आफ्स चीन बड़ा मार्केट चाहता है
01:42भारट ज बड़
01:52लेकिन बहुत बड़ा टेक मैं कह सकता हूँ सबसे बड़ा टेक की रहा कि अब इन तीनों देशों ने मिलकर
02:01इरान को एक खास जगह दी पैजिश्कियन भारत में आई और मुदीजी से मिले और उनको हमने बाकी निताओं के
02:10बराबर का दर्जा दिया दूसरी बात पैजिश
02:19को एक संदेश दिया है कि हम एरान के खिलाप नहीं है, एरान हमारा बंदू देश है. लेकिन उस totally
02:29पीछे से अख़बार अख़बार में तो डिप्लोमसी होती नहीं है. पीछे से अमेरिका की एंबेसी पहले से हिए, इसके 15
02:39दिन पहले, ब्रिक्स के साथ दिन पहले ही अ�मे
02:40अमरीका की एम्बेसी और इसराइल की एम्बेसी को बता दिया गया था कि ब्रिक्स की छत्रचाय में इरान, सौधी, UAE
02:48सारे देश हैं. तो इसराइल और अमरीका अन्यता ना लें, घबरा ना जाएं जब मोदी जी पेजिशकेल से हाग मिलाते
02:58हैं. और इसराइल हमारे point of view को प
03:10मोबेश दुश्मनी नहीं है. दोस्ती है. भारत को कुछ सहूलेतियां चाहिएं इरान से, जो कि युद्ध के बाद इरान हमें
03:22देगा. जी है. बिल्कुल. कोचर सर के पास सेलते हैं. कोचर सर, चायना डेली चायना का ख़बार है. वो लिख
03:31रहा है कि ब्रिक्स बदल सकता ह
03:33है. दुनिया में ताकत का संतुलन. सीधे तोर पर इस अख़बार के कहना है कि अगर भारत और चीन और
03:40बाकी दुनिया के विकास सिल देशात में आ जाएं तो अमेरिका के दबदबे को चिनोती दिया सकती है. चीन का
03:45सरकारी अख़बार है. ग्लोबल टाइम्स वो भी लिख
04:00चाहिए एक ताकतवार संगठन ब्रिक्स को बनाना चाहिए. और भारत का फोकस है कि कि किसी खेमे में जाने की
04:06बजाए हम साथ में विकासिल देश साथ में आए और आपस में सहीयोग करें आगे बढ़ें. क्या मानना है सर
04:14आपका? क्या सच में चीन और भारत एक नहीं है ब्
04:30इसको तक ब्रिक्स को यूज है गाम आपने वान को मजबूत कर देंगे विकॉर्थ देखे आज अगर आप करन्सी को
04:37देखे में 52.1 परसंत वर्ल्ट का ट्रेड आपका ड्रेला में होका है और 1.89% आपका ट्रेड आपका
04:47यूश्ब करेड आपका यूआन में होका है और आ�
05:00इसको कहानिया लोग इसको बोलते हैं ब्रिक्ष में बहुत बड़ी बात है बट नोवेर नियर ब्रिक्ष इस टू चैलिज्ट है
05:11जिमोन ऑफ अमेरिका इसलिए ट्रॉंप बार बार टैरेफ यह वो दादगिरी कर सकता है चाहिना नहीं कर सकता दादगिरी बिकॉज
05:21उसका तो
05:23बार टैरेफ यह वो दादगिरी करा बट चाहिना इस एक ग्रेट एक पापर हंडडर एंड फिफ्टी वन कंट्रीज में चाहिना
05:37का बेंट रोड इनिशेट चलता है वर्ड की थर्टी वन परसंट मैनुफेक्ट्ट्रिंग जो है वो चाहिना में रोटी तो चाहिना
05:46बहुत
05:46आगे की सोचते हैं देखे चाइना की स्ट्राडिजी को आप कभी भी नहीं समझता है और उसको आपको समझने के
05:54लिए आपको बहुत बीप जाना पड़ता है उनके सोच में कि वो लोग सोचते कैसे और इसको यहीं पर भारत
06:01बात खाता है हमेशना वो पेरिफरल चीज़ के
06:07हाथ पकड़ लिये जूला जूल लिया इस टाइप की चीजों में हमारा मीडिया जो है वो पागल होता है
06:23सब्सक्राइब करने के लिए अपने को और पूरे वर्ल्ड में मजबूत करने के लिए अब आप देखिए पॉपलेशन के अगर
06:37बात करते हैं अब आपके इंडिया और चाइना एक गुट में आ जाता है तो वो इसको पॉपलेशन ऑटमेटी परसंट
06:45बन जाती है
06:47तो उसको एक्शली बोलना के इसको 50% पॉपलेशन होता है आपकी दो कंट्रीज ही आपकी भारी कंट्रीज है पॉपलेशन
06:54की के वो डॉपनेट करेंगी अगर वो कोई भी ग्रूपिंग में आ जाएंगे और इसका जी सेवन के साथ तो
07:01कंपेर आप करी नहीं सकते हैं तो मे
07:16तो उससे अमेरिका को एक कंट्रीटेशन होगा और आप जानते हैं लास्ट जब बिक्स मीट हुए थी और उसके बिक्स
07:25करेंशी की बात की तो अमेरिका ने धंकी दी थी के तारिफ 100% करेंशी की बात करेंगा मैं उसको
07:33पर सैंक्शन लगाता हूँ
07:39तो इस बार ब्रिक्स वेरी केरफूल एंड इंडिया वेरी केरफूल कि यह इंडिया में हो रहा है ऐसी को स्टेट
07:47में निकल नहीं नहीं चाहिए जिससे अमेरिका को लेंगे कि हम उसकी है जमान को करतें तो मुझे यह एक
07:55कॉन्फिक नजर आता है चाइना की नजरिये में �
07:58और इंडिया की दजरिये में और यह इसको देखते हैं ही कॉन्फिक आंगे कातर चाहिए बिलकुल अभे बिलकुल मैं इसी
08:06बात पर ये भी कहना चाहूंगा कि देखे दोनों एक्सपर्ट्स ने ब्रिक्स के जो मेजर पॉइंट्स से वो कवर किये
08:11लेकिन एक चाइना किस त
08:29बनना चाहिए और इसको फेसिलिटेट चाइना चाइनीज इंडिस्ट्री चाइनीज एक्सपर्ट ये करने के लिए रही है तो हमने देखा था
08:37कि इससे पहले भी चाइना से जो डिफरेंट लाज लैंग्विज मॉडल से लेलिम साते थे अभी भी आ रहे हैं
08:44अमेरिकन इं�
08:57से अमेरिकन अलगले स्टेट में काफी बड़ा घमासान चल रहा है कि डाटा सेंटर चाहिए नहीं होने चाहिए फिर ट्रंप
09:04और उनके जो एक तरीके से जारेट कुष्णर है वो भी यही बोलते है कि डाटा सेंटर्स एक कॉस्ट ओफ
09:12इंवार्मेंट फिर भी नेसेसरी है
09:14क्योंकि हमें चाइना से AI रेस में पीचे नहीं रहना है तो चाइना ब्रिक्स को AI विजन दे रहा है
09:19चाइना ब्रिक्स को AI रेस करा लेकिन जैसे कोचर सहर ने कहा कि चाइना इस ऑल्वेज अगर कुछ राशन देगा
09:25तो कुछ भाशन की भी एक्सपेक्टेशन उसकी होगी �
09:29और कुछ भी charity के लिए यहाँ पर विल्कुन नहीं है और इसी तरीके से यह भी important point था
09:34AI के perspective.
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