00:00वर्ल्ड मीडिया में मैं देख रहा था कि कौन क्या लिख रहा है इस पर तो बहुत साय देशों ने
00:05के आखवारों ने ये लिखा है कि भारत की कूटनितिक सफलता थी अलगलंग नजरिये वारे देश थे इरान भी था
00:12सौधियरब भी था चीन दूस भी था और सबका एक साज
00:27चाहता है कि ब्रिक्स का विस्तार हो इसे और ताकतवर बनाया जाए और भारत अलग रुख है भारत चाहता है
00:33कि इसे अमेरिका विरोधी गुट ना बनाया जाए बलकि कैसा गुट बनाया जाए जो विकाशिल देशों का एक सहयोग मंच
00:40हो तो फैंसल टेंस का एक कहना है कि
00:43भारत और पाकिस्तान की ब्रिक्स को लेके राय अलग-अलग है ऐसे ही बहुत सारे और अख़बारों ने भी बहुत
00:48कुछ लिखा है आपका मानना क्या है सर एक सफल आयोजन रहा इसकी बाद तो सब कर रहे हैं लेकिन
00:53क्या उद्देशों की पूर्ती करने वाला आयोजन रहा �
00:56इसके दूरगामी परिणाम क्या रहेंगे वैभब जी जहां तक अमेरिका विरोध है प्रत्यक्ष में और अप्रत्यक्ष में पूतिन शिंग जिंग
01:09पिंग और
01:11मोदी जी ने और दूसरे नेताओं ने बार-बार इस पर एंपेसिस दिया कि इसमें कोई भी अमेरिका विरोधी या
01:17एंटी-वेस्ट एजेंडा नहीं है
01:19हम एक ठीक है अगर हम वैपार जादा करते हैं जाहिर बात है अच्छी बात है और चीन का और
01:29रूस का भी पूरा फोकस शत्प्रदिश्यत फोकस था वैपार वानिजे ट्रेड इंडस्ट्री फाइनेशियल ट्रेड आफ्स चीन बड़ा मार्केट चाहता है
01:42भारट ज बड़
01:52लेकिन बहुत बड़ा टेक मैं कह सकता हूँ सबसे बड़ा टेक की रहा कि अब इन तीनों देशों ने मिलकर
02:01इरान को एक खास जगह दी पैजिश्कियन भारत में आई और मुदीजी से मिले और उनको हमने बाकी निताओं के
02:10बराबर का दर्जा दिया दूसरी बात पैजिश
02:19को एक संदेश दिया है कि हम एरान के खिलाप नहीं है, एरान हमारा बंदू देश है. लेकिन उस totally
02:29पीछे से अख़बार अख़बार में तो डिप्लोमसी होती नहीं है. पीछे से अमेरिका की एंबेसी पहले से हिए, इसके 15
02:39दिन पहले, ब्रिक्स के साथ दिन पहले ही अ�मे
02:40अमरीका की एम्बेसी और इसराइल की एम्बेसी को बता दिया गया था कि ब्रिक्स की छत्रचाय में इरान, सौधी, UAE
02:48सारे देश हैं. तो इसराइल और अमरीका अन्यता ना लें, घबरा ना जाएं जब मोदी जी पेजिशकेल से हाग मिलाते
02:58हैं. और इसराइल हमारे point of view को प
03:10मोबेश दुश्मनी नहीं है. दोस्ती है. भारत को कुछ सहूलेतियां चाहिएं इरान से, जो कि युद्ध के बाद इरान हमें
03:22देगा. जी है. बिल्कुल. कोचर सर के पास सेलते हैं. कोचर सर, चायना डेली चायना का ख़बार है. वो लिख
03:31रहा है कि ब्रिक्स बदल सकता ह
03:33है. दुनिया में ताकत का संतुलन. सीधे तोर पर इस अख़बार के कहना है कि अगर भारत और चीन और
03:40बाकी दुनिया के विकास सिल देशात में आ जाएं तो अमेरिका के दबदबे को चिनोती दिया सकती है. चीन का
03:45सरकारी अख़बार है. ग्लोबल टाइम्स वो भी लिख
04:00चाहिए एक ताकतवार संगठन ब्रिक्स को बनाना चाहिए. और भारत का फोकस है कि कि किसी खेमे में जाने की
04:06बजाए हम साथ में विकासिल देश साथ में आए और आपस में सहीयोग करें आगे बढ़ें. क्या मानना है सर
04:14आपका? क्या सच में चीन और भारत एक नहीं है ब्
04:30इसको तक ब्रिक्स को यूज है गाम आपने वान को मजबूत कर देंगे विकॉर्थ देखे आज अगर आप करन्सी को
04:37देखे में 52.1 परसंत वर्ल्ट का ट्रेड आपका ड्रेला में होका है और 1.89% आपका ट्रेड आपका
04:47यूश्ब करेड आपका यूआन में होका है और आ�
05:00इसको कहानिया लोग इसको बोलते हैं ब्रिक्ष में बहुत बड़ी बात है बट नोवेर नियर ब्रिक्ष इस टू चैलिज्ट है
05:11जिमोन ऑफ अमेरिका इसलिए ट्रॉंप बार बार टैरेफ यह वो दादगिरी कर सकता है चाहिना नहीं कर सकता दादगिरी बिकॉज
05:21उसका तो
05:23बार टैरेफ यह वो दादगिरी करा बट चाहिना इस एक ग्रेट एक पापर हंडडर एंड फिफ्टी वन कंट्रीज में चाहिना
05:37का बेंट रोड इनिशेट चलता है वर्ड की थर्टी वन परसंट मैनुफेक्ट्ट्रिंग जो है वो चाहिना में रोटी तो चाहिना
05:46बहुत
05:46आगे की सोचते हैं देखे चाइना की स्ट्राडिजी को आप कभी भी नहीं समझता है और उसको आपको समझने के
05:54लिए आपको बहुत बीप जाना पड़ता है उनके सोच में कि वो लोग सोचते कैसे और इसको यहीं पर भारत
06:01बात खाता है हमेशना वो पेरिफरल चीज़ के
06:07हाथ पकड़ लिये जूला जूल लिया इस टाइप की चीजों में हमारा मीडिया जो है वो पागल होता है
06:23सब्सक्राइब करने के लिए अपने को और पूरे वर्ल्ड में मजबूत करने के लिए अब आप देखिए पॉपलेशन के अगर
06:37बात करते हैं अब आपके इंडिया और चाइना एक गुट में आ जाता है तो वो इसको पॉपलेशन ऑटमेटी परसंट
06:45बन जाती है
06:47तो उसको एक्शली बोलना के इसको 50% पॉपलेशन होता है आपकी दो कंट्रीज ही आपकी भारी कंट्रीज है पॉपलेशन
06:54की के वो डॉपनेट करेंगी अगर वो कोई भी ग्रूपिंग में आ जाएंगे और इसका जी सेवन के साथ तो
07:01कंपेर आप करी नहीं सकते हैं तो मे
07:16तो उससे अमेरिका को एक कंट्रीटेशन होगा और आप जानते हैं लास्ट जब बिक्स मीट हुए थी और उसके बिक्स
07:25करेंशी की बात की तो अमेरिका ने धंकी दी थी के तारिफ 100% करेंशी की बात करेंगा मैं उसको
07:33पर सैंक्शन लगाता हूँ
07:39तो इस बार ब्रिक्स वेरी केरफूल एंड इंडिया वेरी केरफूल कि यह इंडिया में हो रहा है ऐसी को स्टेट
07:47में निकल नहीं नहीं चाहिए जिससे अमेरिका को लेंगे कि हम उसकी है जमान को करतें तो मुझे यह एक
07:55कॉन्फिक नजर आता है चाइना की नजरिये में �
07:58और इंडिया की दजरिये में और यह इसको देखते हैं ही कॉन्फिक आंगे कातर चाहिए बिलकुल अभे बिलकुल मैं इसी
08:06बात पर ये भी कहना चाहूंगा कि देखे दोनों एक्सपर्ट्स ने ब्रिक्स के जो मेजर पॉइंट्स से वो कवर किये
08:11लेकिन एक चाइना किस त
08:29बनना चाहिए और इसको फेसिलिटेट चाइना चाइनीज इंडिस्ट्री चाइनीज एक्सपर्ट ये करने के लिए रही है तो हमने देखा था
08:37कि इससे पहले भी चाइना से जो डिफरेंट लाज लैंग्विज मॉडल से लेलिम साते थे अभी भी आ रहे हैं
08:44अमेरिकन इं�
08:57से अमेरिकन अलगले स्टेट में काफी बड़ा घमासान चल रहा है कि डाटा सेंटर चाहिए नहीं होने चाहिए फिर ट्रंप
09:04और उनके जो एक तरीके से जारेट कुष्णर है वो भी यही बोलते है कि डाटा सेंटर्स एक कॉस्ट ओफ
09:12इंवार्मेंट फिर भी नेसेसरी है
09:14क्योंकि हमें चाइना से AI रेस में पीचे नहीं रहना है तो चाइना ब्रिक्स को AI विजन दे रहा है
09:19चाइना ब्रिक्स को AI रेस करा लेकिन जैसे कोचर सहर ने कहा कि चाइना इस ऑल्वेज अगर कुछ राशन देगा
09:25तो कुछ भाशन की भी एक्सपेक्टेशन उसकी होगी �
09:29और कुछ भी charity के लिए यहाँ पर विल्कुन नहीं है और इसी तरीके से यह भी important point था
09:34AI के perspective.
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