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BRICS Summit 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और मजबूत बहुपक्षवाद की जरूरत पर जोर दिया। पुतिन ने कहा कि BRICS आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली संगठनों में शामिल है, जो वैश्विक GDP के करीब 40 फीसदी और दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शक्ति का संतुलन अब Global South और East की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पुतिन ने एकध्रुवीय व्यवस्था और आर्थिक दबाव, टैरिफ युद्ध, प्रतिबंध तथा सैन्य हस्तक्षेप जैसी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को मजबूत करने और सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका व लैटिन अमेरिका को अधिक प्रतिनिधित्व देने की वकालत की। साथ ही IMF, विश्व बैंक और WTO में सुधार की जरूरत बताई। पुतिन ने डिजिटल ट्रेड, AI, भुगतान व्यवस्था, निवेश, री-इंश्योरेंस और अनाज बाजार जैसे क्षेत्रों में BRICS सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
At the BRICS Summit 2026, Russian President Vladimir Putin addressed the summit hosted under India’s presidency and emphasized the need for a multipolar world order and stronger multilateralism. Putin said BRICS has emerged as one of the world’s most influential organizations, representing nearly 40% of global GDP and around half of the world’s population. He said the global balance of power is increasingly shifting toward the Global South and East. Putin criticized the unipolar system and policies involving economic pressure, tariff wars, sanctions and military intervention. He called for strengthening the central role of the United Nations and giving greater representation to countries from Asia, Africa and Latin America in the UN Security Council. He also stressed the need for reforms in the IMF, World Bank and WTO. Putin further highlighted greater BRICS cooperation in digital trade, AI, payment systems, investment, reinsurance and the establishment of a grain market.


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Transcript
00:00अब मैं रूस के महामाईम राष्ट्रपती जी से विनम्र अनुरोद करता हूँ कि वे मंच पर पधार हैं और अपना
00:05वक्तव वे प्रस्तुत करें
00:09माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी मेरे आदर्णीय सहयोगी गर्ण और मेरे प्यारे मित्रों
00:14जैसा कि हमने पहले भी उलेक किया है और इस पर चर्चा की है इस महत्वपूर्ण संगठन के सभी सदस्य
00:20देश
00:20सभी प्रमुक और मुख्य क्षेत्रों में अपने आपसी सहयोग और तालमेल को और अधिक गहराई प्रदान कर रहे हैं
00:25इन खेत्रों में राजनीती और सुरक्षा अर्थविवस्था और वित्य के साथ-साथ सांस्कृतिक और मानुविय आदान प्रदान के खेत्र भी
00:31पूरी तरह से शामिल है
00:32मेरे अन्य साथियों ने भी पहले ही इस बात का जिक्र किया है कि ब्रिक्स आज की समय में वास्तव
00:37में विश्व का सबसे बड़ा और प्रभावशाली संगठन बनकर उभरा है
00:40हमने विस्तार से चर्चा किये कि हम विश्व का एक तिहाई भूभा कवर करते हैं वैश्विक जीडीपी का 40 प्रतिशत
00:47उत्पन्न करते हैं और विश्व की आधी आबादी हमारे देशों में रहती है
00:51तथा पी मैं आपका ध्यान एक और अत्यंत महत्वपूर्ण विश्व की और आकर्शित करना चाहूंगा जो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में
00:59सबसे अहम हो सकता है
01:03यह हमारे दोनों देशों के पास सामुई कुरूप से अत्यंत प्रभावशाली और असाधारन बौदिक संपदा और तक्निकी कोशल की अपारक
01:10शमता मौजूद है
01:11मेरे दृष्टी कोन से यही हमारी सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण ताकत है
01:14साथ ही ब्रिक्स देशों की ये साज़िदारी समान ता
01:18सोहर्द पूर्ण पडोसी संबंधों राष्ट्री एहितों के प्रती समवेदन शीलता
01:23और एक दूसरे की सम्रद संस्कृती गौरवशाली इतिहास अनूठी परमपराओं और साज़ा मूल्यों के प्रती गहरे सम्मान की नीवपटिकी है
01:32यही कारण है कि आज वैश्विक पटल पर ब्रिक्स का कद और प्रभावत तेजी से बढ़ रहा है
01:38यह संगठन अब वैश्विक शासन के प्रमुक और महत्वपूर्ण केंद्रों में अपनी एक सुद्रड जगे बना चुका है
01:45और अंतराश्ट्री राजनीती सुरक्षा अर्थ व्यवस्था तथा मानविय सहयोग के शेत्रों में भविश्य की दिशा क्या होगी
01:52यह काफी हद तक हमारे सामुहिक फैसलों और उठाए जाने वाले कदमों पर ही निर्भर करता है
01:58इस संदर्व में भारत की अध्यक्षिता में आज की बैठक का विशे है
02:03समावेशी वैश्विक शासन और बहु पक्षवात को मजबूत करना
02:07जो आज के वैश्विक परिद्रिश्य में अत्यंत प्रहसंगीक है
02:11प्यों सच्चाई तो यह है कि तेजी से उभरती हुई इस नई बहु दुर्विय दुनिया के परिद्रिश्य में
02:15यह बात पहले की तुलना में कहीं अधिक अनिवार्य और महत्वपूर्ण हो गई है
02:18कि हम सभी राष्टर मिलकर सच्चे और प्रभावी बहु पक्षवात को और अधिक सुद्रड़ बनाने का प्रयास करें
02:22वैश्विक शासन की प्रक्रियाओं में अधिक से अरिक देशों की भागीदारी सुनिश्चित करें
02:25प्रमुक अंतर राष्ट्रिय राजनीतिक और आर्थिक संस्थाओं के धांचे में उनकी सक्रिय भूमिका को विस्तार दें
02:38वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों और गंभीर खत्रों का सामुहिक रूप से समाधान खुजने की दिशा में आगे बढ़ें
03:00की वर्तमान स्थिती समाज का बुनियादी धांचा और यहां तक की दुनिया का पूरा जनसांखी की ये नक्षा भी पूरी
03:05तरह से परिवर्तित हो रहा है
03:07ये अंतराष्ट्रिय संबंधों की वो एक दुरूविय व्यवस्था अब धीरे धीरे समाप्त हो रही है
03:12जो केवल कुछ चुनिंदा देशों के हितों को ही साधती थी
03:15अब वैश्विक ताकत का संतुलन ग्लोबल साउथ और इस्ट के नए और प्रभावशाली उभरते केंद्रों की और स्थानां तरित हो
03:21रहा है
03:22आज दुनिया भर के तमाम देश अब पूरी तरह से खुल कर अपने स्वयम के राश्ट्रिय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित
03:27करने
03:27तथा वैश्विक स्तर की जटल समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कर रहे हैं
03:32हलाकि ये बहुद्रूविय विश्व विवस्था का निर्मान होना इतना सरल या सहजकार या नहीं है जतना की प्रतीत होता है
03:37हम सभी इस बात को भली भाती देख और समझ रहे हैं
03:43जो आज भी पुरानी अपनिवेशिक मानसिक्ता रखते हैं
03:45जो इस दुनिया को खिले हुए बगीचे और जंगली जाडियों के रूप में विभाजित करके देखते हैं
03:49और दूसरों के संसाधनों के दम पर अपना जीवन जीना चाहते हैं
03:52वे आज की इस बदलती हुई हकीकत को स्वीकार करने में असमर्थ हैं
03:57और उभरते हुए प्रतिदुन्द्वियों को हर संभव तरीकी से रोकने का प्रयास कर रहे हैं
04:01जेस सिनों इस उद्देशे की पूर्टी के लिए वे टेरिफ युद्धों
04:04अवैद प्रतिबंधों, आर्थिक दबाओं, ब्लैक मेलिंग, अंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक शेप
04:09और यहां तक की सीधे तोर पर सैन्य बल के प्रयोग जैसे हर संभव हतकंडे का इस्तिमाल कर रहे हैं
04:34रूस वैश्विक मामलों में संयुक्त राष्ट्र की जो केंद्रिय भूमिका है, उसे न केवल बनाए रखने, बलकि उसे और अधिक
04:40सुद्र करने को अत्यधिक महत्वरदान करता है
04:42संयुक्त राष्ट्र का चार्टर ही अंतर राष्ट्रिय कानून का मूल अधार स्तंब है
04:46भले ही आज कुछ देशे से दरकिनार कर अपनी मनमर्जी की नियमों वाली वेवस्था को दुनिया पर थोपने का निरंतर
04:52प्रयास कर रहे हूं
04:54हम मानते हैं कि ब्रिक्स की अपने साथियों के साथ मिलकर सेयुक्त राष्ट्र के कामकाज को और बेहतर बनाने के
05:00लिए काम करना जरूरी है
05:02बेशक इसमें सुरक्षा परिशत के धांचे का विस्तार करने और एशिया, अफरीका तथा लैटिन अमेरिका की देशों को उचित प्रतिने
05:09धित्तो प्रदान करने से निश्चित रूप से काफी मदद मिलेगी
05:11इसके अतरिक्त अंतरराष्ट्रिय मुद्रा कोश, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन जैसी प्रमुख वेश्विक आर्थिक संस्थाओं के भीतर भी व्यापक
05:19सुधारों की आवशक्ता को काफी लंबे समय से महसूस किया जा रहा है
05:26ये वेश्विक संस्थाओं एक अलग राजनीतिक अर्थिक दोर में बनी थी और आज की बदलती परिस्थितियों में ढलने में इन्हें
05:34संगर्श करना पड़ रहा है
05:36खासकर जब अर्थिक गति विधियां उभरते बाजारों की ओर बढ़ रही है
05:40फिर भी IMF, WTO और विश्व बैंक आज भी प्रमुख अर्थ विवस्थाओं के बीच समवाद का अहम माध्यम है
05:48तो इसलिए इन संस्थाओं में हमारे देशों के बीच तालमेल बढ़ाना जरूरी है
05:55मैं याद दिला दूं कि 2024 में रूस की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान WTO के मुद्दों पर सलाह मश्विरे का
06:01एक तंत्र शुरू किया गया था
06:03मैं इस बात पर विशेश जोड देना चाहता हूं कि आज के इस बदलते दोर में केवल पुरानी संस्थाओं का
06:09अधुनिगी करन करना ही पर्याप्त नहीं है
06:11प्लेटफॉर्म, एकोनॉमी, फिन टेक और डिजिटल ट्रेड जैसे बिलकुल नए अभूत पूर्व और क्रांतिकारी क्षेत्र हमारे सामने उभर कराए हैं
06:20इन सभी महत्वपूर्पूर्ण कार्यों के लिए हमें अपनी विशिष्ट संस्थाओं और सुव्यवस्तित नियमों की अत्यंत आवश्यक्ता है
06:26और इन संस्थाओं तथा नियमों को स्थापित करने की प्रक्रिया में हमारा संगठन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णाय घुमिका का
06:32निर्वान कर सकता है
06:42इस दिशा में कुछ प्रारंभिक कार्यतों पहले ही आरंभ किया चुके हैं जैसा कि पूर्व में भी आप सभी को
06:51सूचित किया जा चुका है
06:52इसके अतिरिक मैं रूस द्वारा शुरू की गई कुछ अन्य अत्यंत उप्योगी और सराहनिया पहलों के बारे में भी यहां
06:57विस्तार से चर्चा करना चाहूँगा
06:59मेरा तातपर्य ब्रिक्स के व्यापक दायरे के भीतर एक सुद्रिड भुक्तान और सेटल्मेंट धांचा तयार करने साथ ही एक अत्याधुनिक
07:06निवेश प्लेटफॉर्म का निर्मान करने एक व्यापक री इंशूरेंस सिस्टम और एक समर्पित ग्रेन एक्सचेंज यान
07:28अत्यंत महतुपूर्ण बैठक में भी इस विशय पर काफी विस्तार से चर्चा की गई थी ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के हमारे
07:33सम्मानित सदस्यों के पास आपसी व्यावारिक सहयोग को और अधिक सुद्र व्यापक बनाने के लिए कई तरह के रचनात्मक सुझाव
07:39और �
07:40प्रस्ताव इस समय मौजूद हैं आने वाले समय में कई बड़े और अत्यंत महतुपूर्ण बहुपक्षिये प्रोजेक्ट्स पर काम का विधिवत
07:45शुभारंब होने जा रहा है जो काफी आशाजनक है
07:49लिए अपनी बात समाप्त करते हुए मैं एक बार फिर से इस बात को दोहराना चाहूँगा कि नई दिल्ली में
07:54आयोजित हुआ ये ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बात का सपष्ट प्रमान है कि हमारे इस संगठन के भीतर आपसी हितों
07:59और लाभों के लिए एक जुठ होकर का
08:25आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद
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