00:00यूपियाई इस्तमाल करने वाले करोडों लोगों के लिए बड़ी खबर है।
00:04पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में ऐसी अठकले चुल रही थी
00:08कि अब यूपियाई से पैसे भेजना पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगा।
00:12कहीं कहा जा रहा था कि हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगी गा तो कहीं 2000 से ज्यादा के यूपियाई पैमेंट
00:18पर फीस वसूलने की बात भी कही जा रही थी।
00:22लेकिन अब वित्मंत्राले ने इस पूरे विवाद को लेकर सिथी काफी हद तक साफ कर दी है।
00:27सिरकार ने 14 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके मताबिक 2000 तक के यूपियाई ट्रांजैक्शन पर
00:36कोई चार्ज नहीं लगाया जा सकता।
00:38इतना ही नहीं रूपे डेबिट कार्ड से किये जाने वाले भुगतान को भी इसी सुरक्षा की दाइरे में रखा गया
00:44है।
00:45बैंक या पेमिन सिस्टेम प्रोवाइडर इन ट्रांजैक्शन पर सीधे या अप्रत्यक्श रूप से कोई शुलक नहीं लगा सकते।
00:52और क्या क्या कहा गया है आपको सब कुछ बताते हैं आज किस खबर में।
00:56नमस्कार, मैं हुरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi।
01:00अब सबसे पहले समझते हैं कि आखे UPI चार्ज को लेकर इतना बवाल क्यों मचा था।
01:05दरसल यूपियाई भारत के डिजिटल पेमेंट व्यवस्था की रीड बन चुका है।
01:09चाय की दुकान से लेकर सबजी वाले तक, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर बजली के बिल भरने तक, आज करोडों लोग
01:16यूपियाई का इस्तिमाल गर रहे हैं।
01:18जुलाई 2026 में ही यूपियाई के जरीए करीब 2366 करोड ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 39.9 लाह करोड
01:28रुपए थी।
01:28जुन 2026 तक, करीब 55.49 करोड यूजर्स यूपियाई प्लाटफॉर्म पर आन बोर्ड हो जुके थे।
01:36ऐसे में जब यूपियाई से जुड़े कानून में बदलाओ की खबर सामने आई तो लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल
01:41यही था।
02:06गाउं से UPI transaction fees लेने की कोई ओजना नहीं है और P2P यानि की person-to-person payments मुफत
02:13रहेंगे।
02:13सरकार नी ये भी कहा था कि अगर भविश्य में MDR लागू होता है तो वो केवल सिमित merchant transaction
02:19पर और एकतय सीमा से उपर nominal rate पर लगाया जा सकता है।
02:25अब 14 सितमर की नई अधिस उचना ने कम से कम 2000 तक के transaction को लेकर इस्तिथी कानूनी तोर
02:32पर स्पष्ट कर दी है।
02:44जिन पर bank ये system provider भुगतान करने वाले या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से
02:51कोई चार्ज नहीं लगा सकता।
02:53इसका सीधा मतलब आम यूजर के लिए क्या है।
02:55मान लिजिया आपने किसी दुकान पर 500 तक का सामान खरीदा और यूपियाई से भुगतान किया।
03:01इस transaction पर bank या payment system provider आप से कोई यूपियाई transaction चार्ज नहीं ले सकता।
03:07आपने दोस्त को 1000 भेजे। ये P2P transaction है और सरकार ने साफ किया है कि ऐसे payments फ्री रहेंगे।
03:14आपने परिवार के किसी सदसे को 2000 भेजे। P2P होने के कारण ये भी मुफ्त रहेगा।
03:21लेकिन कहानी तब दिलचस्प हो जाती है जब transaction की रखम बड़ी होती है और भुगतान किसी merchant को किया
03:27जा रहा होता है।
03:28सरकार ने भविष्य में threshold based MDR की संभावना खुली रखी है यानि कि सभी UPI transaction पर एक ऐसा
03:35चार्ज लगाने की बात नहीं है अब सरकार के मुताबिक अगर MDR लागू किया जाता है तो वो समित merchant
03:40transaction पर एक तय सीमा से उपर और nominal rate पर हो सकता है।
03:46यानि सोशल मीडिया पर चल रही ये बात कि अब UPI पर हर बार चार्ज लगेगा सही तस्वीर नहीं है
03:52और एक बात बहुत बहुत्वपून है।
04:16वो मुख्य रूप से UPI ecosystem को लंबे समय तक sustainable रहने और भविश्य में merchant side charges के लिए
04:22कानूनी framework तयार करने से जुड़ा है।
04:25आखिर सरकार को ऐसा framework बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। क्योंकि UPI का इस्तिमाल लगतार बढ़ रहा है।
04:31इसके पीछे infrastructure, cyber security, fraud prevention और payment system को लगतार upgrade करने की लागत भी बढ़ रही है।
04:39सरकार ने कहा है कि सिर्फ subsidy पर निर्भर रहने या फिर रहकर इतने बड़े digital payment ecosystem को लंबे
04:46समय तक चलाना sustainable नहीं होगा।
04:48सरकार UPI को आम लोगों के लिए affordable, accessible बनाये रखना चाहती है लेकिन साथ ही payment ecosystem में काम
04:55करने वाले banks और fintech companies के लिए sustainable revenue model की ज़रूद भी बताई गई है।
05:01तो फिलहाल आम आदमी के लिए सबसे जरूरी बात क्या है।
05:052000 तक के UPI payment पर कोई charge नहीं लगेगा, P2P transaction free हो रहेंगे, रूपे debit card के 2000
05:12तक के payment पर भी direct या indirect charge नहीं लगेगा, हाँ लेकिन बड़े merchant transaction पर भविश्य में अभी
05:19नहीं लागू है लेकिन भविश्य में MDR की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है।
05:25और यह भी संभावना है, कुछ confirmation नहीं है कि कब या भविश्य में किस दिन से लागू रहा है।
05:55अब हर UPI payment पर charge लगेगा, तो उसे तुरंत सच मानने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जाची है।
06:02क्योंकि UPI सिर्फ एक payment अप नहीं है, बलकि भारत के digital economic की सबसे बड़ी success stories में से
06:08भी एक बन चुका है।
06:09और सरकार भी साफ कर चुकी है कि इसे आम नाकरिक के लिए accessible और affordable बनाए रखना उसकी प्राथ
06:17मिकता है।
06:18तो अभी आपको चंता करने की कोई जरूरत नहीं है, अभी जो जैसा चल रहा है, वैसा as it is
06:22चलने वाला है।
06:23और आपके पास कोई भामा के मेसेज आते हैं, तो उसको इग्नोर करिये। हाँ, लेकिन ये वीडियो ज्यादा से ज्यादा
06:29लोगों तक शेयर करिये हैं, खास करके आप आपके family को जो members हैं, आपके community के लोग हैं, आपके
06:34whatsapp groups हैं, आपके घर के जो elderly people हैं उनके साथ, ताकि कि
06:39इसी भी प्रकार का fraud होने से बच सके और सही information लोगों तक पहुँच सके. बाकित देश जुनिया के
06:45ऐसे और खबरों के लिए देखते रही हैं, वरें जहेंदे.
07:11इस खबर ने करोडों UPI यूजर्स को चिंता में डाल दिया है, लेकिन आखिर सचाई क्या है? दरसल केंद्र सरकार
07:18Payment and Settlement Act में बदलाव पर विचार कर रही है. इस प्रस्ताव के तहत, 2000 रुपे से अधिक के
07:24कुछ UPI transaction, खास कर बड़े व्यापारियों को किये जाने वाले �
07:27भुकतान पर merchant discount rate यानी MDR दोबारा लागू करने की संभावना पर चर्चा हो रही है. ये अभी केवल
07:34प्रस्ताव है, अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि MDR क्या होता है?
07:40merchant discount rate यानी MDR वो शुल्क होता है जो किसी digital payment को स्वीकार करने पर व्यापारी की ओर
07:46से bank या payment सेवा प्रदाता को दिया जाता है. ये आमतोर पर ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाता, बलकि
07:52व्यापारी वहन करता है.
07:53प्रस्ताव के अनुसार 2000 रुपे तक के सामान्य UPI भुकतान पहले की तरह मुफ्त रह सकते हैं. वहीं 2000 रुपे
08:00से उपर के बड़े व्याविसाईक UPI भुकतान पर सीमित MDR लागू करने का विकल्प सरकार के विचाराधीन है. सूत्रों के
08:07मुताबिक ये शुल्क 0.25 प्रत
08:22सा देना पड़ेगा? तो फिलहाल इसका जवाब नहीं है. अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार प्रस्तावित MDR का भुकतान
08:29ग्राहक नहीं बलकि व्यापारी करेगा. हलांकि कुछ विशेशग्यों का मानना है कि यदि ये व्यवस्था लागू होती है तो कुछ
08:35व्य
08:49सरकार द्वारा कानून में संशोधन और अधिसूचना जारी होने के बाद ही प्रभावी होगा. इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही
08:55उन खबरों पर भरोसा ना करें जिन में दावा किया जा रहा है कि आज से ही UPI पर चार्ज
09:00लगना शुरू हो गया है. फिलहाल करोडो UPI य
09:18ये बने रही है One India Hindi के साथ.
09:48प्रभावी होगा है
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