00:13क्या दुनिया की सबसे बड़ी सूपर फावर और उनके नए पुराने लीडर्स खास कर टॉनल्ड ट्रम्प और वाशिंटन के स्ट्राटेजिस्स
00:29क्या एक ऐसा मंच जिसे वेस्टन डॉमिनेंस के खड़ा किया गया था वहाँ दुश्मन माने जाने वाले देशों ने आपस
00:37में हाथ मिला कर ऐसी कूटनीती चल दी है जो आने वाले समय में मिडल इस्ट का पूरा नक्षा ही
00:44बदल कर रखतेगी
00:45सवाल यह उठता है कि आखिर न्यू डेली में होए ब्रिक सम्मिट के दौरान ऐसी क्या आश्चर्य जनक गटना हुई
00:50जायरान और यूएई जैसे देशों ने आपस में बैठक करके यूएस वार को थामने की बात की जिस आग में
00:58पूरा वेस्ट एशिया चल रहा है और आ�
01:14पॉलिटिक्स का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रिहां दर्शको दिल्ली में हुआ ये ब्रिक समिट इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा
01:22का विशे इस सम्मिट का सबसे बड़ा अट्राक्शन था इरान के प्रेजिडेंट मसूद प्रिजेशियन और आबुदाभी
01:29के Crown Prince की वो High Level Meeting जो इस चल रहे भयानक West Asia War के दोरान दोनों देशों
01:37के बीच अब तक की सबसे बड़ी Face to Face बैठक थी आपको याद दिला दे इरान ने UAE पर
01:44कई हमले किये लेकिन हर हमले के बाद माफी भी मांगी कि ये हमला आप पर नहीं किया जा रहा
01:49ये उन US बेसिस पर कि
01:51जा रहा है जिनने आपने पना दे रखी है आप प्लीज इने पना मत दीजिए हम कोई हमला नहीं करेंगे
01:57लेकिन जीओ पॉलिटिक्स में सब इतना असान तो होता नहीं लेकिन UAE भी तो आप परेशान है UAE की टूरिजम
02:03इंडश्री से कितने करोणों का नुकसान हो चुका ह
02:07वहाँ इंवेस्टमेंट्स कम हो रही है और दुबई तो भहिया ग्लोबल फाइनशल हब था वहाँ ही अगर लोग आने से
02:13डरेंगे तो कैसे चलेगा अब पिछले 6-7 महिनों से इरान और UAE के बीच टेंशन अपने इतिहास में सबसे
02:20पीक पर दे यहां तक कि अगस्त के आ�
02:34के लिए एक बड़ा शौक बन गया था लेकिन इससे भी बड़ा बॉम तब फटा जब ब्रिक्स के सब्मिट में
02:40एक जॉइन डेकलरेशन यानी सजा घोशन पत्र साम गया है इस स्टेटमेंट में साफ तोर पर कहा गया कि मिडिलीश्ट
02:48में चल रहे वार के चलते जो लगात
02:50अटेंशन बढ़ रही है उस पे गहरी चिंता व्यक्त की जाती है और सभी पक्षों से माक्सिमम रिश्ट्रेंट यानी की
02:59आधिकारिक सईयम बरतने की अपील की जाती है इस डेकलिरेशन में सिविलियन्स की सेफटी ग्लोबल ट्रेड की रक्षा और एनरजी
03:08फ्लोस को बना
03:20कोदी ने अपने भासन में कहा कि ब्रिक्स कम अफ एज यानि यह संगठन अब बड़ा हो चुका है और
03:26जब चायना के राश्रुपती जी जन पिंग ने ब्रिक्स को एक आक्टिव पीसमेकिंग रोल ने भाने की सला दी तो
03:32इसका संदेश बिलकुल साफ था यह ग्रोप अब
03:47जड़ा सोचिए कि इसका सबसे बड़ा असर कहां पड़ रहा है वाशिंटन और पेंटरगन के शाटेजिक वार रूम्स में इस
03:55वक्त हलसल मची हुई
03:56अमेरिकन फॉरिन पॉलिसी का एक बहुत लंबा इतिहास रहा है कि वो मिडल इस्ट के देशों को आपस में बाट
04:04रहे हैं और इरान को पूरी तरह से इंटरनाशनल कम्यूनिटी सा इसोलेट कर रहे हैं और बाकी आरब देशों को
04:11तहरान की खिलाफ एक मस्बूत मिलिट्री
04:14इलाइंस में बांद दें ऐसी वो कोशिश कर रहे हैं नेकिन वो कोशिश नाकाम होती दिख रही है वेस्ट एशिया
04:21के बाकी देशों को भी अब समझ आ रहा है कि यूएस का साथ देना कोई फायदे का सौधा नहीं
04:27डॉनल्ड ट्रम्प और उनके नए अड्मिनिस्रेशन की
04:30सारी स्ट्राइटेजीज इस एक त्योरी पर काम कर रही थी कि इरान को दबा कर रखा जाएगा लेकिन जब यूएई
04:36जो किसी यूएस का एक बहुत करीब और की रीजिनल एलाई है उसमें न्यू डैली में इरान की राश्ट्रपती के
04:44साथ बैठ कर रीजिनल डिएसकलेशन
04:47और स्टेबिलिटी पर सहमती जता दी है तो इसने यूएस की सारी फॉरिंड पॉलिशी को एक ही जटके में फेल
04:54कर दिया है ये इस बात का प्रमान है कि रीजिनल प्लैयर्स अब ये समझ चुके हैं कि लंबा वार
04:59ना तो किसी के फायदेन है और ना ही ग्लोबल एकॉनमी इ
05:04अश्टेशिया के पास इस वार का कोई डिप्लोनाटिक सलूशन नहीं बचा था तब ब्रिक्स ने आगे बढ़कर एक ऐसा अल्टरनेटिव
05:10प्लाटफॉर्म दिया जहां दुश्मन भी बैठ कर बात करने को मजबूर हो गये इस पूरे इंसिडेंट ने ये साबिट कर
05:16दिय
05:16है कि आने वाले समय में दुनिया किसी एक देश की मरजी से नहीं चलने माने बल्कि एक मल्टी पोलर
05:22ओर्डर होगा जहां रीजनल पावर्ज अपनी शर्तों और आपस की समझदारी से अपने मसले खुद सुलझा लेंगी यूएई ने यू
05:30मानो यूएस को धोका देके यहा
05:45अब वेस्ट इशिया के सारे अलाइज उसके हाथ से छूटते जाएंगे और मिडली से पोशिन गल्फ से ट्रंप का दबदबा
05:53यूएस का दबदबा हमेशा के लिए खतब हो जाएगा जो भी आपकी राय है हमें कॉमें सेक्शन में जरूर बताइएगा
05:59अब दीख रहे हैं
06:00One India, में हुआ को शका शेंगा
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