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ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान (Iran) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच हुई ऐतिहासिक बैठक ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।इस वैश्विक मंच पर ईरान (Iran) और UAE ने मिलकर एक ऐसे साझा घोषणापत्र का समर्थन किया, जिसने पश्चिम एशिया युद्ध (West Asia war) को रोकने और कूटनीति अपनाने पर जोर दिया।ब्रिक्स (BRICS) के इस साझा प्रस्ताव में बढ़ते तनाव को थामने, अधिकतम संयम बरतने और क्षेत्रीय संप्रभुता का पूर्ण सम्मान करने की जोरदार अपील की गई हैमध्य पूर्व के इन दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी देशों का एक मंच पर आना और ईरान (Iran) तथा UAE द्वारा शांति का संदेश देना अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।वाशिंगटन की तमाम रणनीतियों और पश्चिमी दबाव के बावजूद, ब्रिक्स (BRICS) मंच ने यह साबित कर दिया है कि उभरती हुई वैश्विक शक्तियां अपने बलबूते पर संकट का समाधान निकाल सकती हैं।इस घोषणापत्र में नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन, ऊर्जा प्रवाह और समुद्री सुरक्षा की रक्षा करने पर विशेष रूप से जोर दिया गया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दाווों और ईरान (Iran) विरोधी नीतियों के बीच इस कूटनीति ने व्हाइट हाउस और पेंटागन के रणनीतिकारों को गहरी सोच में डाल दिया है।यह पूरा घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में एक बहुत बड़ा मोड़ लेकर आया है, जहां ईरान (Iran) और UAE के रुख ने यह दिखा दिया है कि अमेरिका के एकाधिकार को दरकिनार कर क्षेत्रीय देश आपसी बातचीत से रास्ते तलाश रहे हैं।

The recent BRICS summit witnessed a historic diplomatic breakthrough as Iran and the United Arab Emirates jointly backed a crucial declaration regarding the West Asia conflict.Meeting on the sidelines of the BRICS summit, leaders from Iran and the UAE aligned on a unified regional stance that prioritized dialogue, de-escalation, and stability.The joint BRICS declaration explicitly urged all parties involved in the West Asia conflict to exercise maximum restraint and avoid actions that could further aggravate the situation.This unexpected diplomatic bonhomie between Iran and the UAE has left US President Donald Trump and Western policymakers grappling with shifting geopolitical realities.By endorsing a framework focused on protecting state sovereignty, global supply chains, energy flows, and maritime security, the BRICS bloc challenged traditional Western dominance.The consensus achieved within BRICS demonstrates that emerging economies, including key players like Iran and the UAE, are carving out independent paths for resolving regional crises.Washington's calculations regarding isolating Iran faced a major setback as multilateral diplomacy and direct engagement took center stage at the summit.This monumental shift signals the dawn of a multipolar world order where the joint cooperation of nations like Iran and the UAE actively rewrites the rules of international engagement.

#BRICS #Iran #UAE #WestAsiaWar #DonaldTrump #Geopolitics #GlobalDiplomacy #WorldNews

~HT.410~PR.512~ED.542~GR.506~VG.HM~

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00:13क्या दुनिया की सबसे बड़ी सूपर फावर और उनके नए पुराने लीडर्स खास कर टॉनल्ड ट्रम्प और वाशिंटन के स्ट्राटेजिस्स
00:29क्या एक ऐसा मंच जिसे वेस्टन डॉमिनेंस के खड़ा किया गया था वहाँ दुश्मन माने जाने वाले देशों ने आपस
00:37में हाथ मिला कर ऐसी कूटनीती चल दी है जो आने वाले समय में मिडल इस्ट का पूरा नक्षा ही
00:44बदल कर रखतेगी
00:45सवाल यह उठता है कि आखिर न्यू डेली में होए ब्रिक सम्मिट के दौरान ऐसी क्या आश्चर्य जनक गटना हुई
00:50जायरान और यूएई जैसे देशों ने आपस में बैठक करके यूएस वार को थामने की बात की जिस आग में
00:58पूरा वेस्ट एशिया चल रहा है और आ�
01:14पॉलिटिक्स का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रिहां दर्शको दिल्ली में हुआ ये ब्रिक समिट इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा
01:22का विशे इस सम्मिट का सबसे बड़ा अट्राक्शन था इरान के प्रेजिडेंट मसूद प्रिजेशियन और आबुदाभी
01:29के Crown Prince की वो High Level Meeting जो इस चल रहे भयानक West Asia War के दोरान दोनों देशों
01:37के बीच अब तक की सबसे बड़ी Face to Face बैठक थी आपको याद दिला दे इरान ने UAE पर
01:44कई हमले किये लेकिन हर हमले के बाद माफी भी मांगी कि ये हमला आप पर नहीं किया जा रहा
01:49ये उन US बेसिस पर कि
01:51जा रहा है जिनने आपने पना दे रखी है आप प्लीज इने पना मत दीजिए हम कोई हमला नहीं करेंगे
01:57लेकिन जीओ पॉलिटिक्स में सब इतना असान तो होता नहीं लेकिन UAE भी तो आप परेशान है UAE की टूरिजम
02:03इंडश्री से कितने करोणों का नुकसान हो चुका ह
02:07वहाँ इंवेस्टमेंट्स कम हो रही है और दुबई तो भहिया ग्लोबल फाइनशल हब था वहाँ ही अगर लोग आने से
02:13डरेंगे तो कैसे चलेगा अब पिछले 6-7 महिनों से इरान और UAE के बीच टेंशन अपने इतिहास में सबसे
02:20पीक पर दे यहां तक कि अगस्त के आ�
02:34के लिए एक बड़ा शौक बन गया था लेकिन इससे भी बड़ा बॉम तब फटा जब ब्रिक्स के सब्मिट में
02:40एक जॉइन डेकलरेशन यानी सजा घोशन पत्र साम गया है इस स्टेटमेंट में साफ तोर पर कहा गया कि मिडिलीश्ट
02:48में चल रहे वार के चलते जो लगात
02:50अटेंशन बढ़ रही है उस पे गहरी चिंता व्यक्त की जाती है और सभी पक्षों से माक्सिमम रिश्ट्रेंट यानी की
02:59आधिकारिक सईयम बरतने की अपील की जाती है इस डेकलिरेशन में सिविलियन्स की सेफटी ग्लोबल ट्रेड की रक्षा और एनरजी
03:08फ्लोस को बना
03:20कोदी ने अपने भासन में कहा कि ब्रिक्स कम अफ एज यानि यह संगठन अब बड़ा हो चुका है और
03:26जब चायना के राश्रुपती जी जन पिंग ने ब्रिक्स को एक आक्टिव पीसमेकिंग रोल ने भाने की सला दी तो
03:32इसका संदेश बिलकुल साफ था यह ग्रोप अब
03:47जड़ा सोचिए कि इसका सबसे बड़ा असर कहां पड़ रहा है वाशिंटन और पेंटरगन के शाटेजिक वार रूम्स में इस
03:55वक्त हलसल मची हुई
03:56अमेरिकन फॉरिन पॉलिसी का एक बहुत लंबा इतिहास रहा है कि वो मिडल इस्ट के देशों को आपस में बाट
04:04रहे हैं और इरान को पूरी तरह से इंटरनाशनल कम्यूनिटी सा इसोलेट कर रहे हैं और बाकी आरब देशों को
04:11तहरान की खिलाफ एक मस्बूत मिलिट्री
04:14इलाइंस में बांद दें ऐसी वो कोशिश कर रहे हैं नेकिन वो कोशिश नाकाम होती दिख रही है वेस्ट एशिया
04:21के बाकी देशों को भी अब समझ आ रहा है कि यूएस का साथ देना कोई फायदे का सौधा नहीं
04:27डॉनल्ड ट्रम्प और उनके नए अड्मिनिस्रेशन की
04:30सारी स्ट्राइटेजीज इस एक त्योरी पर काम कर रही थी कि इरान को दबा कर रखा जाएगा लेकिन जब यूएई
04:36जो किसी यूएस का एक बहुत करीब और की रीजिनल एलाई है उसमें न्यू डैली में इरान की राश्ट्रपती के
04:44साथ बैठ कर रीजिनल डिएसकलेशन
04:47और स्टेबिलिटी पर सहमती जता दी है तो इसने यूएस की सारी फॉरिंड पॉलिशी को एक ही जटके में फेल
04:54कर दिया है ये इस बात का प्रमान है कि रीजिनल प्लैयर्स अब ये समझ चुके हैं कि लंबा वार
04:59ना तो किसी के फायदेन है और ना ही ग्लोबल एकॉनमी इ
05:04अश्टेशिया के पास इस वार का कोई डिप्लोनाटिक सलूशन नहीं बचा था तब ब्रिक्स ने आगे बढ़कर एक ऐसा अल्टरनेटिव
05:10प्लाटफॉर्म दिया जहां दुश्मन भी बैठ कर बात करने को मजबूर हो गये इस पूरे इंसिडेंट ने ये साबिट कर
05:16दिय
05:16है कि आने वाले समय में दुनिया किसी एक देश की मरजी से नहीं चलने माने बल्कि एक मल्टी पोलर
05:22ओर्डर होगा जहां रीजनल पावर्ज अपनी शर्तों और आपस की समझदारी से अपने मसले खुद सुलझा लेंगी यूएई ने यू
05:30मानो यूएस को धोका देके यहा
05:45अब वेस्ट इशिया के सारे अलाइज उसके हाथ से छूटते जाएंगे और मिडली से पोशिन गल्फ से ट्रंप का दबदबा
05:53यूएस का दबदबा हमेशा के लिए खतब हो जाएगा जो भी आपकी राय है हमें कॉमें सेक्शन में जरूर बताइएगा
05:59अब दीख रहे हैं
06:00One India, में हुआ को शका शेंगा
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