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मध्य पूर्व में इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि दोनों में से कौन सा देश भारत का सच्चा सहयोगी रहा है।

मध्य पूर्व (Middle East) में इज़रायल और ईरान के बीच छिड़े भारी तनाव ने वैश्विक राजनीति को एक नाजुक मोड़ पर खड़ा कर दिया है। इस संघर्ष के बीच भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए यह धर्मसंकट की स्थिति है, क्योंकि भारत के इज़रायल और ईरान दोनों ही देशों के साथ रणनीतिक संबंध हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो 1999 के कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान जब भारत को तत्काल हथियारों और गोला-बारूद की आवश्यकता थी, तब इज़रायल ने बिना किसी देरी के भारतीय वायुसेना और सेना को लेज़र गाइडेड बम, मोर्टार और निगरानी ड्रोन उपलब्ध कराए थे। अमेरिकी दबाव के बावजूद इज़रायल ने भारत की रक्षा खेप तुरंत रवाना की थी, जिसने युद्ध का रुख बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दूसरी तरफ, ईरान भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और चाबहार पोर्ट के जरिए मध्य एशिया से जुड़ने का रणनीतिक रास्ता प्रदान करता है। हालांकि, कश्मीर जैसे संप्रभु मुद्दों पर ईरान के रुख और बदलते वैश्विक समीकरणों के कारण भारत अब रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) अपना रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत इस युद्ध में सीधे किसी एक देश का पक्ष लेने के बजाय शांति, कूटनीति और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा। जानिए इस विस्तृत विश्लेषण में।

About the Story:
In the escalating Israel-Iran conflict, India faces a critical diplomatic test. While Israel played a crucial role by providing laser-guided bombs and vital defence support to India during the 1999 Kargil War, Iran holds strategic relevance for energy and connectivity projects like the Chabahar Port. Defense experts analyze how PM Narendra Modi's foreign policy navigates this complex geopolitical crisis.

#IsraelIranConflict #KargilWar #PMModi #IndiaForeignPolicy

~HT.410~PR.514~ED.542~GR.538~##~VG.HM~

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00:00बिलकुल करनल सिरोई साब जैसे कि मैंने जो सवाल इन से किया था रजा साब से कि खून और पानी
00:06एक साथ नहीं बहस सकते ये भारत का स्टेटमेंट है और भारत उस पर कायम है अभी बीते दिनों पाकिस्तान
00:12ने मध्यस्ता की बात की यूएस और इरान के बीच में कुछ ता
00:29पाकिस्तान किस के साथ है ये तो अलग मुद्दा है लेकिन ये खून पानी वाला रिष्टा साथ में पाकिस्तान इरान
00:36का रिष्टा इस बीच क्या भारत बैट रहा है
00:44पाकिस्तान के पास ना इरान के साथ कोई लेवरेज ऐसा है जिसे वो ए इरान को थोड़ा प्रेश्राइज कर सके
01:02ना पाकिस्तान का, अमरीका के साथ तो सवाली पैजा नहीं होता, अमरीका का तो पिठ्टु है, डॉनल्ड ट्रम साथ जो
01:08बोलते है, आसे मरीर को कि आप जाओ एरान, तो एरान चले जाते हैं, तो वो पाकिस्तान की मद्दिस्ता, तो
01:14I think it is only, डॉनल्ड ट्रम साथ उनको एक �
01:17diplomatically उपर उठाना चाहते थे, वो कोशिश की गई, वो भी उनकी fail होगे, that is number one, number two,
01:23जहां तक तालुकात है, पाकिस्तान और इरान का, आप मत भूने, कि पिछले एक यो दो साल पहले, दोनों ने
01:30एक जूसरे को पर ace strike करी हुई है, तो वो भी जो है, हुई है, तो इतनी कोई �
01:35पकी दोस्ती भी नहीं है, जो कि पकी दोस्ती दिखाई जाने की कोशिश कर रही है, ठीक है, पाकिस्त, जो
01:40इरान डेलिगेशन, इराणियन डेलिगेशन, पाकि- इस्लामाबाद गया, वहां से जोडिवेंस साफ, वाइस प्रेजिडेंट अमेरिका की आए, वहां भी बात
01:49
01:49हुई वे एक वेन्यू था बाकी अधर्वाइस कोई पाकिस्तान को उसमें कोई इतना बड़ा कोई रोल नहीं है तो मैं
01:54उसको इतनी जो है इंपॉर्टन नहीं दे रहा हूँ
01:57जा तक सवाल है जैसे एर कमोडो साब ने बताया है कि बारत और इरान के तालुकात पहले भी बहुत
02:05अच्छे थे और अब भी आने वाले समय में भी जैसे जो
02:09मैं कल की बार नहीं कर रहा हूँ ब्रिक सम्मिट में उनका हाथ पकड़के जा रहे अगर आप अभी देखे
02:14जो सम्मिट हुआ था वहाँ पे जब प्राइमिस्टर मोडी और इरान के प्रेजिडेंट की आपस में मिले थे उसके बाद
02:22मोडी साब ने एक ट्वीट किया था
02:24और उस ट्वीट की अगर आप देखें इट वस 47 वर्ड ट्वीट था वो कोई जादे लंबा चाड़ा मिस्टर डॉल
02:29ट्रॉम जैसा ट्वीट नहीं था था उसमें उन्होंने तीन चार चीज़े स्प्रेशिक करी थी कि एरान के साथ हमारी लॉंग
02:36स्टेंडिंग फ्रेंशि
02:50हैं और यह बारत जो है एरान के साथ जैसी लडाई खत्म हो जाती है जैसे एर कबर्डो साब में
02:57बताया है उसके बारत वैपार भी करेगा और सब कुछ करेगा और यह बारत ने देख लिया है कि अमेरिका
03:03की सैंक्शन तो कभी खत्म जी होगी अभी रश्या के साथ हम ऑईल
03:19क्लियर है और यह जो रजा साब बोल रहे हैं कि जी बोदी साब वहां पे गए क्या कहते है
03:26था पहले पॉइंट तो यह है मुझे इसके बारे में कोई इलम नहीं है कि 2010 तक जो है एरान
03:33ने हमको बेसिज दिये हुए थे पाकिस्तान के खिलाव लड़ने के लिए वह कभी भी �
03:54यहां तक तालूख है देखे इसराइल का इसराइल का जैसे मेरे आपको का कारगिल के लड़ाई वे इसराइल ने हमको
04:01हमारी मदद की ती बाकी किसी ने मदद नहीं की ती तो जब एक आदमी एक देश हमारे बुरे वक्त
04:07में जो की एर कमोंडोस साब ने भी का है कि जब ब�
04:14दुनियार के साथ नहीं होती है तो वो असनी दोस्त होता है अच्छे वक्त में तो कोई भी हाथ में
04:19हाथ डालके चल देगा तो वो उस चीज को हमको बूलना नहीं चीज तो यह चीज रश्य के साथ हुई
04:25थी जब 1171 कि लड़ाई हुई थी जब अमेरिका ने अपना जो है स
04:46उसका ये मतलब नहीं कि इसराइल के साथ अगर हमारे तालुकात अच्छे हैं तो हमारे इरान के साथ खराब अगर
04:53इस नाट और इस नाट इसराइल और इरान इस चीजे चलती रहती है
05:10तो एक इस नाट इस चीजे लेकिन जहां तक तालुकात अगर पाकिस्तान और इरान के दोस्ती जादे अच्छी है तो
05:18उसका ये मतलब नहीं है कि हमारी इरान से अच्छी दोस्ती नहीं हो सकती
05:21तो इस पॉंट आप दोनों को सुन रहे हैं और जैसा कि अभी सिरोई सर ने बताया कि जब कार्गिल
05:31का यूद हो रहा था इस्राइल ने इकलौता देश था जब उसने भारत की मदद की थी और कार्गिल का
05:37यूद हमारे लिए कितना इंपॉर्टन रहा है ये हम सब को पता है
05:40तो कार्गिल में जिसने भारत की मदद की अभी भारत पजश्कियन के साथ भी है भारत नेतनियाहू के साथ की
05:49भी बात कर रहा है तो भारत के लिए कितना मुश्किल है कि दोनों को एक साथ लेकर चलना कि
05:55दोनों दो किना रहे हैं न देके दोनों आपस में लड़ रहे हैं व
06:08हम सभी के साथ बना के आगे बढ़ना चाहते हैं, हम किसी एक देश के विरुद नहीं हैं, हम सभी
06:13के साथ हैं, आप देखिए हमारी जो
06:15philosophy है, अब पहले थी non-aligned, लेकिन अब हो गया multi-aligned, यानि कि हम एक देश के साथ
06:21नहीं हम सभी देशों के साहते हैं आज की देश में आप आज की डेट में क्या आप जानते हैं
06:27कि U.S.
06:27Forces Line of Actual Control से सरिफ सतर किलोमेटर दूर exercise कर रही हैं आज की
06:33डेट में और उनका राजस्थान में एक अलग exercise चल रहा है कि आपको मालू है
06:38जपैन सेल्फ डिफेंस फोर्स के तीन F2 जहाज जो F16 के से बेटर वर्जन है
06:43वो आज जोद्पुर में एक्साइज कर रहे है
06:45कि आपको मालूम है कि हमारा नेवल चीफ जो है
06:48वो आस्ट्रेलिया गया था आज हो चला गया है न्यूजिलेंड
06:51यह क्या दर्शार है
06:52हम यह दर्शार हैं कि हमें सभी के साथ
06:56अच्छे रिलेशन्स रखने हैं
06:58यह नहीं है कि हम एंटी-ु-एस हैं
07:00एंटी-वेस्ट हैं
07:03हम तो चैना से भी अच्छे रिलेशन्स करना चाते हैं
07:06जो हमें их strategic competitor देखतا है
07:08और एक चीज़ करना साब ने बड़ी अच्छी कही थी कि जब भी कोई emerging power होती है तो सारे
07:13देश के साथ उसकी friction होती है
07:15सब लोग उसको put down करना चाहते हैं यहां की अमेरिका हमा चाहता है कि हम counterbalancer बने चीन के
07:21लेकिन साथ साथ में इतने strong ना बने कि कल हम चीन की जगा ले ले तो यह सारे issues
07:28जो है बड़े ध्यान से देखे आते हैं लेकिन इस समय जो हमारी कूटनी तिक जीत हुई है हमने fine
07:33balancing act करते ह�
07:37आप मुझे एक चीज़ बताएए इरान और UAE की bilateral summit हुई की नहीं हुई यह दो देश जो आँच
07:45से आँच मिलाकर देखने को तयार नहीं है समय यूएई और बहरें यह दो देश हैं जो Abraham Accord में
07:51है और US के साथ बहुत क्लोज हैं खासकर UAE तो बहुत ही क्लोज है
07:54यूएस की billions of dollar की investment दुबाई और अबुदाबी में हैं उनकी जो एक्जॉल मोबिन और दूसरी occidental companies
08:02हैं जो तेल की companies हैं उनके बड़ी investment है लाज investment है UAE के अंदर और UAE के बहुत
08:09close relations हैं अमेरिका के साथ भी और इसराइल को वो recognize करता है
08:14तो कहीं ना कहीं आज दोनों एक table पे बैठके अपने differences को solve करने की कोशिश कर रहे थे
08:19वो platform किस ने दिया वो platform भारत ने दिया हम पूछते हैं कई बार हम पूछते हैं क्या outcome
08:24हुआ इसका ब्रिक्स का क्या outcome हुआ इतना सारे लोग आईता है आज भारत की प्रतीभा में जो एक
08:31उपर एक rocket की तरह उपर जाने का एक summit पे आने का एक मौका मिला था भारत उस पे
08:37पूरा उभरा है भारत पूरा खरा निकला है उसके अंदर लोग अब ये देख रहे हैं कि ना केवल हम
08:44चीन का लिए भी ध्यान दे सकते हैं ना केवल इरान का भी ध्यान दे सकते हैं रूस का
08:48भी दे सकते हैं पर साथ साथ में हम यूएस के साथ भी better relation बना सकते हैं और जो
08:53आज Trump
08:54सोचते हैं कि anti-US हैं हम anti-west है BRICS लेकिन उसको सीधी line में कौन रख रहा है
09:00उसको
09:01सीधी line में भारत रख रहा है जो कि multi-aligned होके चलना चाहता है
09:05लोग बात करते हैं एंटी डॉल डी डॉलराइजेशन की, क्या भारत ने एक बार भी बात करी है डी डॉलराइजेशन
09:11की, नहीं करी है, हम कह रहे हैं, लोकल करेंसी में ट्रेड करो, जो रश्या और इरान दोनों सपोर्ट करें,
09:17हम कह रहे हैं, CBDC, यानि की Central Bank Digital Currency जो है, उसको
09:21इंटर अपरिवल बनाओ, हमें मालूम है कि जो चाइना की Digital Currency है, भारत का रुपी की Digital Currency है,
09:27इस समय मॉडिल डिफरेंट है, उनकी ब्रिजिंग नहीं है, वो मैच नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन एक समय ज़रूर
09:33आएगा कि अगर Digital Currency को मैच किया जाता है, बिल्कुल, इस ब
09:46भी देखे, आता कि उस पर हम आगे discussion कर पाएं, पूरी मानोता के काम आए, आप सब का बहुत
09:53-बहुत धन्यवाद, अब मैं मेडिया के अपने साथियों से निवेदन करूंगा, कि कुपया, वे यहां से प्रस्टान करें, ताकि आगे
10:04की ग्रतिविदी हम जारी रख सकें,
10:07यूर हाइनेचे, एक्सलेंसी, नमस्कार, ब्रिक्ष के बिश्त्रूत परिवार में, आप सभी का हार्दित स्वागत है,
10:29आज, यह सभागार, अलग-अलग महाद्विपों, संस्कूरूतियां, और विकास यात्राओं को, एक साथ जोड रहा है,
10:46यह ब्रिक्ष की बढ़ती ताकत, आकर्षन, और अभुत्पुर्व, विश्वास का प्रमाण है,
10:56फ्रेंट्स, भारत की अध्रिक्ष्टा में हमने सभी प्रयास, रिजिलियंस, इनोवेशन, कोपरेशन, सस्टेनिबिलिटी, इन चार्श कंभों पर केंदित किये हैं,
11:18मुझे खिसी है, कि आप सबके सहयोग और समर्तन से, हम अपने साजा विजन को वीन वीन सहयोग में बदल
11:29सके,
11:31आज विश्व में तनावों की संध्या लगातार बढ़ रही हैं, और सामान ये मानवी के जीवन पर, उसका बहुती नेगेटिव
11:47प्रभाव भी हो रहा है, और व्यापक प्रभाव हो रहा है,
11:54महामारिया, क्लाइमेट डिजास्टर और सप्लाइचें डिस्रप्शन ने दिखाया है, कि आज के इंटर कनेक्टर वर्ल में, कोई भी संकत एक
12:09छेत्र तक सिमित नहीं रहता है.
12:22झाल
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