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  • 7 weeks ago
Pithori Amavasya Puja Vidhi 2026: पंचांग के अनुसार पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन पिठोरी व्रत रखा जाएगा। अमावस्या तिथि 10 सितंबर को सुबह 10 बजकर 33 मिनट से शुरू होकर 11 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। पिठोरी व्रत के लिए प्रदोष काल में अमावस्या तिथि का होना महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए 2026 में व्रत 10 सितंबर को रखा जाएगा।Pithori Amavasya Puja Vidhi 2026: Pithori Amavasya Puja Kaise Kare,Samagri Aur Bhog List..

According to the calendar, Pithori Amavasya will be observed on Thursday, September 10, 2026. The Pithori fast will be observed on this day. The Amavasya date will begin at 10:33 am on September 10 and will last until 8:56 am on September 11, 2026. The occurrence of the Amavasya date during the Pradosh period is considered important for the Pithori fast, so in 2026, the fast will be observed on September 10.

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~HT.318~ED.464~PR.111~VG.HM~
Transcript
00:04द्रिगपन चांग के मताबिक पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026 दन गुरुवार को मनाई जा रही है
00:10इस दन पिठोरी वरत भी रखते हैं
00:12अमावस्या तिती 10 सितंबर को सुबह 10 बचकर 33 मिनट से शुरू होकर 11 सितंबर को सुबह 8 बचकर 56
00:19मिनट तक रहेगे
00:20जहां वरत पूजा और पित्री तरपन साथी 64 योगिनियों की पूजा 10 सितंबर को की जाएगी
00:27तो वहीं स्नान दान का मुहुरत 11 सितंबर को ब्रमु मुहुरत में पढ़ रहा है
00:33पिठोरी वरत का प्रदोश काल शाम 6 बचकर 48 मिनट से रात 9 बचकर 6 बचे तक रहेगा
00:39पिठोरी अमावस्या संतान की सुक्समर्दी, स्वास्त और दीरगायों की कामना से जुड़ा एक महतोपून वरत है
00:45इस दिन वशेश रूप से मातायं वरत रक कर देवी पिठोरी की पूजा करती है
00:49साथी 64 योगिनियों और सब्त मात्रिकाओं का पूजन भी इस वरत की प्रमुख परंपरा है
00:54पिठोरी नाम को संस्कृत के पिष्टक शब्द से जुड़ा गया है
00:59जिसका अर्थ आटे या नाज के चून से बनी आकरती या प्रतिमा से है
01:03आईए से विडियो में आपको बताते हैं कि पिठोरी अमावस्या की पूजा कैसे करें
01:07किन सामग्रियों की आपको जरूरत पड़ेगी और 64 योगिनियों की पूजा क्यूं की जाती है साथी भोग क्या चड़ाएं
01:13सामग्री की बात करें तो गेहुकाटा, हल्दी, कुमकु, मक्षत, फूल, धूप, दीपक और घी, कलश, मॉली, नैवेद, फल, गुड, दूद,
01:21दही, रोटी, पूडी और हीर आदी चड़ाएं
01:24इसके बाद सुबस्थान करके स्वच्छ वस्त्र धारन करें
01:27पूजास्थल को साफ करके चौकी या पूजास्थान तयार करें
01:31वरत या पूजा का संकल्प ले, आटे या परंपरा के अनुसार गोबर से
01:36देवी पिठोरी की 64 योगिनियों और सब्त मात्रिकाओं की आकरतिया छोटी-छोटी गोलाकार में बना कर रख लें
01:43हल्दी कुमकु मक्षत, फूल, धूप और दी परपत करें, देवी को नैवेद्य और पारंपरिक पकवान चड़ाएं
01:4964 योगिनियों और सब्त मात्रिकाओं का स्मरण करें और उनका पूजन करें
01:53वरत कथा पढ़ें, उनकी आरती करें, संतान सुख की कामना करें
01:57परिवार में सुख समरती बनाय रखने की मनुकामना देवी से जरूर करें
02:02बात करें भोग की तो रोटी, पूडी, खीर, चूर्मा, गुड और घी, आदिका नैवेद्य अरपित करें
02:08आटे से बनी 11 ये 21 प्रकार की पिठोरी आकरतियां भी अरपित करें
02:13बताते हैं कि 64 योगिनियों की पूजा इस दिन क्यों की जाती है
02:16पिठोरियम अवस्या की सबसे खास परंपराओं में से ये एक है
02:20धार्मिक परंपरा में योगिनियों को देवी शक्ति के विभिन स्वरूपों से जोडते हैं
02:25मानिता है कि पिठोरियम आवस्या पर 64 योगिनियों का पूजन, संतान की रक्षा, परिवार के कल्यान और मंगल कामना के
02:32लिए करते हैं।
02:33इसी के साथ सब्त मात्रकाओं और देवे पिठोरी की आटे से बनी प्रतिमा बना कर पूजा की जाती है।
02:39फिल हाल अस विडियो में इतना ही, विडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।

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