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Shani Amavasya 2026 Puja Vidhi:हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन यदि अमावस्या शनिवार को पड़ती है, तो इसे शनि अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शनिदेव की पूजा, पितरों का तर्पण, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है। इस वीडियो में जानिए साल 2026 की शनि अमावस्या का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय..

Shani Amavasya 2026 Puja Vidhi: According to the Hindu calendar, the new moon day of the Ashwin month is also observed as Sarvapitri Amavasya. When this new moon day falls on a Saturday, it is known as Shani Amavasya. Religious beliefs hold that worshipping Lord Shani, performing rituals for ancestors (Tarpan), engaging in acts of charity, and helping the needy on this day are considered highly auspicious. Watch this video to learn about the auspicious timing, puja rituals, and remedies to please Lord Shani for Shani Amavasya 2026.

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00:02हिंदू पंचांग के नुसार इस साल 10 अक्टूबर को सर्वपित्री मोक्ष अमावस्या पढ़ रही है।
00:30पित्रों का तरपन श्राथ करने के साथ साथ दानपून करना लापकारी हो सकता है।
00:35मानेता है कि इस दिन पित्रों की त्रिप्ति के लिए किये गए कर्मों के साथ साथ शनी देव की पूजा
00:41अर्शना करने से शनी ग्रह से जुड़ी परिशानियों में राहत मिल सकती है।
01:00शुब मुहुरत की साल दोहुजारशबिस की आखरी शनी अमावस्या 10 अक्टूबर को है यह अमावस्या बेहत खास है क्योंकि यह
01:07सर्व पित्री मोक्ष अमावस्या के साथ पढ़ रही है जिसे शनी देव और पित्रों दोनों का एक साथ आश्यवात प्राप्त
01:16करने का दुर
01:16लबसा योग है अमवस्या तिथी की शुरुवात 9 अक्टूबर 2026 को रात 9 बच कर 25 मिनट से हो रही
01:24है वह इस तिथी का समापन 10 अक्टूबर 2026 को रात 9 बच कर 19 मिनट पर खत्म होगी उद्या
01:31तिथी के हिसाब से 10 अक्टूबर को शनी अमावस्या यानि की सर्व पित्री �
01:35मवस्य मनाई चाहिए की इस दिन पूजा का शुम हुरत है सुभा 11 बच कर 45 मिनट से लेकर दो
01:42पहर 3 बच कर 30 मिनट के बीच बात करें पूजा विधी की तो इस दिन सुभा जल्दे उठकर पवित्र
01:48नदी में स्नान करें पेनहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्
01:58करें शनी मंदिर जाकर शनी देव की प्रतिमा पर सर्सों का तेल और काले तिल चड़ाए ध्यान रखें पूजा करते
02:06समय शनी देव की आँखों में सीधाना देखें वहीं ओम शन शन शनिचराय नमह मंत्र का 108 बर जाप करें
02:14वहीं इसके साथी इस दिन सर्व पित्रिय मवस
02:17तो इसलिए आप इस दिन अपने पित्रों का श्राद तरपन और पिंड़दान भी कर सकते हैं कहते हैं गर आपके
02:24परिवार में किसी पित्र की तीथी याद ना हो तो उसका श्राद सर्व पित्रिय मवस्या के दिन ही किया चाता
02:31है मैं अब आपको बता दे कि आर्थिक तंग
02:45और साथ परिक्रमा करें इससे गर्ज और आर्थिक तंगी से राहत मिलती हैं वहीं गरीब या जरुतमन व्यक्ति को काले
02:53जूते काली उड़त की दाल काला कपड़ा या लोहे के बरतन दान करें शनीदेव दान से अती प्रसन होते हैं
03:01वहीं इस दिन सर्व पित्रिय मवस्या
03:03भी है इसलिए शाम को घर के मुखे द्वार पर दक्षिन दिशा की और मुख करके सर्सो के तेल का
03:10दीपक जलाए इससे पित्र दोष शान्त होता है और रुके हुए कारें तेजी से बनने लगते हैं उमीद करते हो
03:17आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलाल अमारी इस वी�
03:22का अपको जापते हुए भी हुए झालphones है में फसलिए जार दोड़ घर क्यों हैं

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