00:00कि ये हमारे हिसाब से मनननिस्रा पूरा गलती नहीं है बीसी आई में जो मेन है मनननिस्रा था है उन्हों
00:10ने मैं समझता हूँ कि अपना या तो पावर को दिखाते हुए इस तरह से जो एक्षन लिया यह उनकी
00:17नादानी थी बहुत ही उतियस्तर तक के साथ जुर्गामी उन्ह
00:29उन्होंने यू टर्ण ले लिया अपने लोगों ने भी साथ नहीं दिया तो आप किस तरह का क्यों कदम उठाएश
00:35है आपको सोचना कि यह सार्ट अक्तर रॉल वह स्टुडेंट ने कोई देश ग्रोही का साम नहीं किया है इस
00:41लिए उनको नहीं था इठीक है आपने उनके क
00:44इसको नहीं देखा उन्होंने का जिए हमारे पास टाइम नहीं है और हम अपना टाइम गैस नहीं करेंगे उनके अपनी
00:50सोच हो रही होगी इसना टाइम सुप्रीम कोट में भी नहीं यह देखे मनन मिस्तरा जी ने बहुत ही जल्दिवाजी
00:57इसमें किये ते आप देखे उहा
01:141200 स्टुडेंट को क्यों मिलेगा एक दूसरा नालसार को है इंस्टिटिशन इंवर्टिटी है वह बहुत है रिकुटेड इंवर्टिटी है यह
01:23इससे पूरी नालसार की एक तरह से बेज़ती होती है दूसरे देखे आज आनन पानन में जो बीसी आई ने
01:31जो किये हैं और उस
01:44इंद्रे आप एक सांसर भी हैं तो आपको इस जुर्गामी उसका नतीजा सोच करके कदम लेनी चाहिए था एडवोकेट एक
01:52है और उसमें जो इन्रॉल्मेंट का है वो 25 में बताता है कि आप किस देशिस पे किसी जो लौ
02:00एस्टुबेंट हैं उनका इंडॉल्मेंट से बो�
02:14लेकिन जिस केस में जो जहां तक हुआ है इसको तो देखे अभी चीब जस्टिस परकेंडिया में दूर्ट का दूर्ट
02:20पानी का पानी करी लिए और उन्होंने कहा कि भाई का कुछ भी हो गलत भी है लेकिन चुकी है
02:26स्टुडेंट और हमारा मसला है इसलिए इसमें बीसी आ
02:43कोड़ कर रहे हैं जो जिए चीब गेस्ट को उसमें आ रहे हैं तो उनका बोले कि यह जो हमारा
02:50आर्ट किल है भारत का संविधान है और नाइंटीन में किसी को भी अभी व्यक्ति की पूरी आजादी है वो
02:57कर सकते हैं और उसके हिसाब से जो है स्टुडेंट कर रहा सा तो मै
03:01समझता हूं कि चिफजस्ट परफिलिया ने बहुत ही उदार दील दिखाते हुए उन्हों ने ये कहा कि भाई चाह कुछ
03:08भी हो यदि अस्टुडेंट किसी के भाकावे में किये हैं या वो गलते भी किये हैं या चाह कुछ भी
03:14हो लेकिन एक बच्चा समझ करके और चुकी य
03:20समझता हूं कि यूलिश्यरी का इसे हाइस कोस्ट और नहीं हो सकता है तो उसको बहुत ही आदर करते हुए
03:27उन्होंने इसी को बिलकुल कहा कि ये छोटी सी बात था इसको बहुत बड़ी स्टूल नहीं देना चाहिए इस तरह
03:34से बी सी आई का जो शेयर मैन है मनन विस्रा साह
03:37आपने जो इस तरह का उन्होंने एक्शन जल्दीबाजी में या तो कहिए दिखाई या उनमें एक बच्पना हो सकता है
03:44कि उन्होंने एक सी जसिस ऑफिल्या को कुछ करने के लिए अपना वो दिखाए कि हम दरिया दिल की जी
03:51हम वहां का स्टूडेंट को ये चले लेकि यहा
04:05बच्पना है कुछ भी एक स्टूडेंट होता है इस तरह से बच्चा होता है बच्चे हर माबाप बच्ची की गल्ती
04:11को भूला देते हैं तो इस तरह का तो इस चीज को बेज़ा स्थूल नहीं पड़ना चाहिए आप देखे यह
04:23जदी इसकी जनेसिस चो हुआ था जो आपक
04:35अब किसी के रिटालियेशन में एक पार्टी ही मन गया खोगरोश जनता पार्टी और देखे कि इसका यह हुआ कि
04:42इनों ने इसना जनतर मंतर प्रदर्शन किया पूरे करीब करीब एक महिना एक तरह से पूरे हिंदुस्तान का सारा काज़
04:50परनाली अस्था हित हुआ और एक ब
05:11यहीं वज़ा है कि फीर बार कंसल ऑंजिलिया के जितनी कॉंशलिंग तो इसीज को कहा कि नहीं इस तरह का
05:21जो आपने निरने लिया है कि बच्चीओं को हम सथे बार कॉनोंने दे विया कि जो वहां नालसार के जो
05:29बच्चे है
05:31प्रणब जी थोड़ा सा आपकी बात से ही प्रणब जी शिवेंद्र बोला हूं अगर एक प्रस्ट नहीं आप से बिल्कुल
05:38जिस तरीके से आपने बताया कि चुकि आपने काकरोज
05:42जनता पार्टी की बात भी की जायर सी बात पिछले सीजी आई का जो कोट में एक बक्तब हो गया
05:47था उसकी भी बात की उस पर भी बात उठी थी कि उस तरह का उस पद पर बैठे ब्यक्ति
05:53को साइद शब्दों के चुनाओं में थोड़ा सब धानी बरत नीच चाहिए लेकिन ब
06:10काक्रोच वाली बात निकली उसके बाद जैसे आपने भी कहा वो बिबाद हुआ और साइद बी सी आई के भी
06:15अद्द्दक्ष ने इस तरह की चीज़े सोची तो यह ऐसा नहीं लगता कि अब जो युवाओं हैं उनकी आवाज ज्यादा
06:24मुखर हो गई उनका दवाव काम कर �
06:26ख़रे और उसको सिजाई ने कहीना कहीं माना आपने हलाकी यह कहा कि बी सी आई ने दूर दर्सीज़ता नहीं
06:32दिखाई बीस इसे अद्दक्ष नहीं दिखाई यह सब बात हैं लेकिन मैं इसको ऐसे क्यों न देखूं कि ये काक्रोच
06:38वाला प्रक्रण नहीं हुआ होता यह स
06:52सवाल ठीक है आप से जी देखे गौर्ण साब अभी तक के जो देखा गया है हसकर के आप इंडिया
07:02का जो काज पर नाली रहा है वो बहुत ही उदार टाइप के हैं और ये भली भाती परिशित हैं
07:10इसके पहले भी देखे कई घटना हुआ था अभी आप देखे कि सुप्रिम को
07:28आप इससे चैटने की तरह का रखे के तुछ लैंग्यूज की सामने किया था और उन्हों
07:32ने के नाम से वह दि दिया गया था इसके बाब जुद भी उन्होंने कहा कि नहीं आप पुटा सा
07:41उसमें एक्टाइटेड वे में है या कहीं
07:44मेंटली यह जिस्टर्व है इस तरह का हर्कत हुआ है तो उन्हों ने शमयता उसको शमा कर दियो और यह
07:51हमेशा माने यह सर्वोच ने आले क्योंकि सुप्रीम जब आदमी बड़ा होता है ना तो शमा जानता है इसलिए का
07:59था शमा सोबती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो �
08:03उसको क्या जो बड़े आदमी होते हैं पिरमोच जी हम यह तो देख रहे हैं कि पिछले जो सीजी आई
08:13थे बियार गवई उनके उपर भी जूता फेका गया था उन्होंने भी माफ कर दिया एक वकील नहीं हलाकि फेका
08:20था तो सवाल यह कि यतना बड़ा है जो हमारा नियाय क
08:24का मंदिर है चीप सीजी आई की जो गर्मा है यह किस दवाओं में बार बार तार-तार हो रही
08:29है क्या उसको बनाय रखने की जम्मेदारी सिर्फ सीजी आई की है या दूसरे जो वकील हैं या इस तरह
08:36के सुडेंट्स हैं उनको भी लाके स्टूरेंट्स उन्हें भी कुछ उ
08:52कि जितने भी इंस्टिशूसन ले लिजे चाहे वो लोगसभा हो रहा हो चाहे वो आपका राजसभा में या फिर जो
09:01है जुलिस्यरी का हो इंट्मिटिव का हो हर जगा लोगों का अस्तत्वासा निम्द हुआ है और यह देखेगा अभी हम
09:09सतकाल यहां के सारी जनता जो है दे�
09:22इक सरकार के बारे में जो अभी रख लिया कोई भी समाज कहीं का भी इस सीज को सुविकार नहीं
09:28करेगा यह तरह समझे कि यह बहुत ही निम्दा का था तो इस सीज को सुधार करने के जरुवत है
09:34प्रमोजी सुधार कैसे होगा सीजी आइग के उपर भूता उचला जाएगा
09:39उनके खिलाप अंदोलन होगा वो दवाओं में आके माफ करेंगे आखिरकार न्यायका इतना बड़ा मंदिर है सीजी आई की गर्मा
09:45है पिछले सीजी आई भी माफ कर देते हैं इस बाले भी कर देते हैं लाइ स्टूडेंट है वो कहते
09:50हैं एक बकील है सीनियर एड़ोकेट ह
09:52है तो हम कोई हम आखिरकार नजीर अदालते हैं खासतोर चे सुप्रीम कोट हो हाई कोट हो वो एक नजीर
09:58पेस करती हैं आप जानते हैं वहां के निर्णाय भी एक नजीर बन जाते हैं और वहां पर विवार अगर
10:03इस तरह का नजीर बनता है कि कोई भी जाकर के बहां पर इत
10:21तंतर बना लिए उसके बाद आपके पास सारे रास्ते खोलें आप किसी को भी गाली दे सकते हैं
10:27बिल्कुल बहुत अच्छा सवाल है और ये निंदनिया है इस सारी बाती है
10:31और इसी को यही बताए कि ये सजग होने के जरूरत है इसको सुधार करने की जरूरत है
10:35और ये खास करके जो जिम्मेदारी लोग हैं उनको ये समझना होगा कि आज ये निम्नास्तर क्यों जा रहा है
10:42और ये जब तक हम नहीं सुधारेंगे ना तो हम जो कर रहे हैं कि हम विस्व का गुरू बनने
10:47जा रहे हैं
10:48या हम अग्रिकर वो रहे हैं जूसरा या तिसरा पोजिशन लाने जा रहे हैं बड़ा मुश्किल होगा
10:53तो आज ये सुप्रिम कोर्ट का भी एक करतर बनता है कि एक नजीर बने लेकिन इसके साथ-साथ ये
11:00भी जिम्मेदारी होती है
11:02कि शुकी सुप्रिम कोर्ट के चीज़ जसी सुप्रिया के साथ ऐसा हुआ है तो नहोंने बिसु अस्तर पर ये लिखा
11:08है कि यदि कोई हमारे बच्चे गलती करते हैं तो हम शमा कर सकते हैं
11:12नहीं उन्होंने चमा कर दिया प्रबोश जी एक मेरा आमति बोगंद आपकी तरफ आऊंगा उन्होंने चमा कर दिया उनका बड़पन
11:18निश्चित तौरब बडपन जो है प्रसंशा की बात है प्रसंश निये है लेकिन सवाल ये है कि जो BCI का
11:26निर्णा है BCI अद्धैस का मम
11:37आने लिए करना चाहिए तो मैं यहां बैट कर के मैं उन्मनमिस्रा के निड़ने की अलोशना क्यों करूं मैं करूं
11:44उन्होंने किया सीजिया ने माफ किया हुआ यह नहीं यह देखे मननमिस्रा जी ने बहुत ही जल्दिवाजी इसमें किये थे
11:52आप देखर उहां करीब 1400 चु�
12:06होगा दस माच उसका खाम्याजा पूरे चौदा सो एस्टुडेंट को क्यों मिलेगा एक दूसरा नालसार जो है इंस्टिशुशन इंवर्चिती है
12:14वह बहुत रिपुटेड इंवर्चिती है यह इससे पूरी नालसार की एक तरह से बेज़ती होती है दूसरे देखे आज आन
12:36शोटिंग मोटिफ कोश्ट कर नहीं है दूसरे आप एक सांसर भी हैं तो आपको एक जुरगामी उसका नतीजा सोच करके
12:44कदम लेनी चाहिए था आपने केवाल एक खुश करने के लिए का दिया कि जल्दवाजी में नहीं ले लिया कुल
12:49मिला के यह इस तरीक है सम इसको दे�
12:54ही है लेकिन एक प्रति इतना कठोर का रवाई नहीं होनी चाहिए किसी को पेट पे लात मानने का हमारा
13:01संस्कृति भी इजाजत नहीं देता है और हमारा लौ भी यह नहीं देती है देखे आप DCI का काम होता
13:06है कि जो एड़ोकेट एक्ट है उसी के एक्वाडिंग ही चलना है
13:10एड़ोकेट एक्ट के जो आट किल जो सेक्शन 24 ए है उसमें किलियरली कहता है कि इन्रॉल्मेंट का डिस्क्वालिटिकेशन का
13:19च्या-च्या बेस हो सकता है ऐसे नहीं है कि आप जो है किसी को उठा के कर सकते हैं
13:24किसी को आप आईए और उसमें भी बल्क में दूसरा देखे ह
13:29हमारे भारत के संभिधान में 19 जो है भारत का जो आर्टिकल 1 में किलियर है लिखा हुआ कि जदि
13:36किसी का बिरोध है तो आप ठांतिक को दंग से बिरोध कीजिए माल लेते हैं शुडेंट में आपको प्रसस्तिक पत्र
13:42दिया और बिरोध जताया तो क्या गलती किया हाँ ठीक
13:58पत्र से हैं मैं युर्म का एक सटन सजा होता है जो इस बच्विडार्थियों ने जो आनाल सार के बच्चियों
14:05ने जो लास्ट ने जो गलती किया है गलती है आप सीब जसी सवाफिलिया को ऐसे नहीं भी रोग कि
14:11तब को ऐसे हर चीज में कोई निरना लेगा दसार जूं को �
14:14तो हमें एक यूडिसियरी का मान सम्मान भी रखना होगा जदि हम मान सम्मान करते हैं तब ही हमारा अस्तित
14:22भी बचा हुआ रहता है।
14:44उसके बाद फिर हमने देखा जंतर मंतर भी पूरा प्रोटेस्ट हुआ तमाम ऐसी टपणी आई जो कि शायद नहीं आनी
14:51चाहिए ऐसे व्यक्ति के प्रती जो समविधानिक पत पर बैठ है।
15:14यहीं कि अगर कल को कोई छातर CGI पर टिपणी करता है। यह तो विरोध प्रोटेशन करने का तरीका था
15:19कि कॉन्वकेशन में आप हमें चीफ गेस्ट के दौर पर नहीं चाहिए।
15:22कोई इस तरह की टिपणी होती है, कोई ऐसा काम होता है जिससे आप कह सकते हैं सुप्रीम कोट के
15:28सरवुचिपद की मरियादा को ठीज पहुंचती है,
15:31तो इसके खिलाफ कह सकते हैं या फिर इसमें एक्शन लेते हुए क्या कुछ दाइरे हैं, कानूनी दाइरे हैं, क्या
15:39चात्रों कि बगश्य के साथ कोई खिलवार जैसा बनता नज़र आता है, क्या कोई सजा का प्रावधान है, ये समझना
15:44चाहते हैं।
16:01करते हैं, या उसको डाउनवर्ड करते हैं, या उसको मर्यादा को गिराते हैं, तो निशित उपते, उसके लिए बना हुआ
16:07है, content of court. आप court की content कर रहे हैं और उसके लिए सजा है, उसमें दो साल की
16:13सजा होता है, और कई बार होता है, इवेन एड़गेट ही, यूलिशरी का उ
16:35सब्सक्राइब करने की कोशिज किया है वह बहुत ही हुदारवादी अपना पर्चे दी बिल्कुल मैं उससे सहमातू वह प्रेशन्स नहीं
16:42है मेरा मेरा मेरा सर सवाल यह है मैं बार बार इस चीज को समझना चाहरा हूं तो कि मैं
16:48यह देखता हूं कि यह क्यों सुप्रिम कोट क
16:49की बात नहीं है आप सीनिर एड्बोकेटिकल आप जज़ब हो सकते हैं किसी अदालत में निस्चित तोरप हो सकते हैं
16:55वह सारी योगता और वह अनभव जिस तरीके से आपके पास है आपके आदालत में भी कोई बकील इस तरीके
17:01से करता है मैं इसको तो छोड़ दूँ सीजी
17:13इने दोनों ने माफ कर दिया था गवई साब ने उन्होंने भी माफ कर दिया आज यह नए सीजी आई
17:21सब माफ कर रहे हैं तो सवाल यह है कि यह नजीर फिर आप क्या कारवाई कर पाएंगे आपके साथ
17:27तो नयाय नहीं हो रहा है नयाय तो एक तरफा नयाय नहीं हो सकता ना आ
17:30आप जिस पत पर बैटे हैं उसका न्याय और सम्मान दो नहीं होना जरूरी है बिल्कुल देखें नजीर भी होनी
17:36चाहिए क्योंकि बहुत उदार से भी जो है हमारा चोटाई सही कुछ तो सजा होनी चाहिए जी उसको मर्यादा को
17:44आप कायम नहीं कर सकते हैं लेकिन जदी आप
17:46तीनों उदाहरन को मैं लेता हूँ एक नालसार का स्टुएंट का दूसरा जो अभी एक लॉज तुनेंट ने जो गाली
17:55गलॉज किया था और किसरा है जो एड़ुकेट से जो करकडुमा में एड़ुकेट प्रक्सिस करते थे और उन्होंने जूता उठाने
18:01का प्रयास किया �
18:02तीनों में जो गबाई सही का भी ले लीजे सर वह गवाई साहाब का ही बात बता रहा हूं जो
18:08गवाई सहाब पे जो किया गया था वह जो जूता उठाने का और एड़ुकेट के हैं यह दोनों जो है
18:14वो law student के हैं हाला कि देखे मैं इसका बिल्कुल गिरोग किया हूं कि यो एड़ोकेट ने कंड़क्ट किया
18:20था वो एक बुजूर्ग एड़ोकेट थे वो काफी समझे है और वो केबल अपनी popularity पाने के लिए कई बार
18:28इस तरह से मलव कर देते हैं हाला कि गबाई साहब ने उनको
18:44तो इस इसू को खतम करने के लिए उन्हों कहा कि इसी पपटा शेप करते हैं मैं कहता हूं यह
18:49गलत थे उन्होंने जो किया वहां पर गलत किया था निसी तुरुप से चुकी एड़ोकेट थे यह दोनों बच्चे जो
18:55हो सकता है इतने दिमाग से प्रभुद नहीं है किसी का �
18:58बहकावे मिखियें लेकिन वो जो एड़ोकेट किये थे वो जान बुछ करके यह हुआ था और वो तो कह रहे
19:05थे मैं सनातनी हूँ सनातन का बिरोद अगर सनातन के पहसाब से काम नहीं होगा तो ऐसे होगा देखे या
19:12इस मामले में कुछ सही है उन्होंने जिस तरह से सनातन क
19:16के बारे में बोला था इसमें देखे एक बहुत लिविटेबूल कोश्चन है गोड़ता हां कि सीजी आई को भी या
19:23कोई विसमद्धानिक पद्धे हैं उनको भी अपनी सब्दों का थोड़ा मर्यादा रखना हो तो मैं मैं इसमें बहुत वेबाग होकर
19:30कराओ नेट्रॉल हो
19:44हुआ है बहुत ही नीटे अस्तर पर गये हैं और यह केवल जुडिसियरी में नहीं है अभी आप देखिये ना
19:50कि पार्लामेट में कैसी-कैसी बाते हो रही है कैसी-कैसी जो है इंदूसरे परपधान मंत्री के बारे में क्या
19:55कहा जाता है राश्पती ऑन्रेबूल राश्पत
19:58दिवारे में क्या कहा जाता है
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