00:00अकर्ष देखो आप भारत और चीन SEO में एक साथ मिल चुके हैं भारत और चीन ब्रिक्स के दो मदबूत
00:09स्थम्भ हैं तो एक बहुत शांदार पिक्चर है स्लिपिंग विद एनिमी
00:17हिंदी में शायद अनुवाद होगा कि मरता क्या ना करता हमें चीन की दरकार है और चीन को हमेरी दरकार
00:25है संदे ये हमेशा रहता है आगर देखो भाई भाई के बीच में संदे होता है पाप बेटे के बीच
00:34में तनाव रहता है लेकिन उसके बावजूद दुनिया आगे बढ
00:40भारत और चीन के बीच में जो वहार है वो इस बात पर ज्यादा निर्बर होना चाहिए कि दोनों देश
00:47किस तरह से एक दूसरे के साथ चल सकते हैं, एक दूसरे की ज्यादा मदद कर सकते हैं, बनिस्बत की
00:54छोटे-छोटे माइनर इरिटेंट्स, छोटी-छोटी परेशानिया
00:58वो हमेशा रहेगी, नाख पे एक मक्ही हमेशा मिलेगी, लेकिन उसका मतलब नहीं है कि आप नाख कोई काटते हैं,
01:06अब LAC की आकश आपने बात की है, ठीक है, चीन का शेतरफर लाखो वर किलो मेटर है, वो वाकरी
01:15500 मीटर या 1.5 किलो मीटर के बारे में चिंता नहीं करते ह
01:20हूँ, होता ये है क्योंकि जनरल माथूर भी यहां पर है, मैं भी हूँ, होता क्या है कि जो नक्षा
01:28है, नक्षे में जब आप एक लाइन ड्रॉ करते हैं, तो नेविकी मोटाई में ये 500 मीटर, 700 मीटर, 1
01:36.92 मीटर इधर उधर हो जाता है, जब आप एक नक्षे का प्रिंट �
01:41लेते हो, तो वो प्रिंट जो हर रिज लाइन पर तो आप टर्न नहीं कर सकते हैं, रिज लाइन का
01:46मतलब पर कॉंटूर लाइन होती ना, पहाड उधर गया, पहार इधर आए, अब उसको आप ऐसे गुमा गुमा के तो
01:51नहीं ड्रॉक कर सकते हैं, तो वो जब चलते हैं, स्�
02:08उसमें तो अगर मैं देखना चाहूं कई बार तो इधर उधर दो तीन किलोमेटर का फरक पड़ जाता है
02:18तो इस वज़ा से जमीन में जो गुत्तम गुत्ता हुई थी जल्ब अब मैं इस शब्का इस्निमाल करना चाहता हूँ
02:26अब हमने बहुत ज़्यादा रिसोर्सेज और एसोपीज और प्रोटोकॉल बना लिये हैं
02:34यह जमीन में गुत्तम गुत्ता नाव देखिए वो एक किलोमेटर उदर है हम लोग एक किलोमेटर उदर हैं
02:40अब एक मेकनिजम होता है आप कमांडर को पीछे फोन करते हैं कमांडर दिली तक फोन कर सकता है हॉट
02:47लाइंज हैं
02:48लोकल कोर कमांडर क्रू कमांडर टेलीफोन उठाया बात की यार अपने जो शीले अब जनरल मातूर यहां पर हैं
02:55हमारे पाल जाबाज कैप्टेन और मेजर और करनल्स हैं जो देश के लिए जान देना चाहते हैं
03:01जो अब बात ऐसे हो गई है कि वो गुत्तम गुत्ता वाली नौबत भविशे में ना आए
03:09अब मैं करनल बाबू का पुरा सम्मान करता हूँ उनके साथ जो हमारे 22 वहाधूर जवान शहूदी हों उनका
03:17पूरा सम्मान करता हूँ लेकिन भविशे में यहां निश्चित किया जाएगागा प्रोसीजर्स एवाल्व कर लिए गए
03:25जैसे कि जब हमारा पेट्रोल जाता है तो हम पहले से ही उनको बता देते हैं उनका पेट्रोल उसक्ष्टी के
03:32लिए हुआ नहीं आता
03:34इस जरह से जब उनकी पेट्रोल इस तरफ विवादित एरियास की बाग कर रहा हूं
03:38जहां पर हम लोग 3-2⁄किलोमेट्र ऊधर तर हैं वह भी ड्हाई किलोमेटर इस तफ क्लेम कर रहे हैं
03:44तो एसी जगा में जब उनकी पेट्रोल आती है तो पहले से हमें बता देते हैं उस वक्त हाम हमारे
03:50पेट्रोल को भेजते
03:51तो बविश में गुत्तं गुत्ता जमीन पर ना हो एक और चीज़ बताता हूँ देखो बड़ा ही सेंसिटिव मुद्दा है
04:02मैं पता नहीं अब कैसे इसको दुनिया में कई देशों ने इसलिए बॉर्डर तक अपनी फॉज को तैनात नहीं करते
04:11हैं यह ध्यान से सुनने की ब
04:21ना चालू हो जाए या युद्ध जैसी स्तिती ना चालू हो जाए बॉर्डर पर सिर्फ एक पोलिस जैसी और्गिनाइजेशन तैनात
04:29होती है ठीक है और यूरोप में कुछ देश ऐसे हैं जहां पर क्योंकि बॉर्डर पर तनाव था या तनाव
04:40होने की संभावना है बॉर्
04:52कई देशों में अंडर्स्टैंडिंग यूरोपियन देशों में बॉर्डर को लेकर जहां जहां confusion है जैसे यूग तूट किया मैं तीन
05:02चार टूपड़े उनके बॉर्डर पर प्राइवेट सीकूरिटी गार्ड बॉर्डर मैनेजमेंट करते हैं क्योंकि उन्होंने सीख लि
05:22अग्रेसिव होना किसी भी आर्मी का वेवार होता है आर्मी को ट्रीन किया जाता है कि जब आप दुश्मन के
05:28सामने हो तो आपको अपने नतुनेफ लाने हैं आपको को बड़ा करना है दुश्मन को डरा देना है यह आर्मी
05:34की ट्रीनिंग होती है यूरोप में तो उन्होंने
05:37प्राइवेट सिक्रूटी गार्ड से बार्टर मेनेजमेंट कर रहे हैं
05:41उनकी सरकारी पुलिस भी सामने नहीं आती है
05:43तो इस तरह की एक वैवस्ता अगले पचास, सौ या दोसो साल में हमें लाना पड़ेगा
05:49जी आकर्श
05:50सर बहुत अच्छे तरीके से समझाया आपने और जो इंसाइट जो बताए
05:54ये काफी इन्फॉर्मेटिव रहने वाले हैं
05:56मलेका जी आपके कमेंज बारत चाइना के इन बदलते हुए रिस्तों पे
06:00और क्विक्ली फिर हम मातुर साब के पास जाएंगा
06:04बिल्कुल आकर्श जी देखे आइंग दिवनात सर ने पूरा कवर ही कर दिया है
06:09तो जस्ट टू सम इट आप
06:11एक चीज इसमें देखने के लिए होगे आकर्श जी कि
06:15ट्रस्ट और ट्रेड डेफिसिट दोनो है हमारे चाइना के साथ आज के टाइम में
06:20तो उन दोनों को कैसे हम फिल करेंगे
06:23अफ़ोस ब्रिक्स में आपने जैसे बताया कि 45 मिनिट्स की मीटिंग वही उसके बाद रिपोर्ट साई कि वो ठक कही
06:29थे
06:29जिंग पिंग पूरे उससे और उन्होंने डिनर गाला अटाइम नहीं किया
06:34बट जब उन्होंने जो पिच्चर्ज जो तस्वीरे भाहर निकलके आई हैं
06:38चीन को ये समझ में कही न कही आ चुका है कि एलेफिंट और ड्रैगन का टैंगो उसके लिए बहुत
06:45जादा जरूरी है
06:47कही न कही इन दोनों एकॉनमीज का साथ रहना जरूरी है
06:51चाहे वो किसी भी छेत्र में हो आज के टाइम में हम 150 बिलियन डॉलर से उपर का ट्रेड करते
06:57हैं
06:57चीन और इंडिया हमारा रिलेशनशिप एक अजीब रिलेशनशिप है क्योंकि कहीं पर हम कॉपरेट करते हुए दिखाई देते हैं
07:08तो कहीं पर कॉलाइड करते हुए दिखाई देते हैं
07:11थ्री सीज हमारे अलड़े चाइना के साथ मौजूद है
07:14बट इस ब्रिक सम्मेलन में कहीं न कहीं हमने देखा कि
07:17कॉपरेशन इस वाट वी विल फोकस ओन
07:19लास्ट मैने अगर आपको लास्ट मन्त यादो 26 अगस्त को
07:23तो हमारे नसे डोबाल साब गए थे
07:25स्पेशल रेप्रेजेंटेटेटिर्स की मीटिंग में
07:29उसके बाद क्या हुआ
07:30उसके बाद फॉलो अपने यह वाँ बॉर्डर के डिसकस्शन वे
07:33बहुत ओपन डिसकस्शन वे
07:35फॉलोइंग वीक में हुआ कि
07:38जो वाचा बॉर्डर है रुनाचल में
07:40वहाँ पर पहली बार
07:42आर्मी कमांडर्स की मीटिंग होती है
07:43चीन और इंडिया दोनों के आर्मी कमांडर्स
07:46वहाँ पर मौजूद होते हैं
07:47बाउंडरी इशूज हम लोग कही न कहीं
07:50सेटल करना चाते तो
07:51ट्रस्ट इशूज वहाँ से ट्रस्ट डेफिसिट है
07:54हलकी हलकी बीबी स्टेप से
07:55बिल्डप होते वे नजर आ रहा है
07:57कही न कहीं आकर जी और आगे
07:59चीन को भी यह पता है कि कहीं न कहीं
08:02भारत इकलोता ऐसा देश है
08:04जो हर एक कैंप में मौझूद है
08:06चाहे वो S.E.O. में हो
08:08चाहे वो S.A.R.T. में हो
08:09Q.O.D. में हो
08:10BRICS में हो G7 में हो
08:12कहीं न कहीं भारत की
08:14प्रेजन्स बहुत इंपोर्टन्ट है और यह
08:16चीन एकनॉलेज कर चुपका है
08:17कि भारत अमेरिका इस्रेल के सांथ
08:19भी क्लोज है तो रश्या इरान के सांथ
08:21भी क्लोज है और यह सिर्फ
08:23एक उनीकनेस सिर्फ भारत के पास है
08:25तो चाहे न कहीं ड्राइगन अब हमारा दोस्त बनना
08:29चाहता है बट फिर से वही बात आ जाती है
08:31कर जी देखे बहुत जादा आख के पास जाओ
08:34तो जल भी जाओगे दूर जाओ तो ठंड भी लगती है
08:38तो कहीं न कहीं हमें वो एक सेफ बिस्टंस
08:40मेंटेन करते हुए चलना है
08:42चाहिना के साथ
08:43जी मलेगा जी बहुत अच्छी बात कहीं आपने की
08:45ट्रस्ट डेफिसिट भी है और ट्रेट डेफिसिट भी है
08:48अब ऐसे में बस आखरी कमेंट्स लेना चाहूंगा
08:50जनरल मातुर से
08:51सर क्या कहा अब हमारे
08:54ब्रिक्स में जो हुआ
08:55ग्लोबल डिप्लोमेसी में भारत का दबदबा
08:58कितना मनवाया जाएगा भारत का लोगा कितना मनवाया जाएगा
09:01और क्या अब चाइना हम से थोड़ा
09:03इस चाइना फॉलिंग सेकिंड टू अस नाओ
09:08आकाश जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है
09:11और शायद लबदी भी उसको कह सकते हैं
09:14यही है कि भारत सब को समानता से ट्रीट करता है
09:19जी
09:20अमेरिका की जो सबसे बड़ी गलती भूल हुई थी
09:24अमेरिका की डिक्शनरी में एकॉल नाम का शब्द नहीं है
09:29वो साउथ अफरिका के प्रेसिडंट को नौ घंटे बाहर
09:33अपने तरवाजे पर बैठा करके इंतजार करवाते हैं
09:36वो ग्रीन लेंड को कहते हैं आँ खा जाएंगे आपको
09:38जो कनेड़ा जो है वो हमारा एक्यामन माराज है
09:42कहने का अर्थ यह है कि जब आप इस बात पर अपनी चीज़ को अधारित कर रहे हैं
09:48सब बराबर हैं सब की आवाज बराबर हैं सब की रिक्वार्मेंट्स बराबर हैं
09:53तो मेरा यह मानना है कि चीन सामारा सेकंड होगया या हम थर्ड होगया इस बात यह बात भारत के
10:00सिस्टम में नहीं है
10:01पहली बात दूसरी बात ये है कि आप देखिए द्विश्टे खराब हैं इसमें कोई संदे नहीं लेकिन आप L.A
10:12.C. पर स्टेबलिटी को यकीन करवा सकते हैं
10:15स्टेबल करिए आप लाइन अफ एक्शल कंट्रोल को जो करनल देबनाथ बता रहे थे
10:22वो बात मैंने आँखों से मैं रहे चुका हूँ
10:25फिंगर फॉर फिंगर फाइग ये जो बात हो रही है उन्हां पर मैं फिजिकली रहा हूँ पोस्टिंग
10:31तो इसमें क्या है कि जो बाउंडरी जो लाइन अफ एक्शल कंट्रोल है वो अधिकतर जगाए स्टेबल है
10:38कुछ जगाओं पर ये हाल है कि जो एरियाज अफ डिफरिंग परसेप्शन्स उनको कहते है एडी पी
10:43वो कहते हैं कि हमारा फिंगर टू तक अधिकार है या कहीं तक है
10:49हम कहते हैं हमारा फ़लानी जगह तक है
10:51तो पहले उसका एडी पीस का ये सिस्टम था कि आप अपनी पैट्रोल वहां तक ले जाए जो आपका अक्लेमड
10:56एरिया है
10:56वो उनकी पैट्रोल यहां तक लाएंगे और जैसे अब उस चीज़ को अगर आप स्टेबल कर देंगे
11:02तो फिर आप इस चीज़ को आगे बढ़ करके और चीज़ों पर डिसकेशन कर सकते हैं
11:09यह मेरा माणना है आप देखेंगे कि चीन के विचार में बददलाव आया है
11:15अब अगर हम उसको ये कहके कि चीन धोके बाद है चालाक है बैमान है ये है वो है उसको
11:20हम आगे बढ़ाएंगे ही नहीं तो फिर शुरुआत ही नहीं होगी
11:24मेरा कहने का आरती है कि भारत और चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने की आवश्यक्ता है
11:30लेकिन उसी समय आपको अपने राष्ट्रिय हित अपने सुरक्षा हित और अपने लाइन ओफ एक्च crown में claims के बारे
11:41में कोई compromise नहीं करना है
11:43तो आप अपनी position को line of actual control पर पना करके रखिए और बाकी चीजों में आगे पढ़िए एक
11:51last line में बोलना चाहता हूँ
11:53आकाश वो बहुत जरूरी है कि एशिया के दो बड़े giant चीन और भारत डेड़ अरब population ये जो दो
12:05giant अगर इकटे होंगे
12:06तब कहीं जाकर के असल मेसेज जाएगा डोनल्ड टरंप के गॉल्फ पॉर्स में और यही चीज होके उबर करके आ
12:14रही है
12:14और चीन भी इस बात को realize कर रहा है और ये बात तभी सफल हो पाईगी जिसका बात को
12:19मैं कह रहा हूँ
12:20अगर आप समानता के साथ बराबरी के साथ एक दूसरे के साथ चलेंगे
12:24अगर चीन कहेगा मैं 30.000.000 की अकॉनमी माप तो फिर मुश्किल हो जाएगी
12:29तो मेरा मानना है वी विल हैव टू गिव इट अगो इसको दीजी उन्होंने कितना कॉम्प्राइब मैं बता रहा हूँ
12:37भारत का United Nations में representation ये मानना पहल गाओं को इसके बीच में लाना
12:44Line of Active Control के बारे में बात करना
12:4620 मिनिट की scheduled मीटिंग को 45 मिनिट तक चलते रहने देना
12:51ये तमाम बहुत positive सकारात्मक संकेत हैं आकाश
12:56और इन सकारात्मक संकीतों को एक beginning के तरह हमें इस्तेमाल करना है
13:01लेकिन फिर ये कहुँगा कि अपनी सुरक्षा की जो requirements हैं उन पे बिना compromise किये हुए
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