00:00जब destination weddings होती है ना तो अगर मान लो ताज में होती है तो शादी अच्छी हुई उसका श्रे
00:08तो ताज ले सकता है शादी अच्छी चलेगी या नहीं उसका श्रे तो ताज नहीं ले सकता वेडिंग और marriage
00:13में तो एक अंतर होता है वेडिंग अच्छी हो गई क्या marriage अच्छी चल
00:29लेटरल बात हुई, क्या उसमें हमने लद्दाख और अरुनाचल की बात की, लाल कालीन बिशाना आसान है, लेकिन जो मुद्दे
00:38हैं वो तो रहेंगे, क्या यथा स्थिती लद्दाख में 2020 जून से मई से पहले की, वो बहाल हुई, क्या
00:45चीन की भूमिका उपरेशन सिंदूर
00:47में जो पाकिस्तान की मदद करने की रही, उस पे हमने कोई सवाल पूछे, 20 हमारे शहीद हुए थे जवान,
00:56गलवान में, हम उनको थोड़ी भूल जाएंगे, आप करते रहे हैं, बायलेटरल करते रहे हैं, आप निकालते रहे हैं, जून
01:01स्थिक वैसे ही, जब हम इरान से ब
01:17में हम वेस्ट एशिया की बात करते हैं, निंदा नहीं करते हैं, अमेरिका की खुले शब्दों में, रियो में हुई
01:22थी, 2025 में निंदा हुई थी, वेस्ट एशिया में जो इसराइल कर रहा है, उसकी निंदा हम क्यों नहीं करते
01:30हैं, खुल कर क्यों नहीं करते हैं, जब हम न
01:46प्लेस्ट्रीन के पक्ष में भी स्टैंड लिया था लेकिन कुछ महिनों बाद प्रधान मंत्री इसराइल चले गया फादर लैंड फादर
01:54लैंड करके वहां यहाथ खड़े करके खड़े रहे वहां और उसके कुछ घंटों बाद एक गैर कानूनी युद्ध हो गया
02:02तो फिर �
02:03आगके आगए । अब ट्रेड के आजाईये जब आप आते हैं। तो क्या भारत को कुछ हासिल हो रहा है
02:08चीन को आप ब्रिक्स और दोमिट के लिए बाहर करुझ है तो ट्रेड कहां है हमारी ब्रिक्स की
02:13ब्रिक्स एक ऐसा संगठन था एक ऐसा समू होना चाहिए और इसका मकसद यही था जो पश्चिम देशों के आधिपत्ते
02:22को बैलेंस करता हूँ
02:25क्या आज हम जब अमेरिका का नाम तक नहीं लेते निंदा करने में भारत आज कहां खड़ा है ये पूछना
02:33हमारे लिए ज़रूरी है
02:34हम इधर भी मार खाएं चीन से और अगर चीन से थोड़ा दूर हो तो अमेरिका से मार खाएं
02:40क्या ये सिती है हमारी और ये सिती इसलिए हुई कि हमने सीधा खड़ा होना हम भूल गए
02:48इसी आउकम में दोची से और रही एक रही कि जो मेन्यू के लेकर जो है कहिना के निता विपक्ष
02:54ने बात कई वैच नॉन्वेच की बात होने लगी हो वहीं कॉंग्रेस शासिक राज्यों के मुख्यमंत्री भी नदार रहा है
03:03ये मेन्यू अपने आप में कोई बड़ी खबर आपके लिए नहीं हो मेरे लिए नहीं हो हो सकता है लेकिन
03:08ये मेन्यू के पीछे की मानसिक्ता देश की आंतरिक राजनीती में भी दिखती थी और अब देश की विदेश नीती
03:14में भी दिखने लग देश क्या है इंपोस करने
03:18थोपने की अलग अलग देशों से लोग आ रहे हैं भारत बहुत सम्रिद्ध है अपनी क्यूजीन में देश के कोने
03:27कोने में वेज नॉन्वेज में बहुत ऑप्शन्स हैं जिसको खाना है वो खाएगा आप ऑप्शन तो रखिए यह अठपटी सी
03:36बात लेगे
03:41देखे जब तक ब्रिक्स भारत के लिए कुछ मजबूत थोस परिणाम नहीं लाता तब तक इसको आप जाओ न जाओ
03:52मुझे नहीं लगता कोई जादा अंतर है भारत को दोनों तरफ से नुकसान हो रहा है यह देखकर अच्छा नहीं
04:18अब कल देखा उनकी स्थिती आधे गहंटे की प्रेस कॉंफरेंस हम वादा करते हैं
04:24सीजेपी पे कोई सवाल नहीं, जन्तर मंतर पे कोई सवाल नहीं, वो बता दें कि इस पे सवाल नहीं पूछना
04:28नहीं पूछेंगे, प्रेस कॉंफेंस तो करने फिर बात करेंगे इस पर
04:46उसका परिणाम ये रहा कि जब आदिवासी बच्चियां राहुल जी से जब उनका समवाद हुआ राहुल जी ने पत्र लिखा
04:53और महाराश सरकार को जुकना पड़ा उनको वो निर्नाई वापस लेने पड़े
04:57तो इसी तरह से दबाव डाल कर ही ये सरकार अपने गलतियों को दुरुस्त करती है
05:15कल देखा हमने यहां के भूतपूर्व मुख्यमंतरी वहां जाकर बोल रहे थे कि अगर जिसको बीजेपी को जो वोट देता
05:24है
05:24और नहीं देना चाहता वो हमें देगा
05:26खुद ही बता दिया कल उन्होंने पहली बार इमानदारी का परिचे दिया
05:29पहली बार और आखे दिबार कि बीजेपी और उनमें जादा अंतर नहीं
05:35कि अगल कि अगलब का वहला झाल कि नएकि नएकि अगल
05:41अगल
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