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Fact Check: क्या ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने छुए हिंदू संत के पैर? जानिए सच!
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस दावे की पूरी सच्चाई जानिए, जिसमें कहा जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति ने एक हिंदू संत का आशीर्वाद लिया।

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के इतर एक सांस्कृतिक व अंतर-धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ईरान के दूतावास द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन द ओबेरॉय होटल (The Oberoi Hotel) में किया गया था। इस कार्यक्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) के साथ भारत के विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधि, विद्वान और आध्यात्मिक गुरु उपस्थित थे, जिनमें जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज भी शामिल थे।

इस कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर एक छोटा सा वीडियो क्लिप तेज़ी से वायरल होने लगा, जिसमें दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी के चरण स्पर्श किए और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए आशीर्वाद लिया। कई सोशल मीडिया यूज़र्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे भारत और ईरान के कूटनीतिक व सांस्कृतिक संबंधों की मिसाल बताकर शेयर किया जाने लगा।

हालांकि, जब इस वीडियो की गहनता से पड़ताल (Fact Check) और प्रत्यक्षदर्शियों से बात की गई, तो सामने आया कि वायरल दावा भ्रामक है। ईरानी दूतावास के बयानों और कार्यक्रम में मौजूद जैन मुनि आचार्य लोकेश मुनि व अन्य अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान एक पत्र/कागज़ ज़मीन पर गिर गया था जिसे उठाने के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियन नीचे झुके थे। उसी क्षण संत भी नीचे झुके, जिसे भ्रामक तरीके से चरण स्पर्श के रूप में प्रस्तुत कर दिया गया। जानिए वनइंडिया हिंदी की इस विशेष रिपोर्ट में इस वायरल वीडियो की पूरी हकीकत।

About the Story:
A viral video claiming that Iranian President Masoud Pezeshkian touched the feet of Hindu spiritual leader Jagadguru Swami Satishacharya Maharaj in New Delhi sparked widespread social media speculation. However, fact-check probes and official statements from the Iranian Embassy revealed that the President merely bent down to pick up a fallen note or document from the floor. This video brings you the complete fact-check analysis of the viral claim.

#MasoudPezeshkian #FactCheck #ViralVideoTruth

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Transcript
00:00सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो देजी से वाइरल हो रहा है
00:03वीडियो में इरान के राष्टपती मसूद पजस्ट्यान एक हिंदू धर्न गुरु के सामने जुकते हुए दिखाई दे रहे हैं
00:09दावा की अजा रहे है कि इरान के राष्टपती ने भारतिय संत के चरंस पर शुकिये और उनका आश्रवाद लिया
00:16वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह तरह की पतिक्रियाय शुरू हो चुकी है
00:20कोई से भारतिय संस्कृति के सम्मान से जोड रहा है तो कोई से भारत और इरान के बीच बढ़ती नजदीकियों
00:27की तस्वीर बता रहा है
00:28लेकिन सवाल यह है कि वाइरल वीडियो में जो दिखाई दे रहा है क्या पूरी कहानी वही है
00:34क्या वाकई इरान के राश्टुपती पिजश्कियान ने हिंदू संत के पैर छुए थे
00:38आकर उस वक्त वहाँ क्या हो रहा था और इस वाइरल वीडियो की असली सच्चाई क्या है
00:45हमस्कार मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:48आज हम आपके सामने एक फैक्ट चक दिखाने जा रहे हैं यानि कि यह जो वाइरल वीडियो है इसकी असली
00:53तस्वीर आपको बताने जा रहे हैं
00:55वाइरल क्लिप पे इरान के राश्चुपती मसूद पजिश्कियान एक हिंदू धर्मगुरू के साथ बातचीत करते दिखाई देते हैं
01:01दोनों के बीच कुछ बातचीत होती है फिर अचानक पजिश्कियान नीचे के तरफ जुकते हैं
01:07वीडियो का यही छोटा सा हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से शेर किया जाने लगा
01:12इसके साथ दावा किया गया कि इरानी राश्चुपती ने हिंदू संत के चरण सपर्ष किये
01:18लेकिन वीडियो की असली कहानी समझने के लिए हमें उस जगे को और पूरे कारेकरम तक जाना होगा
01:24जहां ये घटना हुई थी
01:25मौका था ब्रिक्स शिकर सम्मेलन का
01:28इरान के राश्चुपती मसूद पजश्कियान ब्रिक्स समिट के सिलसिले में ने दिल्ली पहुँचे थे
01:32इसी दोरान दिल्ली के ओबिरोय होटेल में इरानी दूतावास की तरफ से
01:37एक विशेश डिनर और संबाद कारेकरम आई उजित किया गया था
01:40इस कारेकरम में कानपूर के प्रेमेश्वर धाम के पिठाधिश्वर जगत गुरु स्वामी सतीश आचारे महराज भी मौजूद थे
01:48तो अब आते हैं उस सवाल पर जिसकी बचे से ये पूरा वीडियो वाइरल हो रहा है
01:53क्या राश्ट्रपती पजश्कियन ने सच में स्वामी सतीश आचारे महराज के पैठ चुए
02:00वाइरल दावे के सामने आने के बाद इरानी पक्ष की तरफ से सफाई सामने आई है
02:05इरानी सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपती में किसी के चरन्स पर्ष नहीं किये थे
02:10दरसल बाचीत के दौरान उनके हाथ में मौजूद एक पत्र कुछ दस्तावेज ऐसा था वो नीचे गिर जाता है
02:16पर जश्कियन उसी दस्तावेज को उठाने के लिए नीचे जुके थे
02:19यानि की कैमरे में जो कुछ सेकेंड दिखाई दे रहा था उसका संदर्व सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे
02:25से अलग बताया गया
02:27और यही सोशल मीडिया के वाइरल वीडियो का सबसे बड़ा सवाल है क्या कुछ सेकेंड की क्लिप देहकर पूरी घटना
02:34का मतलब तैगिया जा सकता है
02:36स्वामी सतीश आचारे महराज कानपूर के प्रमेश्वर धाम से जुड़े अध्यात्मिक गुरू है
02:42इस कारेकरम में उन्हें इरानी दुतावास की और स्यामंतरत किया गया था
02:46कारेकरम का मकसद धार्मिक प्रचार नहीं था बलकि भारत और इरान के बीच सांस्कृतिक संबाद और पीपल टो पीपल डिपलमेसी
02:54को बढ़ावा देना
02:56तो फैक्ट्चिक में सामने आई ये तस्वीर ये है कि वाइरल वीडियो को चरंसपर्ष के दावे के साथ शेर किया
03:03जा रहा है
03:03लेकि निरानी सूत्रों ने साफ साफ कहा है कि राश्रपती नीचे गिरें दस्तावेश को उठाने के लिए जुके थे ना
03:09कि चरंसपर्ष के लिए और इसको अलग-अलग क्लिप्स को जोड़के जैसे आजकल आमोमन इंटरेट पर होता है उसको गलत
03:16तरीके से पेश किया ग
03:32अपनी राय हमें कॉमेंट में जरूर दीजेगा लेकिन अब तक आपने ये वीजियो देखी थी या नहीं ये भी जरूर
03:38बताईएगा और साथ या सी और खबरों के लिए देखते रहिए वन इंडिया हिंदे
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