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Sonipat Old Age Home Case: सोनीपत से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद भावुक मामला सामने आया है. एक पिता अपनी बेटियों से मिलने की चाहत लिए इस दुनिया से चला गया, लेकिन बेटियों के पास पिता के अंतिम दर्शन के लिए भी समय नहीं था. वृद्धाश्रम में रह रहे एक कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा. डेढ़ साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे शिवचरण गुप्ता जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के रहने वाले शिवचरण रतन गुप्ता एक समय बड़े कपड़ा व्यापारी थे. करीब डेढ़ साल पहले वह अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने आए थे. उनका कोई बेटा नहीं था. उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया, जिनमें से दो बेटियां अध्यापिका हैं. उनकी पत्नी मीना गुप्ता का पहले ही निधन हो चुका था.Sonipat Old Age Home Case: Daughters Missed Elderly Father Funeral,Shocking Reason..

A deeply emotional case has emerged from Sonipat, shaking relationships. A father passed away yearning to meet his daughters, but the daughters didn't even have time to pay their last respects. After the death of a textile merchant living in an old-age home, no family member attended his funeral. Shivcharan Gupta, a resident of Maharashtra, was once a prominent textile merchant. About a year and a half ago, he moved into an old-age home in Sonipat with his wife, Meena Gupta. He had no son. He educated his three daughters, two of whom are teachers. His wife, Meena Gupta, had already passed away. Daughters did not come even after being informed about the illness

#oldagehome #sonipatnews #haryananews #emotionalstory #boldskyhindi

~HT.178~PR.111~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:00के तो तरीक तक राना पड़ेगा हमें या तो बीस तरीक से पहले आ जो हूँ आज आज अच्छे के
00:05अबें forte आजया के कि आजयो
00:21कि अहुआ है कि अच्छे तो पने पर शारण काम कि वहां बक्ति तो आप आलोंगे जिब बहुगा ना अब
00:26हुआ
00:34सोनी पत से रिष्टों को जगजोड देने वाला एक बेहत भावुक मामला सामने आया है
00:39एक पिता अपनी बेटियों से मिलने की चाहत लिए इस दुनिया से चला गया
00:43लेकिन बेटियों के पास पिता के अंतिम दर्शन के लिए भी समय नहीं था
00:48विर्धाश्रम में रह रहे एक कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद उनके अंतिम संसकार में परिवार का कोई भी सदस्य
00:55नहीं पहुंचा
00:56जानकारी के मताबिक महराश्ट के रहने वाले शिवचरण रतन गुपता एक दौर्प में बड़े कपड़ा व्यापारी थे
01:03करीब डेर साल पहले वो अपनी पतनी मीना गुपता के साथ सोनी पत के एक व्रिधाश्रम में रहने आये उनका
01:10कोई बेटा नहीं था
01:11उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाया जिन में से दो बेटियां टीचर भी हैं उनकी पतनी
01:18मीना गुपता का पहले ही निधन हो चुका था
01:21व्रिधाश्रम के संचालक आनंद ने बताया कि करीब 20 दिन पहले शिवचरन रतन गुपता की तबित खराब होने पर उनकी
01:29तीनों बेटियों अनीता, नीशा और प्रिया को उसकी जानकारी दी गई
01:34हाला कि तीनों बेटियों ने अलग-अलग बहाने बनाए और अपने पिता से मिलने नहीं पहुँची
01:39संचालक के मताबिक शिवचरन गुपता अपनी बेटियों से बात करने के लिए हमेशा एक फोन अपने पास रखते थे
01:46बीमारी के बाद उनकी बेटियों के फोन आने भी बंद हो गए जब रिधाश्रम की ओर से उन्हें पिता की
01:51गंभीर हालत की सूचना दी गई तब भी वो वहाँ पहुची नहीं
01:56वही जब शिवचरन गुपता का निधन हुआ तो बेटियों को उसकी सूचना दी गई और कहा गया कि अगर वो
02:02आ रही है तो अन्तिम संसकार के लिए पार्थव शरी को सुरक्षत रखा जा सकता है
02:07लेकिन बेटियों ने समय न होने का बहाना दिया
02:10शिवचरन गुपता की बड़ी बेटी अनीता नेपाल में रहती है और टीचर है
02:14उनसे छोटी बेटी उत्तरप्रदेश के आजमगड में रहती है वही सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में रहती है
02:21लेकिन उनके मौत के बाद कोई भी बेटी अंतिम संसकार में शामल होने तक नहीं पहुंची
02:27तीनों ने विडियो कॉल के जरी अंतिम संसकार देखा
02:30अध्यापिका बेटी अनिता ने ओनलाइन ही 500 रुपे भेज कर कहा कि पिता का अंतिम संसकार विधिविधान से कर दीजे
02:37पहले बेटियों ने कहा था कि अस्तिया सुरक्षत रख दीजेगा
02:40लेकिन बाद में ये कहते हुए मना कर दिया कि उनके पास वक्त नहीं है
02:45उन्होंने ब्रधाश्रम के संचालक से ही गंगा में अस्तिया प्रवाहित करने को कहा
02:50अंतिम संसकार के बाद बेटियों ने विडियो कॉल पर ये भी कहा कि अंतिम संसकार की सवे विडियो उन्हें भेज
02:57दी जाए
02:58विडियो पर आपकी क्या है राय हमें नीचे कॉमेंट सेक्शन पर लिख कर बताना ना भूलिएगा
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