00:03सावन मास के शुक्ल पक्षकी तृतिया तिति को हर्याली तीज मनाई जाती है।
00:52अब बात करते हैं पूजन सामगरी लिस्ट की और पूजा कैसे करें।
01:26पूजन सामगरी में गंगाजल पंचामरत।
01:29अक्षत, रोली, धूप, दीप, कपूर, सुपारी, इलाइची, लौग, बोक्सामगरी, घेवर, मालपुआ, खीर, ताजे, फल और पान के पत्ते।
01:38हरी अली, तीज, पूजा विदी, प्रातकाल उठकर स्नान करें और हरे रंग के सुंदर वस्त्र और सोलर श्रिंगार धारन करें।
01:45इसके बाद हात में जल लेकर नर्जलया, फलाहार, वरत और पूजा का संकल पलें।
01:49गर के मंदेरे उत्तरपूर विदिशा में एक लकडी की चौकी रखें।
01:53हराय लाल कपडा बचा कर काली मिट्टी से श्रिव, पारवती और गनेश जी की प्रतिमा बनाएं।
01:59चौकी पर कलश स्थापित करें। उसमें जल, अक्षत, सिक्का और आम के पत्ते रखकर नारियल स्थापित करें।
02:05सबसे पहले प्रथम पूजे भगवान गनेश जी का पूजन करें।
02:09इसके बाद माता पारवती को सोलह श्रिंगार की सामगरी सुहाक का सामान आदी अरपित करें।
02:15शिव जी को भी उनके लिए लाईवी चीज़ें अरपित करें।
02:19दूपदीब जलाकर हर्याली तीज की व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
02:23भगवान को घेवर और पंचामरत का भोग लगाएं अंतमे माता पारवती और भगवान शिव की आरती उतार कर अखंड स्वभाग्य
02:29की प्रात्ना करें।
02:31फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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