00:02क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त और 26 जन्वरी को जंडा फेहराने का तरीका बिल्कुल एक जैसा नहीं होता
00:10जेहां दोनों दिनों में तिरंगा फेहराने के नियम और परंपराय अलग-अलग होती हैं
00:16अगर हाप भी इसके बारे में नहीं जानते हैं तो इस वीडियो को अंतक जरूर देखें क्योंकि हम आपको इस
00:21वीडियो में बताएंगे कि 15 अगस्त और 26 जन्वरी को जंडा फेहराने में क्या अंतर होता है
00:27दरजब 15 अगस को ध्वजा रोहन होता है इस दिन तिरंगे को नीचे से रसी के जर्ये खीच कर उपर
00:35ले जाया जाता है और फिर फेहराय जाता है इसे ध्वजा रोहन कहते हैं जो देश की आज़ादी और एक
00:42नए राष्ट के उदय का प्रतीक है
00:44मैं 26 जनवरी पर जंडा पहले से ही पोल की सबसे उपर बंधा होता है इसे खोल कर फेहराय जाता
00:52है इसे फ्लैग अनफलरिंग कहा जाता है जो इस बात का प्रतीक है कि गिदेश पहले से स्वतंतर है और
01:00अब उसका सम्विधान लाग हो रहा है
01:03वहीं 15 अगस 1947 को स्वतंतरता दिवस पर पहली बार भारत का तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर ब्रिटीश जंडे
01:12को नीचे उतार कर उपर शड़ाय गया था और तब से ही हर साल लाल किले पर ही ध्वजा रोहन
01:18किया जाता है
01:1926 जनवरी को राच्टपती भवन के पास करतब्य पत पर जंडा कारिकरम होता है जहां पर परेड की शुरुवात से
01:27पहले जंडे को फेहराय जाता है इसके लाबा 15 अगस पर जंडा प्रधान मंत्री फेहराते हैं आजादी के समय भारत
01:35का सम्मिधान लागुर नहीं हुआ थ
01:38इसलिए देश के राजनितिक प्रमुक यानि के प्रधान मंत्रे ने द्वजा रोहन किया था वह 26 जनवरी पर जंडा राश्टपती
01:47फेहराते हैं राश्टपती देश के सम्मिधानिक प्रमुक होते हैं और 26 जनवरी 1950 को हमारा सम्मिधान लाग हुआ था इसलिए
01:56सम्मान रा
02:08नहीं वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
Comments