00:08हर महान कहानी की शुरुआत एक सपने से होती है, लेकिन कुछ सपने उन्हें देखने वाले इंसान से भी बड़े
00:16होते हैं.
00:17साल था 1970 का दशक, दिल्ली के दरिया गंज की गलियों में एक नौजवान अपनी छोटी सी दुकान पर खड़ा
00:26था, उसके पास न कोई बड़ा सरनेम था, न कोई फिल्मी परिवार, न कोई ताकतवर पहचान, लेकिन उसके पास था
00:34एक सपना, एक ऐसा सपना जो आने वाले व
00:47संगीत हर उस इंसान तक पहुँचना चाहिए, जिसके दिल में धुन के लिए जगा है, उस दोर में संगीत सुनना
00:54आज जितना आसान नहीं था, रेकॉर्ड और कैसेट महंगे थे और अच्छे संगीत तक पहुँच हर किसी के बस की
01:00बात नहीं थी, तब ही गुलशन कुमार
01:02ने एक ऐसा रास्ता चुना जिसने पूरी इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी, उन्होंने संगीत को बनाया आम आदमी की पहुँच
01:09का संगीत, गुलशन कुमार ने सिर्फ एक म्यूजिक कंपनी नहीं बनाई, उन्होंने एक ऐसा प्लैटफॉर्म बनाया जहां संगीत लो
01:32प� чистी भगती की धुने, गुलशन कुमार ने भगती संगीत को भी बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाया, वो संगीत
01:38जो किसी एक वर्क का नहीं था, वो संगीत जो हर घर का हिस्सा बन गया, लेकिन उनकी कहानी सिर्फ
01:45संगीत बेचने की कहानी नहीं थी, उन्होंन
02:00जो कभी अंजान थी, आगे चल कर एक पूरी पीड़ी की पहचान बन गई, काम्याबी बढ़ती गई, नाम बड़ा होता
02:07गया, लेकिन गुल्शन कुमार के लिए उनकी आस्था और सादगी हमेशा सबसे उपर रही, हाथ जुड़े रहते थे, दिल में
02:14माता वैश्नो देवी क
02:15प्रतीश रधा थी और व्यवहार में विनम्रता, उनके लिए संगीत सिर्फ कारोबार नहीं था, संगीत भक्ती था, संगीत सेवा था,
02:23और शायद संगीत प्रसाद था, ऐसा प्रसाद जो उनहें मिला था, और जिसे वो करोडों लोगों तक पहुँचाना चाहते थे,
02:31लेक
02:44एक ऐसी हत्या जिसने पूरे देश को हिला दिया, एक ऐसा इंसान जिसने अपनी जिन्दगी, संगीत और भक्ती को समर्पित
02:51की, उसका सफर अचानक थम गया, लेकिन क्या सच में उनका सपना खत्म हुआ? नहीं, क्योंकि कुछ लोग चले जाते
02:59हैं, लेकिन उनके सपने नह
03:13का मिला और हर उस शक्स में जिसने संगीत को पहली बार अपने करीब महसूस किया, कुछ लोग कंपनिया बनाते
03:20हैं, कुछ लोग कारोबार बनाते हैं, कुछ लोग इतिहास बनाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो आने
03:26वाली पीडियों की आवाज बन जाते है
03:28गुल्शन कुमार वो सिर्फ एक म्यूजिक कंपनी के संस्थापक नहीं थे
03:32वो उस सोच का नाम थे जिसने कहा संगीत पर सब का हग है
03:36उन्होंने संगीत को सिर्फ बाजार तक नहीं पहुँचाया
03:39उन्होंने उसे भारत के हर घर तक पहुँचाया
03:42और शायद यही वज़ा है कि आज भी जब कोई पुराना भजन बचता है, जब कोई आरती किसी घर में
03:48गोंचती है, या जब कोई कलाकार अपनी पहली आवाज रिकॉर्ड करता है, तो कहीं ना कहीं उस कहानी में गुल्शन
03:54कुमार की विरासत सुनाई देती है, श्री गुल्�
04:03पुजिक इंडस्ट्री बदली बलकि भारत की सुनने का अंदास बदल दिया।
Comments