00:03भगवान शिव के प्रियम मास सावन का शुभारंब 30 जुलाई गुरुवार को आयुश्मान योग और श्रवन नक्षत्र में हो रहा
00:11है।
00:30प्रश श्रवरात्री पर व्रत के साथ विशेष पूजार्चना करते है।
00:34जो लोग लंबे वक्त से सावन के वरत और पूजन करते हैं उनको नियम पता है।
01:01सावन का प्रारंब 30 जुलाई से हो रहा है इसलिए पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पढ़ेगा सावन व्रत की
01:07शुरुवात पहले श्रावर सोमवार से ही होती है इस बार 4 सोमवार व्रत होंगे और 4 ही मंगला गौरी व्रत
01:13भी पढ़ेंगे
01:14सावन श्रिवरात्री 11 अगस्त को है जबकि प्रदोश व्रत 10 अगस्त को और 25 अगस्त को पढ़ रहा है तीन
01:21अगस्त को पहला सोमवार 10 अगस्त को दूसरा सोमवार 17 अगस्त को तीसरा और 24 अगस्त को चौथा सावन सोमवार
01:30पढ़ रहा है
01:30मंगला गौरी की बात करें तो 4, 11, 18 और 25 अगस्त को मंगला गौरी के वरत किये जाएंगे
01:37अगर आपको सावन सोमवार वरत रखना है तो आप 3 अगस्त से इसकी शुरुआत कर सकती है
01:42आप चाहें तो 4 सोमवार का वरत कर सकते है या फिर पहला और आखरी भी किया जा सकता है
01:49मैं सावन सोमवार वरत का उद्यापन 24 अगस्त को विधिविधान से करने का नियम है
01:54कुछ लोग के यहां कम से कर 5 सोमवार वरत का प्रचलन है तो वो सावन के 4 सोमवार के
02:00अलावा भादरप्रत के एक सोमवार का वरत रखकर उस दन उद्यापन कर सकते है
02:04बोई अगर किसी विशेश मनुकामना की पूर्ती के लिए पूरे वर्ष सोमवार वरत रखना चाहते हैं तो भी इसका प्रारंब
02:11तीन अगस याने की सावन के पहले सोमवार से शुरू कर सकते हैं
02:16जैसे सोला सोमवार का वरत वरत प्रारंब किया तो उसका उद्यापन करना जरूरी है इसके अलावा कुछ लोग को देखा
02:23होगा कि वो जीवन पर्यंत वरत रखते हैं लेकिन एक समय के बाद उनको भी वरत का उद्यापन करना जरूरी
02:29है ऐसे ही मंगला गौरी वरत भी करें य
02:45अगर आप सावन का सोमवार वरत नहीं रख पारे तो प्रदोश या फिर सावन शिवरात्री का वरत भी कर सकते
02:52हैं।
02:52ध्यान रहे, पहली बार वरत रखने वालों को आज से ही प्रण लेना होगा कि पूरे सावन माह में सामसेक
02:58वस्तों का सेवन नहीं करेंगे।
03:00परिवार जन्भी मांस मदिरा धुमरपान से दूरी बना ले, ब्रह्मचरे के नियमों का पालन करें। अगर आप वैवाहिक जीवन में
03:08हैं तो ग्रिहस्त जीवन से जुड़ी नियमों का पालन कर सकते हैं।
03:12पहले सावन सोंवार को आप सुबव उठकर दैनिक क्रियाओं से निवरत्त होकर स्नान करें और साववस्त्र पहन ले। फिर अपने
03:18हाथ में जल लेकर वरत और शिव पूजा जरूर करें। कोई भी वरत संकल्प के साथ प्रारंब करें।
03:24संकल्प का कोई विकल्प नहीं है इसके बेना वरत प्रारंब नहीं करते। वरत कर रहे हैं तो आपका मन वचन
03:30और कर्म से स्वेम को शुद्ध रखें। छलकपट से दूरी बना कर चलें। इंसा और घ्रणा का भाव मन में
03:37ना आने दे। पूजा करते समय पूरुष ओम न
03:52रुद्राबिशेक करें। बेल पत्र, अक्षत गाय का कच्चा दूद, शहद चंदन, फूल, भांग, धतूरा, श्रमी के पत्ते आदी से उनका
04:00पूजन करें। शाम के समय शिवलिंग के पास दीपक जरूर जलाए। संभव हो सके तो अपने किसी भी वरत वाले
04:08दिन रु�
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