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Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान महिलाएं हरी चूड़ियां पहनती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व क्या है? इस वीडियो में जानिए सावन में हरी चूड़ियां कब पहननी चाहिए, क्यों पहननी चाहिए, इसका माता पार्वती से क्या संबंध है, क्या अविवाहित लड़कियां भी हरी चूड़ियां पहन सकती हैं और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण मान्यताएं। अगर आप सावन के रीति-रिवाज और परंपराओं के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह वीडियो अंत तक जरूर देखें..
The holy month of Sawan is dedicated to Lord Shiva and Goddess Parvati. One of the most popular traditions during this time is wearing green bangles. But what is the religious and cultural significance behind this custom? In this video, learn why green bangles are worn in Sawan, the best time to wear them, their connection with Goddess Parvati, whether unmarried girls can wear them, and the beliefs associated with this beautiful tradition. Watch till the end to discover the spiritual meaning behind this Sawan ritual.

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Transcript
00:03इस साल सावन के महिने की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है।
00:30शेश रूप से सावन का पहला सोमवार हरियाली तीज, नाग पंचमी, श्रावन पूर्निमा, मंगला गौरी व्रत।
00:36इन दिनों हरी चूडियां पहन कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है।
00:41आप चाहें तो सावन के पहले दिन से ही पूरे एक महिने के लिए हरी चूडियां जरूर पहने।
00:47बैतर होगा अगर आपके पती आपके लिए हरी चूडियां खरीद कर ले कर आए। और आप उन्हें अपनी कलाईयों पर
00:53सजाए।
00:54अगर आप लगातार हरी चूडियां नहीं पहन सकती तो सावन में आने वाले तीज देवहार में तो जरूर पहने।
01:01इसके अलावा अगर आपने एक महीने के लिए चूडियां पहनी है तो अगले एक महीने बाद जब आप चूडियों को
01:06उतारें तो उसे मकमल के कपड़े में लपेट कर रख दे और अगले सावन में फिर सोनी चूडियों को आप
01:13पहन सकती है।
01:14आपको बता दी कि सावन में हरी चूडियां पहनने का क्या खारिण है।
01:18हरारंग प्रकृती, हरियाली, सुख, सम्रदी और नई उर्जा का प्रतीक है।
01:22सावन वर्षा रितु का महीना है इसलिए हरे रंग का खास महत्व है।
01:26माता पार्वती ने भगवान शिप को पती के रूप में पाने के लिए कठोर तब किया थे इसलिए सावन में
01:31सुहागन महिलाएं।
01:32उनका आशिरवाद और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से भी हरी चूडियां पहनती है।
01:37हरी चूडियां पती की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली का प्रतीक है।
01:42ये आपके मन को शान्ती, ताजगी और सकरात्मक्ता का अनुभव कराता है, इसले भी शुब मानी जाती है।
01:48वही अविवाहित महला, यानि की अन्मारिड लड़कियां भी हरी चूडियां पहन सकती है।
01:53इससे माता पार्वती का उन्हें आशरवाद मिलेगा और योग जीवन साती की कामना भी पूरी होगी।
01:59ध्यान रहे, स्नान के बाद साफवस्त्र पहन कर ही चूडियां धारन करें, पहनते समय भगवान शिव और माता पार्वती का
02:05इसमरन करें, संभव हो तो सोंबार या हर्यालिती जैसे शुब अबसरों पर जरूर पहनें।
02:10फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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