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Broiler Chicken Vs Desi Chicken: ब्रॉयलर चिकन एक प्रकार के मुर्गे की किस्म है जिसे विशेष रूप से चिकन के लिए पाला जाता है. आमतौर पर ब्रॉयलर चिकन लगभग 6 से 8 सप्ताह में बाजार में बिकने के लिए तैयार हो जाते हैं. जानकारी के मुताबिक, इन्हें विशेष रूप से तैयार किया गया चारा दिया जाता है जो उनके मसल्स ग्रोथ को तेजी से बढ़ा देता है. ब्रॉयलर चिकन का मांस अपनी मुलायम बनावट के लिए जाना जाता है जिससे यह अधिक स्वादिष्ट और कई व्यंजनों में आसानी से पकाने योग्य बन जाता है. लेकिन फिर भी लोगों के मन में अक्सर सवाल होता है कि क्या सच में ब्रॉयलर चिकन खाने लायक होता है या उसे इंजेक्शन दिए जाते हैं?

Broiler Chicken Vs Desi Chicken: Broiler chicken is a type of chicken specifically raised for chicken production. Broiler chickens are typically ready for sale in about 6 to 8 weeks. According to reports, they are fed specially formulated feed that accelerates their muscle growth. Broiler chicken meat is known for its tender texture, making it more flavorful and easily cooked in a variety of dishes. However, people often wonder whether broiler chicken is truly edible or if it is injected.

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Transcript
00:03क्या आपने भी सुना है कि ब्रॉयलर चिकन में हॉर्मोन के इंग्जिक्शन लगा जाते हैं?
00:07कैसे रोज खाना आपकी सेहत के लिए नुकसान दैक हो सकता है?
00:11आखिर ब्रॉयलर चिकन और देशी चिकन में अंतर क्या है?
00:14आज इस वीडियो में जानेंगे ब्रॉयलर चिकन की पूरी सचा इसके फायदे नुकसान और सेहाने का सही तरीका
00:20ब्रॉयलर चिकन ऐसी मुर्गियों का कहा जाता है जिन्हें खास तोर पर मांस के लिए पाला जाता है
00:26इनके नसल ऐसी विक्सत की गई है कि ये बहुत तेजी से बढ़ती है और लगबग 5-7 हफतों में
00:32बाजार में बेचने लाइक वजन हासल कर लेती है
00:35ब्रॉयलर चिकन को संतुलित आहार, साफ पाने और कंट्रोल एन्वारमेंट में पाला जाता है ताकि उनका विकास तेजी से हो
00:42सके
00:42विशेशग्यों की माने तो कमर्शिल पोल्ट्री फॉर्म्स में बॉयलर चिकन को तेजी से बढ़ा करने के लिए हॉर्मोनल एन्जेक्शन देना
00:49व्याभारिक और आर्थिक रूप से संभब नहीं माना चाता
00:52उनकी तेज वरद्धी मुख्य रूप से बहतर नसल संतुलित पोशन और आधुनिक पालन पोशन तक्निकों के वज़ा से होती है
01:00हाला कि किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता इस बात पर नर्भर करती है कि उसे किस तरह पाला और
01:05प्रोसेस किया गया
01:06अगर चिकन अच्छी गुणवत्ता का हो सही तरीके से पकाया गया हो और संतुलित मात्रा में खाया जाया तो यह
01:12प्रोटीन का अच्छा श्रोथ हो सकती है
01:14लेकिन कुछ स्थितियों में जहां फ्राइड चिकन, नगेट्स, सौसेज या प्रोसेस्ड मीट में नमग, फैट और प्रिजर्वेटिव जादा होते हैं
01:36वह यह अगर चिकन लंबे वक्त तक कमरे के तापमान पर रखा जाया या सही तरीके से रेफ्रिजरेट ना किया
01:41जाया तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं
01:43अब सवाल उठता है कि ब्रोईलर चिकन और देसी चिकन में अंतर क्या है
01:47ब्रोईलर चिकन जल्दी बढ़ता है और उसका मांस अपेक शकृत मुलायम रहता है
01:51देसी चिकन धीरे धीरे बढ़ता है जादा सक्रिय रहता है और उसका मांस थोड़ा सक्त लेकिन स्वाद में अलग रहता
01:58है
01:58दोनों में पोशन का अंतर बहुत बड़ा नहीं होता हाला कि देशी चिकन में वसा और पोशक तत्व कानुपाद पालन
02:05पोशन के तरीके के नुसार अलग हो सकता है
02:07चिकन खाते वक्त किन बातों का ध्यान रखे हमेशा ताजा और विश्वसनी या श्रोट से ही चिकन खरीदें
02:13चिकन को अच्छी तरह से पकाए अंदर का तापमान पर्यापत होना चाहिए ताकि बैक्टीरिया नश्ट हो जाए
02:18कच्चे चिकन और अन्य खादे पदार्थों के लिए अलग कटिंग बोड और चाकू का इस्तमाल करें
02:24संतुलित मात्रा में खाएं और साथ में सैलेड, सबजियों और साबू तनाज भी शामल करें
02:29बस ध्यान रखें, ब्रॉयलर चिकन अपने आप में नुकसान दैक नहीं माना जाता, असली फर्क इस बात से पढ़ता है
02:35कि वो किस गुणवत्ता का है, कैसे स्टोर किया गया और आप उसे किस तरह से पका कर खाते हैं
02:40इसलिए अफवाहों पर ध्यान नहीं दे, बलकि वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करें
02:45अगर आपको ये वीडियो पसंद आई हो, तो लाइक करें, शेर करें और ऐसे ही हेल्ट से जुड़े भरोसे मन
02:50वीडियोस के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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