Skip to playerSkip to main content
Indore Organ Donation: इंदौर के गौरव दवे ने दुनिया से जाते-जाते 4 लोगों को नया जीवन दे दिया। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गौरव के परिवार ने अंगदान का महान फैसला लिया, जिसके लिए इंदौर में स्पेशल ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। गौरव का यह फैसला और उनका परिवार आज हर किसी की आंखों में आंसू और दिल में सम्मान भर रहा है। देखिए इंदौर के इस हीरो की पूरी कहानी!

#IndoreNews #GauravDave #OrganDonation #GreenCorridor #IndoreGreenCorridor #BrainDead #LifeSaving #IndoreUpdates #Humanity #InspirationalStory #MadhyaPradeshNews #LiveDonation

~PR.115~HT.408~ED.120~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:03ये लोग कहां से आते हैं? सेल्यूट दिल से जैहिंद सर आप सदा सदा के लिए अमर हो गए? आपको
00:09हमेशा याद किया जाएगा? ये कुछ रियाक्शन है जो इंदौर के गौरव दवे के लिए सोशल मीडिया पर लिखे गए
00:15है।
00:30गौरव दवे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वो अमर हो गए है। गौरव का सपना परदे पर एक
00:35सफल एक्टर बनने का था, वो फिल्म डस्ट्री में कास्टिंग कॉडिनेटर के तौर पर काम करते थे, आज वो इस
00:41दुनिया से विदा हो चुके हैं, लेकिन उनका �
00:43दिल अब भी धड़क रहा है, उनको सोशल मीडिया पर शर्धाज लिती जा रही, देश ही नहीं, विदेश में भी
00:49गौरव की चर्चा है।
01:13ऐसा फैसला लिया जिसने कई लोगों की जिन्देगी में नई उम्मीद जगा दी। परिवार की सहमती से गौरव का हाट,
01:20लिवर, किड्निया और आखें दान की गई। इसके लिए सोमवार को इंदौर में 68 ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। परिवार के
01:26एक लौथी बेटे
01:27गौरव फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग डिरेक्टर का काम करते थे, वो एक्टर भी बनना चाहते थे, पिता सतीज दवे सरकारी
01:32नौपनी से रिटारड है, मा हाउस वाइफ है, छोटी बहन वेदही की शादी हो चुकी है।
01:57परिवार का सहीयोग किया। आर्या ने बताया कि डॉक्टर ने परिवार को ब्रेन डेथ और अंगदान के बारे में समझाया।
02:03इसके बाद राज़्ट्री इस्तर पर ओर्गन ट्रांस्प्लांट का प्रोसेस शुरू किया गया।
02:27साल की दो महिला मरीजों को ट्रांस्प्लांट की गई जबकि आंखे शंकरा आई बैंक के माध्यम से दान की गई
02:33है।
02:34गौरव के साथ फिल्म डस्ट्री में काम करने वाली ड्रीम वर्ल्ड मूवीज और प्रोडक्शन की होडी महक राज ने कहा
02:41करीब चार साल पहले बीकॉम करने के बाद गौरव इंडस्ट्री से जुड़ गए थे।
02:44इंडौर में रहकर ही काम करते थे। वो अपनी महनत इमानदारी और मिलंसार सभाव के कारण सभी के काफी प्यारे
02:50थे।
02:51महक ने कहा गौरव को बचपन से ही ब्रेन की बिमारी मोया मोया थी जो पूरी दुनिया में अब तक
02:56सिर्फ आठ और भारत में तीन ही लोगों को हुई है।
03:21वो समाज के रिए एक प्रेणा बन गया है।
Comments

Recommended