00:00धन्यवाद अध्यक्ष महदे इस बिल पर प्रारम करने से पहले मैं आपका ध्यान असम में हुए बाड और वहाँ पर
00:10लगबक सतर व्यक्तियों की मौत की तरफ आकरशित करता हूँ
00:15और इस सदन से बड़े पीड़ा मन से बड़े दुखी मन से किंद्र सरकार से असम के लोगों के लिए
00:22एक विशेश पैकेज की मैं गुजारिश करता हूँ
00:27सर मैं शुरुवात करता हूँ इस बिल से और अभी हमने आदर्निय मंत्री जी के वक्तव्य सुना और उनके बात
00:37और इस संशोधन वाले बिल का विवरन पढ़के साफ साफ पता चल जाता है कि ये सरकार शिक्षा विभाग को
00:48लेकर गंभीर नहीं है सुधार नहीं लाना चा
00:53ये सिर्फ एक सिर्फ एक देखावा का बिल है क्योंकि ये बिल एक संशोधन बिल है आज से दो साल
01:03पहले ये बिल लाया गया था पुब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेर एक 2024 उस समय में भी एक UGC ये
01:17नीट के 2024 के परिक्षा को लेकर
01:20पुरे देश भर में लोगों के मन में व्यापक चिंता थी उस समय में भी इसी तरह आज जैसे मंद्री
01:29जी कह रहे हैं सरकार ने इस बिल का इंट्रोडक्शन करते हुए ये कहा कि ये बहुत बढ़ा कदम है
01:36और इस से शिक्षा विभाग सुद्रेगा और इस से परिक्षा मे
01:42जो पेपर लिख होते हैं अब नहीं होगा आप किसी का सहस नहीं होगा ऐसे ऐसे कड़े डंग उस समय
01:49सरकार ने कहा कि 2024 के बिल में वो लाए हैं तो जो 2024 के नीट यूजी पेपर लिख पे
01:59जो तहकीकात हुई
02:02जो इंवेस्टिगेशन हुआ मैं पढ़ना चाहता हूँ उसकी स्थिति आज क्या है ताकि पता तो चले कि ये सरकार दो
02:12सल पहले जो नीट परिक्षा को लेकर जो व्यापक भ्रस्टाचारी हुई उसको लेकर ये सरकार कितने गंबीर है
02:20बहुत दुख के साथ मैं कहना चाहता हूँ कि एक अगबार में आर्टिकल आया 2026 में कि जो 45 व्यक्ति
02:29थे जो चार्डशीट हुए थे
02:33नीट यूजी 2024 पेपल लीक के मामने में 45 में से 44 को बेल मिल चुका है ये है इनके
02:41ये है इनकी गंबीरता ये है इनकी चात्रों के पती इनकी सम्वेदना जो मूल व्यक्ति है जिसको मास्टर माइंड कहा
02:51जाता है संजीव मुख्या 11 महीने तक वो फरार था
02:5611 महीने तक सरकार उसको पकड़ नहीं पाई एप्रिल 2025 में वो फाइनली उसका गिरफ्तार हुआ और फिर उस मामले
03:06में उस मामले में उसको बेल मिल गया
03:16मेचे 2025 एक दूसरे व्यक्ति रंजीत कुमार बरुवा जो करियर अकैडमी एडुकेशन ट्रस्ट के चेर्मेन है वो बेल
03:26एक अमित कुमार सिंग जो पेपर सॉलवर के गैंग में था उसको मेच साथ 2025 को उसको बेल
03:33एक पंकर्ज कुमार जो कैनिडेट्स को वो सारे कागज लिग करता था मोबाइल फोन के दुआरा मेच 15 2025 उसको
03:42बेल
03:43राकेश जिसका ये आरोब था कि उसने प्रश्ण कागज को उसकी चोरी की उसको बेल
03:51तो ऐसे एक लंबा ब्योरा है चाहे वो अमित प्रसाद महराना का हो या धिरेन कुमार पंडा का हो तो
04:00ये कानून उस समय भी विफल था और ये कानून जिस मन्शा से याज ला रही है आज भी विफल
04:06होगा ये कानून आपके विफलता का समारक है
04:11क्योंकि ऐसे कानून दोजाद चौबिस के में लाने के पश्चाद भी दोजाद चौबिस में तो लीख खुआ ना से अगर
04:19कानून इतना ही सशक था तो आज दो साल बाद ही इतना बड़ा व्यापक लीख कैसे हुआ
04:26और अफसोंस की बात है सर्थ उस समय में भी शिक्षा मंतरी धरमेंदर प्रधान थी और जब दोजाद चौबिस का
04:34जब पेपर लीख का मामला जब पूरे देश भर में आया तो आपको पता है धरमेंदर प्रधान जी ने उस
04:41समय क्या कहा उन्होंने कहा कहा हुआ उपको पे
04:5521 बच्चों की जान गई आत्माहत्या उन्होंने की
05:00आपको शर्म नहीं आती इस सरकार को
05:03कि जिस मंत्री के तहत में 21 बच्चों ने अपनी जान गवा दी आत्माहत्या की
05:09जब उसने अपने मंत्री पर से इस्तीफा दिया
05:12कल जब वो सदन में आए, आपने उनको ऐसा माला पहनाया, ताकि उजैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़के आए है,
05:19ऐसा माला पहनाया, ऐसा उनका वजूद उनको बढ़ा किया, मानो कि वो पाकिस्तान से जाकर, सीमा पे जाकर जंग लड़के
05:28आए है, ये है उनकी सच्चाई
05:31दुख लगता है से
05:34आज ये बात प्रधान मंत्री आते हैं इंस्टाग्राम के रील पर
05:38वो अलग बात है कि जो पहली कैबिलेट बैठक हुई
05:43उस कैबिलेट बैठक में शिक्षा को कैसे सुधारा जाए
05:46पेपर माफिया को कैसे खतम किया जाए
05:49पेपर सेटर के माफिया को कैसे खतम किया जाए
05:51पेपर सॉलवर के माफिया को कैसे खतम किया जाए
05:54टेस्टिंग सेंटर के माफिया को कैसे खतम किया जाए
05:57प्रिंटिंग ट्रेस के माफिया को कैसे खतम किया जाए
05:59कोचिंग सेंटर के माफिया को कैसे खतम किया जाए
06:02syllabus कैसे school के syllabus के साथ मिले
06:05out of syllabus परिक्षा के paper ना आए
06:07CBAC के OMR में दानली ना हो
06:11इन सब चीजों पर व्यापक चर्चा करने के बजाए
06:15प्रधान मंत्री मोदी जी कहते हैं
06:17Instagram पर ध्यान दो
06:19Instagram पर ध्यान दो
06:22और प्रधान मंत्री
06:24प्रधान मंत्री
06:27प्रधान मंत्री जब आते हैं
06:30High Power Committee
06:32High Power Committee की बात करते हैं
06:35तो दो साल पहले
06:38जो के राधा किष्ण की जो
06:39High Committee थी उसका क्या हुआ
06:43दो साल High Committee आपने गठन की
06:46प्रधान मंत्री केंद्र सरकार के
06:48निरक्षन में एक High Committee बनी
06:50के राधा किष्ण फॉमर इस्रों के चेमन
06:53अगर वास्तवक्त में उन्हों ने इतना बढ़िया काम किया
06:56तो दो साल पस्चा थी
06:58आज क्यों दुबारा ऐसा पेपर लिख हुआ
07:03सरकार ये दिखाना चाहती है कि ये बहुत गंबीर है
07:09पिछले कुछ दिनों में पता चला कि
07:11एंटीए के लगभख 47 लोगों को बदला गया
07:16सर मैं इस सरकार से में ब्योरा चाहूंगा
07:19कि वे जो 47 लोग हैं जिनको आपने
07:23ट्रांस्फर क्या या सस्पेंड क्या कौन है वो
07:27क्योंकि NTA की जो actual sanction capacity है
07:31NTA की जो sanction capacity है वो 34 की है
07:3534 की sanction capacity है ये 47 कौन है
07:40कौन है ये 47
07:4534 मैंसे तो शाय моically 10-11 vacancy आए 24 ही है
07:50जहां पर लोग बैठे हुए है तो यह जो 47 जो संक्षन यह कौन है जो आउट्सोर्स करके अपने लोगों
07:56को लाया और NTA में वो लोग है क्या उसका ब्योरा मिलना चाहिए हम जानना चाहते हैं आपने NTA के
08:04DG को बदला और NTA के चेर्मन को रखा ऐसा क्यों ऐसा क्यों आपको N
08:14के DG पर विश्वास नहीं आपने मान लिया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंदर प्रदान जी का इस्तीफा होना चाहिए अपने यह
08:23भी मान लिया तो आपको NTA के चेर्मन पर इतना विश्वास क्यों यह हम जानना चाहते हैं
08:30सुनाई दे रहा होगा सर एक विशेश संगठन के साथ जुड़े हुए हैं उसका ब्योरा देख लीजे
08:38NTA के चेर्मन का ब्योरा देख लीजे इससे पहले वह मध्याप्रदेश के पब्लिक सर्विस चेर्मन के वो कमिशन के चेर्मन
08:45थे
08:45और उस समय में भी धानली हुई उस समय में धानली हुई उस समय में धानली हुई उस समय में
08:57धानली हुई ऐसे इतने धानली से जुड़े हुए व्यक्ति को आज भी इतने पेपर लिक होने के पश्चाद भी आपकी
09:05सरकार बचा रही है
09:07आपकी सरकार बचा रही है जिस NTA के द्वारा 21 बच्चों ने आत्म हत्या की आज भी वो चेर्मेन बचा
09:15हुआ है क्यूं क्यूंकि वो विशेश संग के साथ जुड़ा हुआ है
09:19और यही दर्शाता है कि आप शिक्षा विभाग में आप सुधार नहीं चाहते क्यूंकि RSS के लिए शिक्षा विभाग बहुत
09:29ही महत्वपूर्ण विभाग है
09:31महत्वपूर्ण विभागे
09:33मैंने कोई असन सद्य बात नहीं कि
09:35RSS के लिए
09:37शिक्षा विभाग बहुत
09:39महत्वपूर्ण विभागे
09:40और इसलिए
09:42हम देखते हैं चाहे युनिवर्सिटीज के
09:45वाइस चांचलर्स के अपॉइंटमेंट में हो
09:47कॉलेज के प्रिंसिपल के
09:49अपॉइंटमेंट में हो
09:50जब फैकल्टी की बदली होती है
09:53उसमें हो
09:54चाहे आउट्सोर्सिंग में हो
09:55हर चीज में हम देखते हैं
09:58कि जो युनिवर्सिटी
09:59जिन युनिवर्सिटी की कलपना पंडित
10:02नहरू ने एक साइंटिफिक
10:03टेंपर के दुआरा उनिवर्सिटी की
10:06एक सपना देखा था
10:07आज उनी उनिवर्सिटी में
10:09क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा
10:12आप शिक्षा के माधियम से
10:14इस पीड़ी को आने वाले
10:16चुनोतियों के लिए तयार नहीं कर रहे
10:18आप शिक्षा के माधियम से
10:20इस पीड़ी के लोगों को
10:22आने वाले समय में आपके दल के सजश्य
10:24बने आपको वोट दे
10:26उसके लिए आप एक माहौल बना रहे हो
10:28ये है आपके लिए शिक्षा का उदेश
10:31यह है शिक्षा को देश है और हमने देखा कि वे जो संस्थाएं चाहे वो आईटी हो चाहे जेनी हो
10:38चाहे डीउ हो देश भर से माता पिता अपने बच्चों को बोल रहे कि जाओ दिल नहीं जाओ अगर दिल
10:45नहीं जा सकते तो बंबे जाओ बिहार में जाओ लेकिन धर्णा प
11:00बेजा एक बाप ने अपने बेटे के पीट पर थब थपा कर उसको चंतर मंतर पर भेजा और डियू आयाइटी
11:06जेन्यू कहती है आप मत जाओ छात्रों को कहती है अगर आप जाओगे तो आपके करियर पर प्रभाव बन सकता
11:16है यह है शिक्षा की संस्थाएं ऐसे हम आने व
11:30अगर एक बात इस पूरे घटना करम से निकलती है वो यह है कि आज शिक्षा में ये इस बिल
11:39से जिसमें आपने पेनल्टीज बढ़ा दियें पनिश्मेंट बढ़ा दियें इस से हमारा शिक्षा विभाग नहीं सुदेगा राहुल गांदी जी बार
11:47बार कहा कि धर्मेंनर प
12:00शिक्षा में सुधार आएगा आज भी ना बच्चो को विश्वास आता है इस बात पर ना हमाराचीत हो ड़ी चाहे
12:12यूपी में हो चाहे बिहार में हो
12:26चाहे पस्चिब बंगा में हो चाहे या असम में हो
12:29सब जगह विवेन राजनितिक डाल संगठन और इन डाल संगठन से अलग सारे युवा सड़क पे आगे
12:35सब ने अपने शिक्षा की मांगी और क्यों मांगी उनके दुख को पहले हमें सबजना चाहिए
12:42उनके पीड़ा कों को समझना चाहिए उनके अंदर जो नाराजगी है उस बात कों में समझना चाहिए
12:49ने तो किसी का इतना साहस नहीं कि सड़क पे आके गर्मी बारिश, सड़क पे सोना, पुलीस की लाठी खाना,
12:55दिन दिन भूख हर्ताल पे रहना सब के इतनी साहस नहीं है, ये साहस कहां से आता है, ये साहस
13:01आता है उस दर्द से, जिस दर्द में अपने भविश्यों को लेकर �
13:11वो विवश है जिस दर्द को वो आज के समाज में उसको व्यक्त भी नहीं कर सकते हैं सरकार से
13:18सवाल भी नहीं पूर सकते हैं और बहुत एक बढ़िया एक व्यक्ति ने इस पुरे जो दर्द है इस दर्द
13:29का दर्द का गुजा दर्द के बारे में बात करते हुए गोपालदास
13:35नीरज के गीत की बात करता है
13:36वो व्यक्ति
13:38जिस व्यक्ति से राहुल गांदी जी मिलने गए
13:41उन्हों उसने कहा
13:42उसने हमें याद दिलाया
13:44कि नीरज की वो पंक्तिया
13:46स्वप्न जहरे फूल से
13:48मीत चुबे शूल से
13:50लुट गए सिंगार सभी
13:52बाग गे बबूल से
13:54और हम खड़े खड़े बहार देखते रहे
13:57कारवा गुजर गया
13:58गुबार देखते रहे
14:00ये बच्चों की वो दुख है
14:02क्या करें
14:04हमारे पास पैसे नहीं है इतने
14:06कि हम पेपर खड़ीद पाएं
14:0930-30 लाग का पेपर
14:11हमें खड़िदने के पास
14:12हमारे पिताओं के पास
14:13इतने सा मर्थ्य नहीं है
14:14वो दुख है वो नाराज है
14:17और इसे लिए
14:18जब वो दुख से वो लड़ नहीं पाते
14:20तो आत्मा हत्या पर आ पड़ते
14:23और NCRB में सर
14:24आज देश की ये व्यवस्ता
14:27देश की असलिक ये है
14:28कि आज NCRB में
14:31National Crime Records विरो में
14:33ये भी एक कारण है
14:34कि आत्मा हत्या हुई
14:36क्योंकि वो बच्चा एक्जाम में फेल हुआ
14:39ऐसा भी एक कारण आ गया है
14:42बच्चों की आत्मा हत्या
14:44चात्रों की आत्मा हत्या
14:46लगबग एक लग से उपर बढ़ चुकी है
14:49एक लग से उपर
14:50जिसमें से 2000 ने तो
14:52साफ साफ कहा है
14:542400 ने साफ साफ कहा है
14:56कि मैं फेल हो गया
14:58और इसलिए मैं
15:00सुइसाइट ले रहा हूँ
15:01बहुत लोग बच्चों ने
15:03फैमिली पारिवारी कारण से
15:05फैमिली रिजन से वो आत्मे हत्या लोने की
15:07लेकिन इसके पश्चाद भी
15:09वे युवा आए
15:10वो चाहे गुजरात से हो
15:13वो चाहे महराष्ट्रे से हो
15:14चाहे विदेश से हो
15:15चाहे दक्षिन भारे से हो
15:17महराष्ट्रा से वो सब आए
15:19और जब वो आए
15:20और दिल्ली के गर्मी दिल्ली के बारिश से जब वो उन्हों उसमें जो दर्द है उसमें जो संघर्ष है उस
15:29संघर्ष को जिलने में उन्होंने याद किया सावितरी भाई फूले को
15:35वे लड़किया जो आई थी ऐसे बहुत लड़किया थी जुन्होंने रील पे कहा कि मैं अपने माता पिता को बिना
15:41बोले में जा रही हूं क्योंकि मुझे लड़ना है ऐसे भी लड़किया थी जुन्हें कहा कि मैं छात्र नहीं हूं
15:48मैं काम करती हूं लेकिन मैंने भी कुछ सा
16:03साथ मैं खड़ा होना चाहती हूँ मैं जाओंगी आज ये सब वहां पे आए क्यों क्यों कि उन्होंने इतिहास को
16:10याद किया कि जिस प्रकार से सावितरी भाई फूले हो या फतिमा शेक हो जिस प्रकार से समाज ने उट
16:16पर उत्पीडन किया लेकिन वो कभी भी अपने बाग स
16:19हटे नहीं युवा लोग आए एक लड़का था हरे शिर्ट में वो पुलिस को बोलना कि आ मार मुझे मारो
16:26मारो सर मारो उसमें वो भगत सिंग का जजबा हमें दिखाई दिया हमेशा उन उसने हाथ दी उठाया उसने खली
16:35बोला कि मारो क्योंकि ये थी लोगों की और युव
16:48होगा रात को सोने में मुश्किल होगी लेकिन सब लोग कह रहे थे कि कुछ नहीं होता अगर शिक्षा के
16:55लिए अपने भविश्य के लिए अगर मुझे दो ती लाठी भी खानी पड़ेगी तो मैं लाठी खाने जाऊंगा ऐसे भी
17:02लोग थे जो बीज जुलाई के रात को आ
17:18हाथ उठाया और उन्होंने बोला कि चलो मैं भी एक लाठी खाने जाऊंगा यह हमारा युवाख शक्ति मैं इस सदन
17:24से भारत के युवाख समाज को मैं नमन करता हूं अभार पकट करता हूं शुब कामला मैं देता हूं धन्यवाद
17:31देना चाहता हूं कि आपने हमें दुब
17:48जिसके सर पर खून निकल रहा था क्यूं क्योंकि काटों से भड़ा हूआ एक डंडा उसके सर पर पड़ा और
17:59उसने तब भी वो पीछे नहीं हटा खून से लत्पत उसका चेहरा समय भी पुलीस को लरका रहा था कि
18:07देखो ये लोकतंत्र है लोकतंत्र में जनता जनारदन है
18:10जनता प्रजा राजा होता है ये है वहां की उस्ताकत मैं अच्छा बहुत लोग कहते हैं कि बहुत से गलत
18:23शब्द भी उस सभा में जनतर मंतर में किये गए उन गलत शब्दों का जो मर्यादा से बहुत दूर है
18:32और मर्यादित है उन शब्दों का समर्था नहीं करता लेकिन
18:36उन शब्दों के बारे में भी याद करना चाहिए
18:39जो बाकी बच्चों ने हमें याद दिलाया
18:41किसी एक बच्चे ने याद दिलाया
18:44वसीम बरेली की कविता
18:47जिसमें लिखा है
18:49जो उसूलों पर आच आए
18:53तो टकराना जरूरी है
18:56जिन्दा हो तो जिन्दा नजर आना जरूरी है
18:59ये हैं बच्चे
19:01ये हैं वो बच्चे
19:03जो अलग-अलग प्रदेश से आए हैं
19:06मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ
19:08कि नोंने अपनी इंसानियत दिखाई
19:10हर वो बेटी जो वहाँ जाती थी
19:12वो कहती थी कि ये जंतर मंतर
19:14ये ऐसा एक जगा बन गया है
19:16जहां पर मैं अपने आपको सुरक्षित महसूस करती हूँ
19:19जब पुलीस की लाठी आती है
19:21तो कोई अंजाना व्यक्ती
19:23कोई अंजाना उसके सामड़े आकर
19:24शरीर से अपने शरीर से
19:27उस लड़की को बचाता है
19:28डंड़ा उसके लड़के के शरीर पर पड़ता है
19:31वो लड़का कहता है कि इस उंगली से
19:33मैंने पिछली बार कमल पर वोट डाला
19:35आज इसी उंगली को
19:37कमल के पुलीस ने तोड़ डाला
19:39ये है
19:41ये है
19:42ये है उनका साहस
19:44आज समाज, मैं पूरे छात्र के साथ, पूरे समाज को भी मैं धन्यवाद करना चाहता हूँ
19:51उस गुरदवारों को मैं, के संचालकों को मैं धन्यवाद करना चाहता हूँ
19:56जिन्होंने अपना दर्वाजा खोला लोगों को वहाँ पे शरन दिया
19:59ये है हमारी देश की खुबसूरती
20:05मैं धनवाद देना चाहता हूँ
20:07कि देश भर से लोगों ने फोन किया
20:08कि मैं वहाँ जा नहीं सकता है
20:10लेकिन सुगी के दारा
20:11दुआरा उन बच्चे को खाना तो पुचा सकता हूँ
20:13मैं धनवाद करना चाहता हूँ
20:16उन वकीलों का वो चाहे सुप्रीम कोट के बाहर हो
20:19चाहे वो जनतर मंतर पे आये हो
20:20सब ने बोला कि लोगतंतर के साथ
20:23समिधान के पक्ष में आज हम सब यहाँ पे खड़े हूँ
20:26लेकिन जहाँ पर हमने
20:29हमारे खुबसूरती देखी
20:31जहाँ पर हमने इनसानियत देखा
20:34जहाँ पर हमने लोगतंतर की ताकत देखी
20:37जहाँ पर हमने लोगतंतर की ताकत देखी
20:40वही पर हमने इस सरकार की कुरूरता भी देखी
20:44हमने देखा आपने किस प्रकार से पलट गान का इस्तमाल किया
20:48हमने देखा किस प्रकार से अपने इलेक्ट्रिक बेटन का इस्तवाल किया
20:52हमने वह भी नज़रा भी देखा कि किस प्रकार से पुलीस करमचारी ने एक लड़की के गाल पर थप पर
20:58मारा
20:59A.C.P. भी वो A.C.P. का नाम भी हमें याद है
21:02उस पुलीस अफ कांस्टिबल का चेरा भी याद है
21:06जिसने अपने डंडे के साथ एक लड़की के प्राइवेट पार्ट पे उसने आखरमन किया
21:11हमें याद है वो लड़किया जोनों ने आसू उनके आसू निकल रहे थे आखों से
21:32इसलिए बार-बार हम मांग कर रहे हैं कि किस ने आदेश दिया वो आदेश कहां से आया कि पैलेट
21:41गांड का इस्तमाल हो
21:44किस ने आदेश दिया किस ने आदेश दिया कि आसू गैस का इस्तमाल हो
21:53किस ने आदेश दिया
21:55कि लाठी पैरों पे नहीं
21:57लाठी सर पे पढ़नी चाहिए
21:58किस ने वो आदेश दिया
22:00और इसलिए बार बार आधुर गांदी जी ने भी
22:04चिठी ले की है
22:05और आज भी हम देखते हैं
22:07कि अब सारी हम बते कर रहे हैं
22:09आज इस सदन में
22:10इस सत्र में इस विशे पर भाग
22:12इसलिए लेना चाहते हैं क्योंकि हम
22:14सरकार से जवाब चाहते हैं
22:16और विशे शूप से ग्राम मंत्री से
22:18जवाब चाहते हैं
22:20ग्राम मंत्री से हम जवाब चाहते हैं
22:22मेरा एक एना है
22:23सार ग्रामंत्री साम जबाब चाहते हैं
22:26सार अज ये बिल क्यों आया है
22:30ये बिल क्यों आया है
22:33ये बिल क्यों आया है समझना चाहिए
22:36ये बिल इसलिए आया है
22:38कि ग्रामंत्री के दौरा भेजिवी पुलीस
22:41लोगों के खोशले को कुछल नहीं पाई
22:44इसलिए यह बिल आया है
22:45आपने उस धर्णा को खतम नहीं कर पाया
22:48इसलिए यह बिल आया है
22:49हमने देखा नासिब दिली में
22:51बिहार में आपने AAK 47 का
22:53इस्तमाल किया यह नौमत है
22:55यह नौमत है
22:57आपने इसलिए
22:59इसलिए मैं लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगा
23:02और धन्यवाद कारी के साथ है
23:04जिन्हों ने कहा
23:06जिन्हों ने एक और हमें बहुत ही खुबसूरत जीत याद दिलाया
23:10दिलकर का
23:11अब जो सिर्फ पर आप पड़े
23:14नहीं ड़ना है
23:15जन में है तो
23:17दो बार नहीं मरना है
23:19ये जो लोगों के आज संदेश
23:21दिया है लोग तंत्र में
23:23दुबारा उन्होंने आज हमारे
23:25उर्जा जो दी है इसके लिए
23:27सारे विपक्षी दल
23:29हम भारत के युवा समाज के साथ है
23:31चात्र समाज के साथ है वे सारे
23:45प्रोहार किया बच्चों के पर आपने आकरमन किया और बच्चों के साथ आज उनके आसों निकल देहमने देखने पड़े इन
23:52सभी बातों के साथ मैं आपने वार्नी को विनाम देता हूं धन्यवादू
24:04अजयादू