00:00गोली चली नहीं और राहुल गांधी जी ने कहा कि स्टूडेंट्स के उपर गोली चली है मैं इसको अंडरलाइन करके
00:09दुबारा बोल रहा हूँ ताकि किसी प्रकार का भ्रम देश में ना फैले जहां भी एक्शन लेना होता है लाठी
00:18चार्ज इत्यादी का उसके लिए वही �
00:21नियुक्त मेजिस्ट्रेट होते हैं ग्रह मंत्री जी के किसी प्रकार की ओडर की अवश्यक्ता नहीं होती है राहुल जी आपकी
00:30तरह चोरी चोरी चुपके चुपके ग्रह मंत्री जी विदेश नहीं जाते हैं राहुल जी यह वह ग्रह मंत्री है यह
00:38वह प्रदान मंत्री है
00:40जिनके नाम से देश द्रोही कापते है जिनके नाम से नकसली कापते है जिनके नाम से आतंकवादी कापते है
00:49आज सदन के अंदर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने जिस प्रकार का भाशन दिया है सभी मर्यादाओं को उन्होंने
00:58ताक पे रखा है
00:59और जिस प्रकार से जूट का पुलिंदा बांधा है वहां आज पूरे हिंदुस्तान ने देखा है
01:05पहली बात गोली चली नहीं और राहुल गांधी जी ने कहा कि स्टूडेंट्स के उपर गोली चली है
01:14मैं इसको अंडरलाइन करके दुबारा बोल रहा हूँ ताकि किसी प्रकार का भ्रम देश में ना पहले दिल्ली में जिस
01:24समय संसद मार्च चला था उस समय स्टूडेंट्स के उपर गोली नहीं चली थी
01:30और राहुल गांधी जी ने आज भ्रमित करने के लिए देश में अराजक्ता पहलाने के लिए गोली चली है इस
01:39प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया और यह भी कहा कि ग्रह मंत्री जी के कहने पर गोली चली है
01:45इसमें एक बात सपष्ट कर दे क्योंकि राहुल गांधी जी को शायद जमीनी हकीकत के विशह में पता नहीं है
01:53जहां भी एक्षन लेना होता है लाठी चार्ज इत्यादी का उसके लिए वही नियुक्त मेजिस्ट्रेट होते हैं
02:02ग्रह मंत्री जी के किसी प्रकार की ओडर की अवश्यक्ता नहीं होती है वहां मौके पे जिसे मौकाय वार्दात कहते
02:11हैं वहां मौझूद जो लोकल मेजिस्ट्रेट होता है ओडर उनका होता है देश को गुमरह करने का काम राहुल गांधी
02:20जी बंद करे नमबर एक
02:22नमबर दो राहुल गांधी जी ने बार बार सवाल उठाया कि ग्रह मंत्री जी कहां गए है ग्रह मंत्री जी
02:32क्यों नहीं आए है ग्रह मंत्री जी दिल्ली में है या नहीं कहां है
02:38राहुल जी आपकी तरह चोरी चोरी चुपके चुपके ग्रह मंत्री जी विदेश नहीं जाते हैं विदेश कभी नहीं जाते हैं
02:47चोरी चोरी चुपके चुपके अमित्शा जी वो यहीं मौजूद है और देश का काम कर रहे हैं
02:55और आज मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया इडियट मैं पार्लामेंट के
03:03बाहर हूँ मैं सदन के अंदर नहीं हूँ इसलिए मैं इस शब्द का प्रयोग यहां कर सकता हूँ
03:09मगर रहुल जी अपने खुद के लिए भी इडियट शब्द का प्रयोग पार्लामेंट के अंदर नहीं कर सकते हैं क्योंकि
03:18इडियट शब्द एक अन पार्लामेंटरी वर्ड है और इडियट शब्द का प्रयोग उन्होंने अनेको बार किया
03:26चौथी बाद उन्होंने कहा जंतर मंतर में उन्हें एक छात्रा ने बताया कि तीन प्रकार के लोग आया थी और
03:36उन तीन प्रकार के लोगों का परिभाशा की डेफिनिशन राहूल गांधी जी ने रखा
03:42नंबर एक प्रकार के लोग स्टूडेंट्स कहलाते हैं जिनका दिल बड़ा होता है जिनका रह बड़ा होता है और जिन्हें
03:52पता होता है कि उन्हें कुछ पता नहीं उन्हें और सीखना है ये नंबर एक कैटेगरी के लोग जो जंतर
03:59मंतर पे थे
04:00जंतर मंतर पे जो दूसरे कैटेगरी आफ लोग थे राहूल गांधी ने अपने शब्दों में बताया कि वो इडियट थे
04:07जो भगवान मानते हैं और जो प्रोपगेंडा करते हैं तो जंतर मंतर पे इडियट थे ये राहूल गांधी जी ने
04:14किस प्रकार से कि आंक्रन कर लिया
04:17मुझे लगता है जनतर मंतर में जो लोग मौजूद थे उनको भी उत्तर देना चाहिए
04:21और तीसरे कैटेगरी के लोग जो जनतर मंतर में थे वो अंदभक्त थे
04:27तो मुझे लगता है देश के भविष्य के स्टूडेंट्स को इस प्रकार से केटेगराइज करना कि उनमें से कुछ वास्तविक
04:35स्टूडेंट है देश के भविष्य के कुछ इडियट्स है और देश के भविष्य के निर्माता कुछ अंदभक्त है ये कहीं
04:42न कहीं हमारे दे�
04:56भक्त है यह राहूल गांधी याद रखे चौथी बात राहूल गांधी जी बताया आज और स्पष्ट करे कहा उन्होंने आधरनिय
05:06ग्रहमंत्री अमिच्छा जी का तीस कार वाला केविल केट देखा
05:12तीस कार केविल केट को उन्होंने जिकर किया कि मैंने देखा कि ग्रहमंत्री जी तीस कार कीविल केट वे चल
05:17रहे थे
05:18वो बताएं आज सत्यापित करें कि कहा उनके गाड़ी के साथ 30 गाड़ियों की केवेल केड़ चल रही थी
05:23और फिर उन्होंने कहा कि ग्रिह मंत्री जी उसके अंदर बैठे थे
05:27और राहुल गांधी जी ने अपनी आखों से देखा कि ग्रिह मंत्री जी काप रहे थे
05:31राहुल जी यह वह ग्रिह मंत्री है यह वह प्रदान मंत्री है जिनके नाम से देश द्रोही कापते है जिनके
05:41नाम से नकसली कापते है जिनके नाम से आतंकवादी कापते है यह नहीं कापते है देश द्रोहीयों को कपाते है
05:51नकसलीयों को कपाते है आतंकवादीयों को कपाते
05:54बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राहूल गांधी ऐसे वेक्टियों के लिए देश के प्रधान मंत्री, देश
06:02के ग्रह मंत्री के लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रेयोग आप कर रहे हैं, आपको माफी मांगनी ही पड़ेगी,
06:12जब तक हम सत्य को जनता के सामने रखते रहेंगे.
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