00:00ये करना चाहरा हूँ मैं
00:05कोई आज की किसी सामाजिक राजनैते के स्थिति को बदलने का काम नहीं है ये
00:14बीसियों शताद्दियों की आपकी जो मानसिक गुलामियम उसको तोड़ने का काम कर रहे हैं
00:22पर आपको दिखाई देता है कि जहाँ पर कर्म का गाजा बाजा बजराओ आचारे जी आप जाकर समर्थन दीजिए
00:31और कितनी बेज़दी करोगे मेरी
00:36तुम्हें दिखाई नहीं देता है किस काम का क्या महत्तो है
00:43कोई तुलना नहीं कर पाते
00:47कुछ वक्तव्य होते हैं जिनको काटा नहीं गया
00:50तो वो देश और दुनिया को तबाह करके रख देते हैं
00:57खासकर तब जब वो वक्तव्य धर्म ग्रंथों के ही हो और उनका अर्थ विक्रत कर दिया गया हो
01:06कम से कम भारत की तबाही तो धर्म ग्रंथों के विक्रत अर्थ के कारण ही हुई है
01:14वो जो पूरी धारा रही है तबाही की
01:20हम उस धारा को रोकने का काम कर रहे हैं
01:23हम कोई ऐसा काम नहीं कर रहे हैं कि जो बस आज ही उपियोगी रहेगा
01:28हम वो काम कर रहे हैं जो आज से 500,000 साल बाद भी उपियोगी रहेगा
01:43ये महत्व है हमारे काम का
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