Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
यह वीडियो 18.07.2026 को आयोजित "बोध प्रत्यूषा" सत्र से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖

वीडियो जानकारी : 18.07.2026, बोध प्रत्यूषा सत्र

#acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #SelfAwareness #FakePraise #Ego #Vedanta #BhagavadGita #Spirituality #LifeLessons #InnerGrowth #Truth #Adhyatma

Category

📚
Learning
Transcript
00:00आँखों के लिए आप एक युवा पुरुश हैं, आँखों के लिए सामने कोई स्तरी बैठी हुई है, पर अहंकार के
00:08लिए कहानी यहां खत्म नहीं होती, शुरू होती है, अहंकार कहता है वो स्तरी है, फिर मुझे मिलेगी, फिर मैं
00:15घर बसाऊंगा, फिर मेरे लिए चाय ब
00:29कराऊंगा, यह क्या है, यह आशा है, और इन सब में वो बिल्कुल मुख्द हुआ जा रहा है, अब दो
00:42खाएगा, क्योंकि तुमने जो कल्पना करी है, उसको वो कभी पूरा नहीं कर सकती, ठीक वैसे जैसे बंदर को मुबाइल
00:50काम नहीं आ सकता, पर उचुरा के बैठ गय
00:59और वो तुम बैठा रहे, कहानी लेकर बैठा रहे, लेकिन अब वो जाने मन है, देलो जान है, जाने ता
01:06मनना है, पता नहीं क्या क्या है, और कभीर साव भठकते भठकते पहुंच जाएं, और बोल दें कि यह सब
01:12जो तुमने चोरी करी है, तेरे काम नहीं आईगी, छोड�
01:29उने बताने का जो दूसरा तरीका उठाया, वो वही तरीका है, जो उपने शदों में रिशियों ने उठाया, क्या?
Comments

Recommended