Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो यूट्यूब पर : हम मिट जाएँगे, मिटेंगे फिर भी नहीं || आचार्य प्रशांत (2020)
➖➖➖➖➖➖

वीडियो जानकारी: 03.01.2020, विश्रांति शिविर, पुणे, महाराष्ट्र, भारत

#AcharyaPrashant #SpreadTruth #InnerTransformation #SeedsOfChange #SelfAwareness #SpiritualWisdom #ConsciousLiving #LifePurpose #DeepTalks #TruthAndCourage

Category

📚
Learning
Transcript
00:00मैं तो शारिरिक द्रिष्टे से नहीं भी रहूंगा तो अपने पीछे बहुत बीज बिखेर कर जा रहा हूँ जा नहीं
00:10राकर पर दिन रात बीज हवाओं को देता जा रहा हूँ वो ले जा रही हैं तमाम जगहों पर बीज
00:18पड़ रहे हैं
00:19बेशक बहुत सारे बीज पत्थरों पर पड़ रहे हैं बेशक बहुत सारे बीज लोगों के पाउं तले आके नश्ट भी
00:25हुए जा रहे हैं बेशक बहुत सारे बीज कहीं गल जा रहे हों कहीं जल जा रहे हैं पर फिर
00:32भी इतने ज्यादा बीज हैं जो बिखेरे जा रहे हैं क
00:47थोड़ा सा शरीरगत स्वारत है कि अपने सामने कुछ होता देखने तो यक्तिगत रूप से भी मज़ा आ जाएगा पर
00:54अपने सामने होता नहीं भी देखा तो कोई बात नहीं बहार तो आएगी ध्यान उस पर दो जो नया अब
01:02तुम्हारे भीतर फूट रहा है जिसकी नन्ही
01:08कोपलें प्रकट हो रही है बहुत नन्हा है छोटा है भी उसको प्रश्रे की पोशन की जरूरत है और उसको
01:16प्रश्रे और पोशन तुम ही दे सकते हो मैं नहीं मेरा अधिकार इतने तक ही है कि कहा न बीज
01:22उडा दू हवाओं में उसके बाद वो जहां पड़ें और किसी को �
01:28पसंद आ जाएं किसी को उनमें कीमत और सार्थक्ता दिखाई दे तो अब ये उसकी जिम्मेदारी है कि उन बीजों
01:38को अपना मान करके उन्हें खाद पानी दे बीज मैंने उड़ाया था पर आ करके तुम्हारे आंगन में पड़ गया
01:45है तो अब वो किसका है मेरा के तुम्हा
01:48रहा अब तुम्हारा है मैं अब कोई नहीं वास्ताव में वो बीज गतगत रूप से मेरा भी कभी था ही
01:56नहीं ऐसे समझ लो जैसे मुझे भी किसी और से मिला था मुझे भी मिला किसी से मैंने दुनिया में
02:02बांट दी आप तुमको मिल गया आप तुम्हारा है तुम उसकी स
02:05करो और बात बिलकुल थ्यान से समझ लो सच बहुत बाद में तुमको सहारा देता है शुरू में तुम्हें सच
02:12को सहारा देना पड़ता है साहस बहुत बाद में तुम्हारे काम आएगा पहले तो तुम्हें साहस के काम आना पड़ेगा
Comments

Recommended