00:04बारिश के बीच हाथियों को खाना खिलाने की परंपरा केरल के त्रिशूर में इस बार भी धुमधाम से मनाई गई
00:09हाथियों की धरती त्रिशूर के वडककुम नाथन मंदिर में करकडाका महीने का पहला हाथी भोज जिसे अनायोट कहा जाता है
00:19आयोजित किया गया
00:20इस आयोजन में 50 हाथी शामिल हुए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुचे
00:24इन हाथीयों को वड़कुम नाथन मंदिर के सामने लाया गया
00:28इन्होंने कोथियूर और और उरूला खाने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया
00:34और इस आयोजन में शामिल लोगों के हाथों से चावल के बने गोले खाए
00:38हाथीयोंने सिर जुका कर मौजूद लोगों का मन मोह लिया
00:42इन तक श्रधालूँ की सुरक्षित और आसान पहुच बनाने के लिए
00:46सारवजनिक रैंप की विवस्था सहित कई इंतजाम किये गए थे
00:50हर हाथी को चावल के दस बड़े गोले दिये गए
00:53जिन्हें 500 किलोग्राम चावल में अश्टा चूर्ण और जड़ी बूटियों का मिश्रण मिला कर तयार किया गया था
00:59इसके साथ ही इनके लिए एक शांदार दावत का भी आयोजन किया गया
01:03जिसमें सेब, अंगूर, गन्ना, अन्य फल, तर्बूस, खीरा और घास शामिल थी
01:09इस अनुष्ठान की शुरुआत अश्ट द्रव महागड़ पती होमम के साथ सुभा पाच बजे हुई
01:14हुमम दस हजार आठ नारियल, दो हजार किलोग्राम गुड, साथ किलोग्राम तिल का इस्तिमाल करके तयार किया गया था
01:22फिर सुभा साढ़े नौ बजे प्रसिद अनायुट अनुष्ठान शुरू हुआ
01:27ये गजपूजा समहारो मल्यालम महीने के करकिट कम में पहले दिन आयोजित किया जाता है
01:34अंग्रेजी कैलेंडर में करकिट कम की शुरूआत जुलाई महीने में होती है
01:38ऐसा माना जाता है कि इस अनुष्ठान के दौरान हाथियों को भोजन कराने से भगवान गनेश प्रसंद होते हैं
01:44और शुर्धालूओं को साल भर भीमारियों से बचाते हैं
01:48येरो रिपोर्ट, ETV भारत
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