00:01नंगी आँखों से बमुश्किल दिखाई देने वाली ये मूर्तियां इतनी छोटी हैं कि इन्हें केवल माइक्रोस्कोप के नीचे ही देखा
00:08जा सकता है।
00:30नंतरिक्ष में भीजा जाएगा।
00:31ये बेजोर कलाकरती तेलंगाना के वारंगल में रहने वाले मशूर सूक्ष्म कलाकार अजय मत्तेवाडा ने बनाई है।
00:39ये है कलाकरती मिशन आगमन के तहट सकाई रूट एरोस्पेस के विक्रम वन रॉकेट के जरिये अंतरिक्ष भीजी जाएगी जिसे
00:47अगले कुछ हफ्तों में लौंच किया जाना है।
00:52मैं पिछले 40 सालों से माइक्रो आर्ट बना रहा हूं।
00:56इस महीने जुलाई की 12 तारीख और अगले महीने अगस्त की 4 तारीख के बीज मिशन आगमन के तहट सकाई
01:03रूट एरोस्पेस के विक्रम एक रॉकेट से मेरी माइक्रो आर्ट वर्क अंतरिक्ष में भेजी जाएगी।
01:09हर मूर्ती की उचाई सिर्फ 800 माइक्रो यानी 0.8 मिली मीटर है।
01:40मत्यवाणा ने 2023 में इन मूर्तियों पर काम करना शुरू किया था और उनका अनुमान है कि इन्हें बनाने में
01:47उन्हें 3 साल में 140 घंटे कड़ी महनत करनी पड़ी।
01:51अब यह कलाकृती भारत के 3 महांतम विज्ञानिकों के सम्मान में धर्ती से परे अंतरिक्ष के सफर पर जाने के
01:59लिए तैयार है।
02:00झाल
Comments