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  • 34 minutes ago
ओड़िशा के नुआपाड़ा में बुधिकोमा पंचायत हाई स्कूल के तीन छात्रों कन्हैया राउत, साईस्वराज पांडा और शंभु सुना ने शिक्षक देवराज धिंडा की मदद से एक लाइफ सेविंग मोबाइल एप  बनाया है. उन्होंने इसका नाम 'सतर्कता संकेत' रखा है. अगर किसी वाहन में ये ऐप इंस्टॉल है तो हादसा संभावित क्षेत्र में वाहन के जाते ही ड्राइवर को अलर्ट करना शुरू कर देगा. एप बनाने वाले छात्रों का दावा है कि यह एप सड़क हादसों से जिंदगियां बचाएगा.  छात्रों ने इस एप को बनाने में एर्ड्यूनो यूनो बोर्ड, जंपर वायर, बजर, ब्लूटूथ मॉड्यूल और सेंसर का इस्तेमाल किया है. इतना ही नहीं, अगर हादसा हो भी जाता है तो ये ऐप उस लोकेशन को ट्रैक कर ड्राइवर के परिवार वालों को मैसेज भेज देगा.    छात्रों की कोशिश है कि इस एप में कुछ नए फीचर्स जोड़े जाएं, जो यूजर्स को ये बताए कि सामने से आ रहे वाहन की स्पीड क्या है. ये चीजें इस एप को और भी खास बना देंगी.  

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Transcript
00:00This is a siren. This is a siren. This is a siren. This is a siren.
00:10This is a life saving mobile app in the Uriša of the Uriša in the Uriša.
00:17The three schools, Kandhaya Rao, Sai Svaraj Pandha and Shambhu Suna
00:24Shikshak Devraj Dhinnda की मदस्य इसे बनाया है.
00:29इन्होंने इसका नाम सतरकता संकेत रखा है.
00:32अगर किसी वाहन में ये एप इंस्टॉल है,
00:35तो हास्सा संभाविच शत्र में वाहन के जाते हीं
00:38ड्राइबर को अलर्ट करना शुरू कर देगा.
00:41अगर हादसा हो भी जाता है,
01:08तो ये एप उस लोकेशन को ट्रैक कर,
01:11ड्राइबर के परिवार को मैसेज भेज देगा.
01:14इस एप को बनाने वाले शिक्षक देवराज धिन्दा,
01:362024 में एक सरक हासे का शिकार हो गए.
01:40तभी छात्रों को इस एप को बनाने का आइडिया आया.
01:43एप बनाने वाले शिक्षकों और छात्रों का दावा है कि 50 से 80 मीटर पहले,
01:48ये मोबाइल एप गाड़ी के ड्राइबर को बता देगा कि रोड में कहां गड़े हैं,
01:54कहां क्रॉसिंग है और रोड संक्रा है. ये एप आँखों से दिव्यांग लोगों की भी मदद करेगा,
02:02उन्हें पहले ही खराब या फिसलन भरे रास्ते के बारे में जानकारी देदेगा.
02:07छात्रों की कोशिश है कि इस एप में कुछ नए फीचर्स जोड़े जाएं,
02:24से मोतिलाल बाग की रिपोर्ट.
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