00:26।
00:28जब भी दुनिया की किसी बड़े तेल उत्पादक छेतर में युद्ध या तनाव की स्थिती बनती है तो उसका असर
00:34सिर्फ उस देश तक सीमित नहीं रहता है।
00:58पर दिखाए दे सकता है।
00:59सबसे पहले समझे कि मामला क्या है।
01:01इरान के पास हॉर्मूज स्ट्रेट नाम का एक बेहत अहम समुद्री रास्ता है।
01:07यही वो रास्ता है जिससे दुनिया की लगभग 20% टेल और बड़ी मात्रा में एलन जी की सप्लाइव होती
01:13है।
01:14अगर यहां जहाजों की आवजाही प्रभावित होती है या सुरक्षा खत्रे में पड़ती है तो पूरी दुनिया में तेल की
01:20सप्लाइव पर असर पड़ता है।
01:23जैसे जैसे युद्ध का खत्रा बढ़ रहा है वैसे वैसे इंटरनेशनल मारकेट में कच्चे तेल की कीमते भी उपर जाने
01:29लगी हैं।
01:30भारत अपनी जरूरत का काफी कच्चा तेल विदेशों से खरीटता है। अगर अंतर राश्टी तेल बाजार में तेल महंगा हो
01:36जाता है तो भारत को भी ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
02:01तो यही सबसे बड़ा सवाल है। विसे सग्यों के मताबिक अगर युद्ध लंबा चलता है और गयस सप्लाई प्रभावित होती
02:07है तो LPG सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। भारत अपनी LPG की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
02:13अगर आयात महना होगा तो आगे
02:15चलकर सेलेंडर की लागत भी बढ़ सकती है। फिलहाल सरकार की ओर से घरेलू LPG की कीमत बढ़ाने की कोई
02:22भी आधिकारी घोशना नहीं की गई है। लेकिन एक्सपर्ट्स ने जोखिम जरूर बताया है। क्या पेट्रोल डीजल के दाम तुरंद
02:29बढ़ेंगे तो ऐसा जर�
02:30पूरी नहीं है। क्योंकि सरकार टैक्स में बदलाव कर सकती है। तेल कंपनिया कुछ समय तक अतरिक प्लागत खुद भी
02:36जहल सकती है। भारत अलग अलग देशों से तेल खरीता है। इसलिए सप्लाई के कई विकल्प मौजूद रहते हैं। लेकिन
02:44अगर इंटरनेशनल म
03:00सबजियां, दूद और रोजमर्या का सामान भी महंगा हो जाएगा और एक जगे से दूसरी जगा पहुँचने का खर्च भी
03:06बढ़ सकता है। भारत की लेक और चिंता फिशे सग्यों ने सिर्फ तेल ही नहीं बलकि समुद्री व्यापार को लेकर
03:12भी जताई है। अगर यु
03:30तरह एक ही देश पर निर्भर नहीं है। सरकार अलग अलग देशों से तेल खरीती है और जरूरत पढ़ने पर
03:36सप्लाई के दूसरे विकल भी तला सकती है। इसी वजह से लोग मानते हैं कि फिलाल घवराने की जरूरत नहीं
03:43है। लेकिन हालातों पर लगातार नजर रखना
03:46भी बेहत जरूरी है। आम आदमे अभी क्या करें। तो पेट्रोल डीजल की खरीत को लेकर घबराहट में फैसला लेने
03:53की जरूरत नहीं है। एलपीजी की अतरिक बुकिंग या स्टॉक करने की कोई भी आधिकारिक सलान नहीं दी गई है।
03:59सरकार और तेल कमपनियों के अ�
04:15प्रायात की बढ़ती लागत है। अगर हालात जल सामाने नहीं हुए तो फ्यूचर में पेट्रोल डीजरो अल्पीजी की कीमतों पर
04:22दबाओ बन सकता है। अगर लोग मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में अगर हालात ऐसे ही रहते हैं
04:33तो कीमतों में उतार चढ़ाओ दे�
04:40दिखते रहें गुड रिटर्ण्स डिजिटल
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