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  • 3 hours ago
सवाईमाधोपुर. लखनऊ एवं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में स्कूलों व कोचिंग संस्थानों में आगजनी जैसे बड़े हादसे होने के बावजूद भी जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल संचालक कोई सबक नहीं ले रहे है। जिले की शिक्षा व्यवस्था के चमकदार भवनों और आधुनिक सुविधाओं के पीछे छिपा हुआ एक खतरनाक सच सामने आया है। जिले के लगभग 90 प्रतिशत निजी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी सिस्टम का कोई ठोस इंतजाम नहीं है। औपचारिकता निभाने के लिए कहीं‑कहीं एक‑दो सिलेंडर रख दिए गए हैं, लेकिन वास्तविक सुरक्षा उपकरण और फायर एनओसी पूरी तरह नदारद हैं। हाल ही में अग्निशमन विभाग से किए गए सर्वे और निरीक्षण ने यह भयावह तस्वीर उजागर की है कि अधिकांश विद्यालय नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। हालांकि इस लापरवाही के चलते अग्निशमन विभाग ने निजी स्कूल संचालकों को नोटिस थमाए है।

एनओसी नहीं ले रहे संचालकआग जैसी प्राकृतिक आपदा थोड़ी सी चूक से विकराल रूप ले सकती है और जान‑माल की भारी हानि कर सकती है। इसके बावजूद निजी स्कूल व कोचिंग संचालक नियमों को ठेंगा दिखाकर संस्थान चला रहे हैं। अग्निशमन विभाग बार‑बार नोटिस जारी कर रहा है, लेकिन संचालक एनओसी लेने को तैयार नहीं है। गत दिनों अग्निशमन विभाग की ओर से निजी स्कूलों का निरीक्षण कर संचालकों को एनओसी लेने के लिए पाबंद किया था लेकिन फिलहाल एक भी संचालक ने एनओसी नहीं ली है।

बहुमंजिला भवनों में खतरे की सीढ़ियां

कई सरकारी और गैर सरकारी स्कूल दो से पांच मंजिला भवनों में संचालित हैं। इन भवनों में संकीर्ण सीढ़ियां और बंद गलियारे हैं, जिनसे आपात स्थिति में निकलना मुश्किल हो जाता है। अग्निशमन विभाग जिन उपायों को लागू करने की सलाह देता है, उनका इन भवनों में पूर्ण अभाव है। कहीं उपकरण लगे भी हैं तो वर्षों से पड़े‑पड़े जंग खा चुके हैं और मौके पर काम करेंगे या नहीं, यह खुद संचालकों को भी मालूम नहीं है।
अग्निशमन गाड़ी तक नहीं पहुंच पाती
कई निजी व सरकारी विद्यालय ऐसे स्थानों पर बने हैं, जहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने आग से बचाव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। क्लासरूम और कार्यालयों में दो दरवाजे बनाने का नियम है, लेकिन अधिकांश भवनों में यह व्यवस्था नहीं है। शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों को फायर सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

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इनका कहना है...
निजी स्कूलों की जांच के लिए कमेटी गठित की है। नियमों के विरूद्ध संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हरकेश मीना, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सवाईमाधोपुर
संचालकों को दिए है नोटिस
हाल ही में निजी स्कूलों का सर्वे व निरीक्षण किया था। इसमें करीब 90 प्रतिशत स्कूलों में फायर सेफ्टी सिस्टम के इंतजाम नहीं मिले। इसको लेकर संचालकों को नोटिस भी दिए है। फायर एनओसी लेने व फायर सेफ्टी सिस्टम नियमानुसार पूरे लगाने के निर्देश दिए है। अब नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूलों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

कृष्णकांत मीना, सहायक निदेशक, अग्निशमन विभाग सवाईमाधोपुर

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Transcript
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01:41Then, you can open the window with the window.
01:43You can open the window and the window window.
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