00:02।
00:08।
00:30इक रिकॉर्डब बताते हैं कि जून का महीना गोल्ड के लिए सबसे खराब महीनों में शामिल रहा है जबकि जुलाई
00:36और अगस्त अक्सर इसकी कीम्तों के लिए सबसे मजबूत महीनों में गीने जाते हैं
01:08।
01:30प्रवेश कर चुका है और आकड़े बताते हैं कि यह महीना सोने के लिए उम्मीद लेकर आता है
01:35इतिहास बताता है कि पिछले 20 वर्षों में सोने की कीमत में औस्तन 1.5% की बढ़त देखने को
01:42मिली है
01:43यही वज़ा है कि जुलाई को गोल्ड के लिए साल का दूसरा सबसे मजबूत महीना माना जाता है
01:48सिर्फ औसत रिटन ही नहीं बलकि जुलाई का विन रेट भी काफी मजबूत रहा है
01:53पिछले 20 सालों में करीब 65% बार जुलाई के महीनों में सोने ने पोचेटिव रिटन दिया है
01:58यानि हर तीन में से लगबग दो बार निवेशकों को जुलाई में फायदा मिला है
02:03अगर सबसे बेहतरीन प्रदर्शन की बात करें तो जुलाई 2020 गोल्ड के लिए बेहत शांदार रहा
02:08उस महीने सोने ने करीब 10.7% का रिटन दिया
02:12उस समय बेश्वी का निशित्ता, कम ब्याजदरें और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने की कीमतों को नई उचाई
02:18तक पहुँचा दिया था
02:19इसके साथ ही कोबिड में भी लोग सोने की ओर रुख करने लगे थे
02:22हाला कि अगर 2005 से अब तक के पूरे रिकॉर्ड को देखा जाए तो अगस्त का महीना सोने के लिए
02:28और भी ज़्यादा मजबूत साबित हुआ है
02:30पिछले दो दश्कों के दोरान अगस्त में गोल्ड की कीमतों में औस्टन 1.6% की तेजी दर्ज की गई
02:36है
02:36अगस्त का विन रेट करीब 55% रहा है यानि आधे से जादा वर्षों में इस महीने सोने ने निवेशकों
02:43को पोजेटिव रिटन दिया है
02:44अगस्त का सबसे शांदार प्रदर्शन 2011 में देखने को मिला था जब सोने ने एक महीने में करीब 12.1
02:51% का जबरदास रिटन दिया था
02:53उस समय यूरोप के कर्ज संकर्ट और बैश्विक आर्थे का निशित्ता के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर
02:59सोने का रुख किया था
03:01इसके उलट जून का महीना लंबे समय से सोने के लिए कमजोर माना जाता रहा है
03:05पिछले 20 वर्षों के आकरों के अनुसार जून में सोने की कीमतों में ओस्तन 0.4% की गिरावर दर्च
03:12की गई है
03:13इतना ही नहीं केवल 14% मामलों में ही जून के दवरान सोने ने पोजेटिव रेटन दिया है
03:18यही वज़ा है कि विछलेशा किसे गोल्ड के लिए सबसे कमजोर महीनों में गिनते हैं
03:23इस साल भी जून के दवरान सोने की कीमतों में अच्छी गिरावर देखने को मिली
03:27हाला कि अब सवाल यह है कि क्या जुलाई और अगस्त में यह कमजोरी तेजी से बदल सकती है
03:32जिशेशग्यों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा सिर्फ एतिहासिक टेंड से
03:38तै नहीं होगी
03:39बलकि कई बैस्ट्रिक फैक्टर्स भी इसमें एहम भूमी का निभाएंगे
03:42सबसे पहले नजर कच्छे तेल की कीमतों पर रहेगी
03:45अगर क्रो डॉयल में उतार चड़ाव बढ़ता है तो इसका असर महंगाई की उमीदों पर पर सकता है
03:50जिससे सोने की मांग प्रभावित होगी वहीं डॉलर इंडेक्स भी गोल्ड के लिए एक बड़ा फैक्टर रहेगा
03:56आम तोर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर दबाव आता है जबकि डॉलर कमजोर पढ़ने पर गोल्ड
04:02को समर्थन मिलता है
04:03इसकी अलामा दुनिया में बढ़ता भूराजनेतिक तनाव, व्यापारिक विबाद या आर्थिक अनिश्यत्ता भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तोर पर
04:11सोने की ओर आकर्षित कर सकती है
04:13ऐसे में आने वाले हपतों में इन सभी वेश्विक शंकेतों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी
04:19वहीं निवेशकी रननीती को लेकर जानकारू की सला है कि शौट टर्म में जल्दबाजी से बचना चाहिए
04:24लेकिन लॉग टर्म निवेशकों के लिए वाचार में आने वाला करेक्शन एक अच्छा औसर सावित हो सकता है
04:30ऐसे में निवेशक चरनबत तरीके से यानि सिस्टेमेटिक खरीदारी की रननीती अपना सकते हैं
04:36जिससे उनकी औसत खरीद लागत कम हो सकती है
04:38गौर तलब है कि सोना और चांदी दोनों ही इस साल जनवरी के अंत में अपने आल टाइम हाई पर
04:43पहुँच के थे
04:44जिसके बाद इनमें अच्छी खासी गिरावड आई
04:47ऐसे में अगर जुलाई और अगस्त में अतिहासिक ट्रेंड दोहराता है
04:50और बैश्विक पर इस हितियां अनुकूल रहती है
04:53तो सोने में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है
04:56हाला कि केवल पिछले रिकॉर्ड के अधार पर निवेश का फैसला सही नहीं होगा
05:00निवेश से पहले अपनी जोखिम शम्ता, निवेश ओधी और वितिये लक्षियों को ध्यान में रखते हुए ही रन्नीती बनाना बेहतर
05:06रहेगा
05:07हाला कि इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं
05:11और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मारकेट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल
05:17के साथ
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