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PM Narendra Modi Indonesia Visit: जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच कई अहम समझौते हुए। Sabang Port, BrahMos मिसाइल सहयोग, रक्षा साझेदारी, EVM टेक्नोलॉजी और Critical Minerals जैसे मुद्दों पर दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि इन समझौतों का भारत, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और क्षेत्रीय रणनीति पर क्या असर पड़ सकता है।


PM Narendra Modi Indonesia Visit: During Prime Minister Narendra Modi's visit to Jakarta, several key agreements were signed with Indonesian President Prabowo Subianto. The two countries strengthened cooperation in strategic areas, including the Sabang Port, BrahMos missile collaboration, defense partnership, EVM technology, and critical minerals. In this video, understand in simple language how these agreements could impact India, the Indo-Pacific region, and the broader regional strategic landscape.


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00:30लेकिन असली कहाने उच स्वागत के पीछे छिपे हुई रणनीतिक साजेदार्यों की है।
01:07लेकिन कैमरों के सामने दिख रहे मुस्कुराहटों के पीछे कई बड़े फैसले तयार हो चुके थे।
01:30यही वज़ा है कि दोनों देशों की दोस्ती अब सिर्फ कूटनीती नहीं बलकि सुरक्षा और आर्थिक रणनीती का भी एहम
01:37हिस्सा बन चुकी है।
01:39बात करें पहले बड़े फैसले की तो इंडोनेशिया की चुनाओं में भारती तकनीक भारत की इलेक्ट्रिक वोटिंग सिच्ट्रम यानि की
01:46EBM पूरी दुनिया में अपने पहचान बना चुकी है।
01:49दोनों देशों ने चुनाओी तकनीक के छेत्र में सहयोग बढ़ाने की सहमती जताई है। इसका मतलब है कि भारत अपनी
01:55चुनाओी तकनीकी विशी सद्गता इंडोनेशिया के साथ साजह करेगा। ये भारत की तकनीकी चमता पर दुनिया के बढ़ते भरोशे का
02:03संकेत मान
02:03जा रहा है। बात करें दूसरे एहम फैसले की तो वो है सबांग पोर्ट। अगर पूरे दौरे का सबसे बड़ा
02:10रणनीतिक फैसला देखा जाए तो वो सबांग पोर्ट ही है। आखिर ये पोर्ट इतना important क्यों है। ये पोर्ट मलक्का
02:17स्ट्रीट के बहत करीब इस्थित ह
02:18मलक्का स्ट्रीट दुनिया के सबसे बेस समुद्री व्यापार मारगों में से एक है। चीन के एक बड़े हिस्से का तेल
02:24और व्यापारिक जहाज इन्ही रास्तों से होके गुजरता है। भारत का ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भी इसी इलाके से ज़्यादा दूर
02:31नही
02:44प्रोजेगी ब्यापारिक जहाजो की निकरानी आसान होगी। छेत्र में रणनीतिक संतुलन मजबूत होगा। यही वजह है कि इस फैसले को
02:52सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट बताया जा रहा है। तीसरे बड़े फैसले की बात करें तो वो है अस्त्र मिशाइल। भारत अ
03:13बड़ा फैसला ब्रह होश मिसाइल। भारत की सबसे सूपर्सोनिक क्रूज मिसाइल यानि के ब्रह होस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज
03:20उपरेशन मिसाइलों में से एक है। इंडोνεसिया अपनी समुधरी सुरक्षा मजबूत करना चाहता है। ब्रह होस से जुड़ा सायो�
03:32आगे बढ़ता है तो भारत के रक्षा निर्यात के लिए ये एक बड़ी उपलब्धी मानी जाएगी बात करें पांचवें हैं
03:39फैसले की तो वो है क्रिटिकल मिनरल्स पर साजेदारी आज की दुनिया में सर्फ तेल ही ताकत नहीं है अब
03:45असली मुकाबला उन खनीजों का है �
03:47जिन से इलेक्ट्रिक गाडियां बनती हैं मुबाइल तयार होते हैं बैटरिया बनती हैं चिप्स तयार होते हैं और हाइटेक हथियार
03:54बनाये जाते हैं इंडोनेशिया निकल सहित कई इंपॉर्टेंट खनीजों का एक बड़ा उत्पादक है भारत अब इन छेत्रों में न
04:17तो औरे का संदेश साफ दिखाई दे रहा है भारत अब सिर्फ ब्यापार या दोस्ती की बात नहीं कर रहा
04:21है अब भारत बात कर रहा है समुद्री सुरक्षे की रक्षा सायोग की टेक्नोलोजीस की चुनावी सिस्टम्स की इंपॉर्टेंट खनीज
04:29की और भविसी के इंड
04:46का स्टेट ऑफ चाइना के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता है ऐसे में भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती रणनीतिक
04:53साजेदारी को छेत्रे सक्ति संतुलन की नजरिये से देखा जा रहा है हाला कि ये कहना सही नहीं होगा कि
05:00इससे किसी एक देश का प्रभाव
05:14मोदे की आगे की विदेश यात्राएं भी एहमानी जा रही है अब नजर आस्ट्रेलिया और न्यूजिलेंड पर रहेगी जहां रक्षा
05:21ब्यापार समुद्री सुरक्षा और इंडो पैसिफिक सहयोग जैसे मुद्दो पर आगे बाचीत होने की उमीद है यानि जकराता सिर
05:41और वैस्विक रंडिंटी की जहलक दिखाई देती है आने वाले समय में इन समझोतों का कितना असर जमीन पर दिखाई
05:48देता है यह देखने वाली बात होगी ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें गुड
05:53रुटन्स डिजिटल
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