00:00पूलिस की हिरासस्त से वो भागणी की कोशिस करते हुए रिवालबर छिन रहे हैं, गोली चला रहे हैं, यह मुझे
00:12अध्भूत लग रहे हैं।
00:13अईसा क्या हो गए कि वह एक पूलिस से विवालवाट चीनने के कोशिच कर रहे हैं, गोली दाग रहे हैं
00:23और पूलिस को खुद को बचाने के लिए गोली करने में मजबूर होने पड़ता, यह पतलब मुझे बढ़ा अधूत लगा।
00:30मैं गए थे हुआ, दोरा किये थे, पीजिता का परिवार से भी मिले और सारे जाया लेने की कोशिच की,
00:41मौके की, आम लोग के अंदर काफी रोश और रोश की चलते एक भीर की हत्ता भी हो चुके हैं,
00:53और कल रात सुनाई की जो अपरादी थी,
01:00अपरादी को इंकाउंटर करके, उनको भी मार डाला पूलीज बालवर, मेरा कहने का मतलब यह है, कि जब ओ अपरादी
01:16लोकल, मतलब लोकल एडिया में रिस्काच चलाते थे,
01:28और ड्राग की कारवार करते थे, और घटना घटनी की बाद, इस अपराद और यह जो अपराद को बरदाद देने
01:40वाले,
01:40आपराद रिस्के साथ साथ बलादकार और हत्ता इस बरदाद को अंजम देने वाले, ओ बेक्ति को,
01:48हुआ के लोकल जुबाओं ने पकर कर पूलीज के हावाले उनको सौब दिया थे,
01:58और वो पूलीज बालो ने ही, बादम उनको छोड़ भी दिये थे,
02:04और जुबाओं जब पकड़े थे उनको, और दो चाथ ठपल लगाई,
02:09तो उस अपराद ही ने सारे कुछ कबूल भी कर चुके है कि हाँ,
02:15हम लोग अपरन किये, बलादकार किये,
02:20तो खाली हाथ जुबाओं उनको पकर के ठाने में ले जाते हैं,
02:25और पूलिस की हिरासत से, वो भागणी की कोउसिस करते हुए,
02:34रिवल्बर छिन रहे हैं, गोली चला रहे हैं, यह मुझे अधुट लग रहे हैं,
02:39जो बेक्ति को खाली हाथ लोकल जुबाब पकर के,
02:49हुआ ले जा रहे हैं, पूलिस को हवाले जमा कर रहे हैं,
02:56सब कुछ खूले आम सिकारते हैं, और ओ अपराधी, फिर एज़सा क्या हो गया,
03:03जब पूलिस बालों ने हुआ रिकॉर्स्ट्रक्शन करने गए,
03:07मतलब किस तरीके से घटना घटी, जहाँ परताल करने के लिए उस मौके पे गए,
03:13और ऐसा क्या हो गए, कि वो एक बेक्ति पूलिस से रिवालबाट चिनने के कोशिट कर रहे हैं,
03:21गोली दाग रहे हैं, और पूलिस को खुद को बचाने के लिए गोली करने में मजबूर होने परता,
03:28यह मतलब मुझे बड़ा अधूत लगा.
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