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Share Market: Are Foreign Institutional Investors (FIIs) making a mistake by selling India's biggest companies? According to the latest DSP Mutual Fund report, FII ownership in India's Top 10 listed companies has fallen to its lowest level in 20 years. At the same time, many blue-chip stocks are trading below their 10-year average valuations, creating what several market experts call a rare contrarian investment opportunity.

In this video, we break down:
Why FIIs are reducing their holdings in Indian large-cap stocks
Which companies have seen the biggest decline in foreign ownership
Why valuations of top companies have become attractive
Insights from DSP Mutual Fund, Prashant Jain, and Quantum AMC
Large Cap vs Small Cap: Where should investors focus?
What long-term investors should watch going forward

Companies covered include: HDFC Bank, TCS, Infosys, Reliance Industries, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, and Bharti Airtel.

Disclaimer: This video is for educational and informational purposes only and should not be considered investment advice. Please consult a qualified financial advisor before making any investment decisions.
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Transcript
00:00क्या विदेशी निवेशक भारत के सबसे बड़ी कंपनियों से दूरी बना रहे हैं या फिर यह वही मौका है जहां
00:05से अगली बड़ी कमाई शुरू हो सकती है आपकी
00:08क्योंकि चौकानी वाली बात यह है कि जो विदेशी निवेशक हैं FIIs कि भारत की टॉप कंपनियों में हिस्सदारी 20
00:16साल के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है
00:32और इसका investors के लिए क्या मतलब है यह सब कुछ चलिये थोड़ा facts और figures के साथ इस report
00:38में समझने की कोशिश करते हैं
00:40देखे भारतिय शेयर बाजार ने इस समय एक ऐसा trend दिखाया जो पहली नजर में काफी चिंता पैदा कर रहा
00:44है
00:44लेकिन कई बड़े fund manager इसे आने वाले समय का बड़ा investment मौका मान रहे है
00:50ताजे हाखलों के मताबिक जो FIIs हैं उनकी भारत की top 10 कंपनियों में हिस्सदारी पिछले 20 साल के सबसे
00:57निचले स्तर पर पहुँच कई है
00:59DSP mutual fund के मताबिक इन कंपनियों में FIIs की औसत हिस्सदारी अब सिर्फ 34% free float market cap
01:07रह गई है
01:08यह सिर्फ 20 साल का सबसे निचले स्तर नहीं है बलकि 2008 की global financial crisis के दौरान बने 37
01:14% के record low से भी नीचे है
01:17यानि पहली बार विदेशी निवेशिकों की मौझूगी भारत में सबसे बड़ी कंपनियों में इतनी कम हुँए
01:22आम तोर पर इसे negative माना जाता है लेकिन कई experts का यह भी कहना है कि यह situation आगे
01:27चलकर investment का एक बड़ा मौका बन सकती है
01:31इसके असर सिर्फ FIIs की हिस्सदारी देकलिमेटर नहीं है भारते शेहर बाजार की तस्वीर भी बदल गई है
01:35एक समय था जब भारत की टॉप 10 कमपनियां पूरे बाजार के market cap का करीब 39% हिस्सा रखती
01:41थी
01:42दिसंबर 2019 में इनकी हिस्सदारी सबसे जादा थी लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 17 फीस भी रह गई है
01:47जो अब तक का सबसे निचला स्तर है
01:50यानि पिछले कुछ सालों में निवेशिकों का पैसा लार्ज कैप से निकल कर
01:54मिड़ कैप और स्मॉल कैप शेरों में ज्यादा गया जबकि मजबूत और स्टैबलिश कंपनी पीछे चूट गई
02:00अगर कंपनियों की बात करें तो तस्वीर और ज्यादा साफ हो जाएगी
02:03एक्सिस बैंक में FIIs की हिस्सेदारी जून 2014 के 68% से घटकर मार्च 2026 में 44 फीसिदी रह गई
02:12कोटिक माहिनरा बैंक में 59% से घटकर 36% हो गई HDFC बैंक में 44% से घटकर 38
02:17%
02:18वहीं TCS में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली जाना इस्सेदारी 33% से घटकर 34% रह गई
02:25इनफोसिस, ICICI बैंक, Reliance Industries में भी 2014 के मुकाबले विदेशी इस्सेदारी घटी है
02:31हाला कि ICICI बैंक और Reliance में गिरावट काफी लिमिटेड रहे
02:35अब सवाल यह है कि अगर FIIs लगातार विक्वाली कर रहे हैं, तो experts इसे मौका क्यों मान रहे हैं,
02:41नेगिटिव तरीके से क्यों नहीं देख रहे हैं
02:42देखे सबसे बड़ी बात है इन कंप्कियों का मौझूदा वालिएशन
02:45DSP Mutual Fund के रिपोर्ट के मताबिक 30 जून 2026 तक Nifty Top 10 Equal Weight Index की हर कंपनी
02:52अपने पिछले 10 साल के आवरेज वालिएशन से नीचे ट्रेट कर रहे हैं
02:56एक्जामपल के लिए Infosys का ट्रेलिंग PE अभी 13.5 गुना है जबकि 10 साल का उसत 23.3 गुना
03:02रहा है
03:03TCS करीब 14 PE पर ट्रेट कर रहे है जबकि उसका 10 साल का उसत है 26.9
03:08HDFC का प्राइस टू बुक है 2.1 X जबकि एतिहासिक उसत आता है 3.7 X
03:15भाती Airtail का EV पर एप्टा है 10.8 गुना जबकि 10 साल का उसत 13.7 गुना है
03:22यानि कंपनियों के बिजनस में कोई बड़ी कमजोरी नहीं आई
03:25लेकिन उनके शेर पहले के मुकाबले काफी सस्ते वालियोईशन पर मिल रहे है
03:30कि सस्ते वालियोईशन के बावजूद इन कंपनियों की कमाई और मुनाफ़ा मजबूत बना हुआ है
03:35रिपोर्ट की माने तो टॉप 10 बास्किट की करीब 70% कंपनियां आज भी अपने 10 साल के
03:42आवरिज ROE यानि Return on Equity के बरावर या फिर उससे बहतर प्रदर्शन करें
03:48TCS का मौझूदा ROE करीब 52% है जबकि 10 साल का उसर 42% रहा
03:53भारती एटिल का ROE 22% है जो उसके 10 साल के उसर 11% का लगभग 2 गुना है
03:59और Infosys का ROE 32% है जबकि उसका 10 साल का उसर करीब 30% है
04:04यानि कंपनियों की quality मजबूत है मुनाफ़ा कमाने की शमता बनी हुई है लेकिन बाजार फिलाल उन्हें कम कीमत दे
04:11रहा है
04:11PSP Mutual Fund और Market Strategist साहिल कपूर ने ये कहा है कि Large Cap में दो चीजे एक साथ
04:17दिखाई दे रही है
04:18पहली FIIs की इस्तिदारी एतिहासिक रूप से सबसे कम है दूसरी इन कंपनियों का valuation भी लंबे समय के औसत
04:26से नीचे है
04:26अब इनके मुताबिक अगर आगे रुपे की कमजोरी रुख जाती है और जियो पॉलिटिकल टेंशन कम हो जाते हैं तो
04:33FIIs की बापसी हो सकती है
04:35ऐसे में large caps में मजबूत mean reversion देखने को मिलेगा और यही शेयर बेहतर production करेंगे
04:40अगर भारत के comparison दूसरे emerging markets से करें तो तस्वीर और जादा दिल्सस्क होगी
04:45MSCI Emerging Markets Index में भारत और चीन ही दो ऐसे बड़े बाजार हैं जो अभी अपने 10 साल के
04:51औसत P.E. से नीचे ट्रेट कर रहे हैं
04:53भारत करीब 2.39% पर है जबकि चीन लगबग 10.9% पर ट्रेट कर रहा है
05:00वहीं ताइवान अपने historical leverage P.E. से करीब 85% परीमियम पर और South Korea करीब 71.5%
05:08पर ट्रेट कर रहा है
05:09यानि valuation के इसाब से भारत अब emerging markets में सबसे ज़ादा attractive contrarian investment opportunity बनकर सामने आ रहा
05:17है
05:17दिकर्ज निवेशक प्रशान जैन भी large caps के ही पक्ष में दिखाई देते हैं
05:21उनका कहना है कि विदेशी निवेशकों ने सबसे ज़ादा विक्वाली large cap के stocks में की है और इसी वजह
05:26से आज भी यही share बहतर value दे रहे है
05:29अब उनके मताबिक जैसे जैसे global situation सुतरेंगी और FIIs के वापसी होगी वैसे वैसे large cap share small caps
05:36के मुकाबले बहतर production कर सकते है
05:38प्रशान जैन भी यही कह रहे है कि small cap कंपनीों में कमाई का अंतर बहुत बढ़ा होता है
05:42कुछ कंपनीयां शांदार production करती है जबकि कई उमीदों पर खड़ी नहीं उतरती
05:46इसलिए small cap में सफलता काफी हद तक सही stock picking पर depend करेगी
05:50इसके मुकाबले large cap companies की कमाई ज्यादा तर stable रहती है और उनमें risk भी comparatively कम होता है
05:57Quantum AMC के equity fund manager George Thomas ये कह रहे हैं कि बड़ी कंपनीयों का मौझूदा valuation निवेश के
06:04लिए काफी attractive है
06:05हाला कि उनका ये भी कहना है कि आने वाले समय में global situations और geopolitical tension की वज़े से
06:11बाजार में उतार चिठाफ बना रह सकता है लेकिन ऐसे छोटे समय के उतार चिठाफ मजबूत कंपनीयों के actual intrinsic
06:18value को ज्यादा effect नहीं करते है
06:20इसलिए experts का सुझाव याई है कि lump sum यानि एकमुष्ट निवेश करने के बजाए
06:25systematic तरीके से SIP के जरिया निवेश करना बहतर होगा ताकि मौझूदा attractive valuation का आपको फायदा मिल सके है
06:32हाला कि कहानी का दूसरा पक्षपी है
06:34excess securities ये कह रहा है कि पिछले तीन महीनों में mid cap और small cap stocks में अच्छी recovery
06:40आई है
06:41और वहां भी मौके मौझूद है लेकिन brokerage ये भी कह रहा है कि इन share के valuation काफी उंचे
06:46है
06:46आगे का performance पूरी तरह कंप्तियों की कमाई पर free cash flow पर और return on capital employed पर भी
06:52depend करेगा
06:53इसलिए इस segment में सिर्फ मजबूत कंप्तियों का चुनाव करना जरूरी होगा
06:57अब पूरी तस्वीर देखिए तो अभी भातिय शेयर बाजार एक काफी इंट्रेस्टिंग से situation में दल्चास तस्तिती में
07:04FIIs की सायदारी 20 साल के सबसे निशले सतर पर बड़ी कंपनियों का valuation 10 साल के औसत से नीचे
07:10कमाई की जो profitability है अभी मस्बूत बनी हुई है और कई बड़े fund manager ये मान रहे हैं
07:16कि अगर global situations उधर गई और विदेशी निवेशिकों की बापसी हो गई
07:20तो आने वाले सालों में large cap stock market की बड़ी rally की अगवाई कर सकते हैं
07:25हला कि याद रखिएगा शेयर बाजार में कोई भी trend हमेशा एक जैसा नहीं रहता है
07:29शॉर्ट टर्म में volatility रहेगी और global situations बाजार का direction तैकरती है
07:34इसलिए experts long term की सोच मजबूत कंपनियों का selection और systematic तरीके की strategy अपनाने की सला दे रहे
07:42यानि जिन large cap stocks को पिछले कुछ सालों में विदेशी निवेशिकों ने सबसे जादा नजर अंदास किया
07:47वही segment अब कई बाजार के analyst की नजर में आने वाले समय में सबसे बड़ा contrarian investment opportunity बनता
07:55दिख रहा है
07:55लेकिन किसी भी तरीके के stock को चुनने से पहले financial advisor की राय वे हज़ाद
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