00:00क्या विदेशी निवेशक भारत के सबसे बड़ी कंपनियों से दूरी बना रहे हैं या फिर यह वही मौका है जहां
00:05से अगली बड़ी कमाई शुरू हो सकती है आपकी
00:08क्योंकि चौकानी वाली बात यह है कि जो विदेशी निवेशक हैं FIIs कि भारत की टॉप कंपनियों में हिस्सदारी 20
00:16साल के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है
00:32और इसका investors के लिए क्या मतलब है यह सब कुछ चलिये थोड़ा facts और figures के साथ इस report
00:38में समझने की कोशिश करते हैं
00:40देखे भारतिय शेयर बाजार ने इस समय एक ऐसा trend दिखाया जो पहली नजर में काफी चिंता पैदा कर रहा
00:44है
00:44लेकिन कई बड़े fund manager इसे आने वाले समय का बड़ा investment मौका मान रहे है
00:50ताजे हाखलों के मताबिक जो FIIs हैं उनकी भारत की top 10 कंपनियों में हिस्सदारी पिछले 20 साल के सबसे
00:57निचले स्तर पर पहुँच कई है
00:59DSP mutual fund के मताबिक इन कंपनियों में FIIs की औसत हिस्सदारी अब सिर्फ 34% free float market cap
01:07रह गई है
01:08यह सिर्फ 20 साल का सबसे निचले स्तर नहीं है बलकि 2008 की global financial crisis के दौरान बने 37
01:14% के record low से भी नीचे है
01:17यानि पहली बार विदेशी निवेशिकों की मौझूगी भारत में सबसे बड़ी कंपनियों में इतनी कम हुँए
01:22आम तोर पर इसे negative माना जाता है लेकिन कई experts का यह भी कहना है कि यह situation आगे
01:27चलकर investment का एक बड़ा मौका बन सकती है
01:31इसके असर सिर्फ FIIs की हिस्सदारी देकलिमेटर नहीं है भारते शेहर बाजार की तस्वीर भी बदल गई है
01:35एक समय था जब भारत की टॉप 10 कमपनियां पूरे बाजार के market cap का करीब 39% हिस्सा रखती
01:41थी
01:42दिसंबर 2019 में इनकी हिस्सदारी सबसे जादा थी लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 17 फीस भी रह गई है
01:47जो अब तक का सबसे निचला स्तर है
01:50यानि पिछले कुछ सालों में निवेशिकों का पैसा लार्ज कैप से निकल कर
01:54मिड़ कैप और स्मॉल कैप शेरों में ज्यादा गया जबकि मजबूत और स्टैबलिश कंपनी पीछे चूट गई
02:00अगर कंपनियों की बात करें तो तस्वीर और ज्यादा साफ हो जाएगी
02:03एक्सिस बैंक में FIIs की हिस्सेदारी जून 2014 के 68% से घटकर मार्च 2026 में 44 फीसिदी रह गई
02:12कोटिक माहिनरा बैंक में 59% से घटकर 36% हो गई HDFC बैंक में 44% से घटकर 38
02:17%
02:18वहीं TCS में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली जाना इस्सेदारी 33% से घटकर 34% रह गई
02:25इनफोसिस, ICICI बैंक, Reliance Industries में भी 2014 के मुकाबले विदेशी इस्सेदारी घटी है
02:31हाला कि ICICI बैंक और Reliance में गिरावट काफी लिमिटेड रहे
02:35अब सवाल यह है कि अगर FIIs लगातार विक्वाली कर रहे हैं, तो experts इसे मौका क्यों मान रहे हैं,
02:41नेगिटिव तरीके से क्यों नहीं देख रहे हैं
02:42देखे सबसे बड़ी बात है इन कंप्कियों का मौझूदा वालिएशन
02:45DSP Mutual Fund के रिपोर्ट के मताबिक 30 जून 2026 तक Nifty Top 10 Equal Weight Index की हर कंपनी
02:52अपने पिछले 10 साल के आवरेज वालिएशन से नीचे ट्रेट कर रहे हैं
02:56एक्जामपल के लिए Infosys का ट्रेलिंग PE अभी 13.5 गुना है जबकि 10 साल का उसत 23.3 गुना
03:02रहा है
03:03TCS करीब 14 PE पर ट्रेट कर रहे है जबकि उसका 10 साल का उसत है 26.9
03:08HDFC का प्राइस टू बुक है 2.1 X जबकि एतिहासिक उसत आता है 3.7 X
03:15भाती Airtail का EV पर एप्टा है 10.8 गुना जबकि 10 साल का उसत 13.7 गुना है
03:22यानि कंपनियों के बिजनस में कोई बड़ी कमजोरी नहीं आई
03:25लेकिन उनके शेर पहले के मुकाबले काफी सस्ते वालियोईशन पर मिल रहे है
03:30कि सस्ते वालियोईशन के बावजूद इन कंपनियों की कमाई और मुनाफ़ा मजबूत बना हुआ है
03:35रिपोर्ट की माने तो टॉप 10 बास्किट की करीब 70% कंपनियां आज भी अपने 10 साल के
03:42आवरिज ROE यानि Return on Equity के बरावर या फिर उससे बहतर प्रदर्शन करें
03:48TCS का मौझूदा ROE करीब 52% है जबकि 10 साल का उसर 42% रहा
03:53भारती एटिल का ROE 22% है जो उसके 10 साल के उसर 11% का लगभग 2 गुना है
03:59और Infosys का ROE 32% है जबकि उसका 10 साल का उसर करीब 30% है
04:04यानि कंपनियों की quality मजबूत है मुनाफ़ा कमाने की शमता बनी हुई है लेकिन बाजार फिलाल उन्हें कम कीमत दे
04:11रहा है
04:11PSP Mutual Fund और Market Strategist साहिल कपूर ने ये कहा है कि Large Cap में दो चीजे एक साथ
04:17दिखाई दे रही है
04:18पहली FIIs की इस्तिदारी एतिहासिक रूप से सबसे कम है दूसरी इन कंपनियों का valuation भी लंबे समय के औसत
04:26से नीचे है
04:26अब इनके मुताबिक अगर आगे रुपे की कमजोरी रुख जाती है और जियो पॉलिटिकल टेंशन कम हो जाते हैं तो
04:33FIIs की बापसी हो सकती है
04:35ऐसे में large caps में मजबूत mean reversion देखने को मिलेगा और यही शेयर बेहतर production करेंगे
04:40अगर भारत के comparison दूसरे emerging markets से करें तो तस्वीर और जादा दिल्सस्क होगी
04:45MSCI Emerging Markets Index में भारत और चीन ही दो ऐसे बड़े बाजार हैं जो अभी अपने 10 साल के
04:51औसत P.E. से नीचे ट्रेट कर रहे हैं
04:53भारत करीब 2.39% पर है जबकि चीन लगबग 10.9% पर ट्रेट कर रहा है
05:00वहीं ताइवान अपने historical leverage P.E. से करीब 85% परीमियम पर और South Korea करीब 71.5%
05:08पर ट्रेट कर रहा है
05:09यानि valuation के इसाब से भारत अब emerging markets में सबसे ज़ादा attractive contrarian investment opportunity बनकर सामने आ रहा
05:17है
05:17दिकर्ज निवेशक प्रशान जैन भी large caps के ही पक्ष में दिखाई देते हैं
05:21उनका कहना है कि विदेशी निवेशकों ने सबसे ज़ादा विक्वाली large cap के stocks में की है और इसी वजह
05:26से आज भी यही share बहतर value दे रहे है
05:29अब उनके मताबिक जैसे जैसे global situation सुतरेंगी और FIIs के वापसी होगी वैसे वैसे large cap share small caps
05:36के मुकाबले बहतर production कर सकते है
05:38प्रशान जैन भी यही कह रहे है कि small cap कंपनीों में कमाई का अंतर बहुत बढ़ा होता है
05:42कुछ कंपनीयां शांदार production करती है जबकि कई उमीदों पर खड़ी नहीं उतरती
05:46इसलिए small cap में सफलता काफी हद तक सही stock picking पर depend करेगी
05:50इसके मुकाबले large cap companies की कमाई ज्यादा तर stable रहती है और उनमें risk भी comparatively कम होता है
05:57Quantum AMC के equity fund manager George Thomas ये कह रहे हैं कि बड़ी कंपनीयों का मौझूदा valuation निवेश के
06:04लिए काफी attractive है
06:05हाला कि उनका ये भी कहना है कि आने वाले समय में global situations और geopolitical tension की वज़े से
06:11बाजार में उतार चिठाफ बना रह सकता है लेकिन ऐसे छोटे समय के उतार चिठाफ मजबूत कंपनीयों के actual intrinsic
06:18value को ज्यादा effect नहीं करते है
06:20इसलिए experts का सुझाव याई है कि lump sum यानि एकमुष्ट निवेश करने के बजाए
06:25systematic तरीके से SIP के जरिया निवेश करना बहतर होगा ताकि मौझूदा attractive valuation का आपको फायदा मिल सके है
06:32हाला कि कहानी का दूसरा पक्षपी है
06:34excess securities ये कह रहा है कि पिछले तीन महीनों में mid cap और small cap stocks में अच्छी recovery
06:40आई है
06:41और वहां भी मौके मौझूद है लेकिन brokerage ये भी कह रहा है कि इन share के valuation काफी उंचे
06:46है
06:46आगे का performance पूरी तरह कंप्तियों की कमाई पर free cash flow पर और return on capital employed पर भी
06:52depend करेगा
06:53इसलिए इस segment में सिर्फ मजबूत कंप्तियों का चुनाव करना जरूरी होगा
06:57अब पूरी तस्वीर देखिए तो अभी भातिय शेयर बाजार एक काफी इंट्रेस्टिंग से situation में दल्चास तस्तिती में
07:04FIIs की सायदारी 20 साल के सबसे निशले सतर पर बड़ी कंपनियों का valuation 10 साल के औसत से नीचे
07:10कमाई की जो profitability है अभी मस्बूत बनी हुई है और कई बड़े fund manager ये मान रहे हैं
07:16कि अगर global situations उधर गई और विदेशी निवेशिकों की बापसी हो गई
07:20तो आने वाले सालों में large cap stock market की बड़ी rally की अगवाई कर सकते हैं
07:25हला कि याद रखिएगा शेयर बाजार में कोई भी trend हमेशा एक जैसा नहीं रहता है
07:29शॉर्ट टर्म में volatility रहेगी और global situations बाजार का direction तैकरती है
07:34इसलिए experts long term की सोच मजबूत कंपनियों का selection और systematic तरीके की strategy अपनाने की सला दे रहे
07:42यानि जिन large cap stocks को पिछले कुछ सालों में विदेशी निवेशिकों ने सबसे जादा नजर अंदास किया
07:47वही segment अब कई बाजार के analyst की नजर में आने वाले समय में सबसे बड़ा contrarian investment opportunity बनता
07:55दिख रहा है
07:55लेकिन किसी भी तरीके के stock को चुनने से पहले financial advisor की राय वे हज़ाद
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