00:00भारत दर्शन की जगह किससे कहानियों का देश होकर रह गया एक बहुत उचा शिखर है हिमाले जैसा बहुत उचा
00:06अपने आप में बहुत उचा है लेकिन उसके इर्दगर्द क्या है गहरी घाटियां पचीस विद्वाने वहां शिखर पे चड़े हुए
00:12हैं और पचीस करोड
00:14हैं वह कहां रह रहे हैं निचली घाटियों में पड़े हुए हैं वह तो इस लायक नहीं है हम तो
00:19उपर से उनको पुकार ही रहे आरे आजाओ यह आतीन सबसे उंचा धर्शन हमारे पास लेकिन हमने उससे सब तक
00:29नहीं जाने दिया संतों ने ये काम किया है
00:36कभीर साहिब का थोड़ा सा साहित्य खड़ी बोली में भी है पर उने इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि खड़ी बोली देश
00:43का आम किसान नहीं बोलता था यही काम पुद्ध में करा था महावीर ने भी यही काम करा था जमीन
00:48की भाशा में बात करूँगा मैं अपने शिखर पे
01:02रोश्नी है जो अब अनंत दियों से प्रशुटित हो रही है उपर से नहीं पघेर जाता है और ऊब knocksous
01:11— तो उपर नहीं आना
01:12चाहते तो उनको समझा के वजाके उंके अज्ञान के केंद्र को मिटा करके उंको उपर लाया जाता है इती।
01:18में संतों नहीं काम किया है।
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