Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें:
Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks
iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866

📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant
#आचार्यप्रशांत
#musafir
#safarnama
#innerjourney
#journeyoflife

Category

📚
Learning
Transcript
00:00अपने पढ़ाई के दिनों में न, मैंने जहां भी मान लिया कि कोई पेपर, कोई सब्जेक्ट मेरा पूरी तरह तयार
00:06है, वहां पर मुझे जटका लगाई लगा
00:09और जहां मेरी अंत तक यही मानने ता रही, कि अभी तयार नहीं है, अभी और देखो, अभी कुछ और
00:15है, अभी कुछ और है
00:16वहां आप एक शक्रत कुछ बहतर रहा, जहां नहीं भी गड़बड हो, वहां भी ये मान के चलो की गड़बड
00:21है
00:22और जहां पे तुम्हें ये लग गया कि सब ठीक है वहां मरोगे
00:26पर्फेक्शन का जो विचार है वो इंपर्फेक्शन की निशानी है
00:30हमेशा अपने दोशे ही गिनाईए
00:33और अपने आपको कभी इस लायक बोलिये ही नहीं कि मन्जिल मन्जिल मन्जिल
00:38हाँ ये बोलिये इतनी पातरता मुझे में जरूर है कि यात्रा नहीं छोड़ूँगा
00:43मुसाफिर रहो और मौच करो
Comments

Recommended