00:00देखिए वो जमाने चले गए जब घर की गाये हुआ करती थी कि घर में ही जनमती थी घर में
00:06ही खाती पीती थी और फिर घर में ही वो दम तोड़ देती थी मैं उनकी बात नहीं कर रहा
00:11है पर 99 प्रतिशत लोगों के घर में तो बाजार से दूध आता है न तुमको पता भी है �
00:17जिस जानवर से तुमको दूध आ रहा है तो दूध किस तरीके से आ रहा है जानवर कितना शोशन करके
00:23आ रहा है तुम्हें क्या लगता है वो जानवर प्राकृतिक तोर से पैदा हुआ था नहीं उसको कृत्रिम तोर से
00:28जबरदस्ती पैदा कराया गया था गाये का भैस का �
00:32तरबाधान कराया जाता है
00:34एक तरह का बलादकार होता है वो
00:36ताकि तुम्हारी दुख्ध बिपासा शान्त हो सके
00:40नहीं तो इतने सारे लोग हैं
00:42इनको दूद देने के लिए गाएं थोड़ी बड़ी ततपर हैं
00:45दुनिया भर की गाएं उने
00:48संकल्प उठाया है कि आदमी अपनी आबादी बढ़ाता रहे
00:51बढ़ाता रहे आट सो करोड आदमी हो गएं दुनिया में
00:53और गाएं कह रहे हैं कि इनको दूद देने की जिम्मेदारी हम लेते हैं न
00:56हमारी प्रजाती तो है इसे लिए
00:58कि आदमी अंधादुन्द अपनी आबादी बढ़ाता रहे और हम उसको दूद पिलाती रहे
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