00:00आज भी कम से कम उत्तर भारत के कस्बों गाओं छोटे शहरों में घूंगट का चलन है
00:06तुम्हें पता भी है कि ये घूंगट कहां से आ गया हिंदुस्तान में
00:10तुम्हें लगरा है कि ये घूंगट वैदिक काल के रिशियों की देन है
00:14ये घूंगट कहां से आ गया है
00:16ये इसलाम से आया है
00:18और इसलाम से ये संस्कृतिवादी चिड़ते हैं
00:21लेकिन इसलाम ने ही तुम्हें घूंगट दे दिया है
00:23और उस घूंगट को तुम पकड़े बैठे हो
00:262000 साल पहले आज से भारत में बहुत खुली हुई संस्कृति थी
00:30तब महिलाओं का लगिस्थान था और महिलाओं के सबर्जस्त अधिकार थे
00:34वहाँ तुमको ऐसी ऐसी महिलाएं मिलेंगी
00:36कि अगर वो आज हो जाएं
00:38तो आप उनको जीने न दो
00:40आपका हो ये गंदी औरत है
00:42द्रापदी आज हो जाएं पांच पतियों के साथ
00:45आप जीने दोगे उसको
00:47जल्दी बोलो
00:49मैं नहीं कह रहा हूँ कि
00:51द्रापदी अकेले ही भारतिय संस्कृति का प्रतेनिधित्तो करती है
00:55पर यदि द्रापदी जैसी महिला हो पाई
00:58तो इससे क्या पता चलता है
00:59भारतिय समाज तब कैसा था और संस्कृति कैसी थी
01:02गोड़ते देखना
01:03तब समझ में आएगा कि हमारी संस्कृति पर
01:06सबसे आदा प्रभाव किसका है
01:07जिसको आप अपनी संस्कृति कहते हो
01:10उस पर सबसे आदा प्रभाव विदेशी आक्रमनकारियों का है
01:13तो मैं कहा रहा हूँ
01:14गुलामी पर आधारित है हमारी ये संस्कृति
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