00:00Okay, so think about a million miles away from a car and our body's body,
00:06can they have any connection with us?
00:09Listen to me a little strange, but a lot of strange, but today we are all about this.
00:16Source material, which we call Saturn, and our body's body,
00:22and our body's body, and our body's body, and our body's body's body,
00:25a very very strong and powerful connection.
00:51So, let's start with our own personal connection.
00:55This is why our body's body's body, and our body's body, and our body's body.
00:59What kind of family is?!
01:01देखें, जोहल को महज मिजामे शमसी का एक दूर दराज गोला मत समझें।
01:06सोर्स मिटीरियल इसे हमारे जिस्मानी धांचे का मास्टर राकिटेक्ट यानी एक माहर तामीर कहता है।
01:12ये सैयारा अपने अंदर बहुत ज्यादा डिस्सिप्लिन और जमीनी खासियत रखता है।
01:17असल में ये हमारी हड्डियों, जोडों की मजबूती और रीड की हड्डी को बराहे रास्त कंट्रोल करता है।
01:23अगर कभी अचानक कमर में शदीद दर्द हो या बिनावज़ा जिस्मानी ठकन और जकडन महसूस हो तो जनाब ये कोई
01:29आम ठकन नहीं, इसके पीछे जोहल की ताकतवर एनरजी हो सकती है।
01:33ये एक ऐसी छुपीवी ताकत है जो हमारी जिस्मानी सकत को पूरी तरह हिला कर रख सकती है।
01:39अब आते हैं दूसरे हिस्से पर, जो के बहुत से लोगों का रोजमरा का मसला है, जिल्दों की खुछकी और
01:45इसके काइनाती असरात।
01:47क्या कभी गौर किया है कि उठते बैठते वक्त अचानक जोडों से खट-खट की आवाजें क्यों आती हैं? या
01:54सुबा उठते ही जिस्में इतनी जकडन क्यों होती है?
01:57वैल, सोर्स इसकी वजा जोहल की ठंडी और खुशक एनरजी को बताती है. ये एनरजी हमारे जिस्म के अंदर मौजूद
02:04साइनॉवियल फ्लूइड को खुशक कर देती है. ये फ्लूइड असल में वो एहम माया है जो हमारे जोडों को चिकना
02:11हट देता है. बिल्कुल किसी �
02:23केप्रकॉन यानी जदी या अक्वेरियस यानी दालू है तो फिर दो खास तवज्जों की जुरूत है क्योंकि ये दोनों सितारे
02:32बराहे राजद जोहल के जहरे असर आते हैं. इसलिए इन अफराद में जोडों की जकडन और खुशकी का खतरा इस
02:39वक्त सबसे ज्यादा होत
02:45लगती है. इस छुपे हुए खतरे से बचने के लिए सोस मेटीरियल ने कुछ फौरी परहेज बताएं हैं. पहला, ठंडे
02:53पानी का इस्तमाल कम करें. दूसरा, एक ही जगा पर लंबे वक्त तक बिना हिले-जुले मत बैठें. और तीसरा,
03:00भारी यानी बादी खानों से मुक
03:15कर दर्द का एक बहुत बड़ा सबब बनती है. खेर, परिशानी की कोई बात नहीं क्यूंकि अब हम अपने तीसरे
03:23हिस्से की तरफ बढ़ते हैं. शिफा का राज और हमारी खास खिजा. यहां असल में दो मुखालिफ ताकतों की रसा
03:30कशी चल रही है. एक तरफ है जोहल की �
03:33ठंडी, खुश्क एनरजी और बादी खाने और इसके मुकाबले में है हमारी शिफाबख शेनरजी. इस काइनाती खुश्की को तोड़ने के
03:40लिए जिस्म को गरम, केल्शियम से भरपूर और चिकनाहर देने वाली घिजा की जरूरत होती है. यह बिलकुल वैसा ही
03:48है दोस्त
04:06गरम, केल्शियम से भरपूर, कुद्रती हल मानती है, जो गहराई तक गरमी पहुचाता है. इसका पूरा एक बहतरीन शेडियूल है.
04:14सुबह उटकर दो चुटकी काले तिल चबाएं, तुपहर के खाने में थोड़ा सा अद्रक शामिल करें और रात को सोने
04:20से पहले जोड़
04:22पर नीम गरम तिल के तेल का मसाज करें. ये कॉम्बिनेशन जोड़ों की खुश्की को जड़ से उखाड भेंगता है
04:28और गहरे से गहरे दर्द को खीच निकालता है. ये सिर्फ एक नुस्का नहीं बलकि पूरी डेली रूटीन का एक
04:34गेम चेंजर है. अंदरूनी शिफा के
04:36बाद चलिए अब चौथे हिस्से पर नजर डालते हैं. रीड की हड़ी की वर्जिश यानि बैरूनी जिस्मानी थेरपी.
04:43अब आप सोच रहे होंगे कि जोहल की इस काइनाती एनरजी के साथ निमटने वक्त हमारा जिस्मानी पॉस्चर यानि उठने
04:51बैटने का अंदाज इतना जरूरी क्यों हो जाता है? वजा बहुत दिल्चस्प है. जोहल फितरी तोर पर डिसिप्लिन और सीधे
04:59पॉस्चर को प
05:13हमारे जिस्मानी ढाचे की सहत के लिए बिलकुल लाजमी है. यहां एक बहुत ही आसान और फॉरी असर करने वाला
05:20हल बताया गिया है. करना सिर्फ यह है, जमीन पर सीधे लेटें और अपने घुटनों को चाती की तरफ दबाएं.
05:26यह तीन स्टेप्स का सिंपल सा अमल लोर �
05:29पेन को तेजी से खतम करता है. असल में होता यह है कि यह स्ट्रेच जिसम में फसी भी उस
05:34कैस को खरिच करता है, जो जोडों के दर्थ और खिचाओं की एक बहुत बड़ी और अकसर नजर अंदाज की
05:40जाने वाली वज़ा होती है. यह सिंपल मुव्मेंट उस सारी फासिध ह
05:58और एहम सबक निकल कर सामने आता है वो यह है. जिसका जिसमानी धाचा और हड़ीयां फॉलाज जैसी मजबूत हैं,
06:05उस पर बुढ़ापे के असराज जल्दी जाहिर नहीं होते. एक लचकदार और ताकतवर जिसमानी धाचा ही जिन्दीगी भर की तवानाई
06:12और जवानी का
06:14असल राज है. जुहल की इस ठोस एनरजी को समझ कर ही हम ये ला जवाब ताकत हासिल कर सकते
06:20हैं. आखिर एक मजबूत फाउंडेशन ही किसी एमारत की लंबी उमर की जमानत होती है. ठीक उसी तरह हमारा जिसम
06:27भी है. तो क्या इन कदीम और थोड़े डिसिप्लिन वाले तरी
06:41बोन्स लिखें और इसकुद्रती ताकत को अपनाने का इजहार करें. इस दिल्चेस्फ तच्जिये ने यकीनन जिस्मानी सहत और इन काइनाती
06:49असरात के दर्मियान नए तालुक पर सोचने पर मजबूर कर दिया होगा. ऐसी ही और भी शांदार मालुमात के लिए
06:55हमारा ये
06:56तच्जिये का सफर आगे भी यूही जारी रहेगा.
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