00:02औरिस्या का पूरी स्थ जगनात धाम चार धाम तीर्थों में से एक माना जाता है।
00:58तीचा मंदिर तक ले जाया जाता है।
01:05इस रत की उचाई लगबग 45 फीट होती है जिसे दूर से ही देखना आकर्शक लगता है।
01:12रत को लाल और पीले रंगों से सजाते हैं जो शुबता और उर्जा का प्रतीक है।
01:16रत की उपरी हिस्से में हनुमान जी और निर्शिंग भगवान के प्रतीक चिन्ध अंकित होते हैं जो इसकी धार्मिक महत्ता
01:23को बढ़ाते हैं।
01:24परंपरा के अनुसार ये रत यात्रा में सबसे पीछे चलता है। वहीं बलभद्र का रत ताल ध्वज कहलाता है। इसे
01:32शक्ति और अनुसाशन का प्रतीक मानते हैं।
01:35देवी सुभध्रा करत दर्प दलन कहलाता है और इसे संतुलन एवं सौमिता का प्रतीक माना गया है।
01:41ध्यान रही ये संपूर्ण यात्रा आस्था समर्पड और आध्यात्मिक एक्ता का अद्भुत प्रतीक माना जाता है।
01:48कहते हैं जो भी इस रत्यात्रा की दर्शन मात्र कर ले और इस पवित्र धाम पर जाकर इस रत्यात्रा का
01:55साक्षी बनेगा उसे जन्म और मृत्यू के बंधन से मुक्ती मिल जाती है।
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