00:03पुरी की पावन धर्ती जहां साक्षात महाप्रभू जगनाथ विराजते हैं लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है जहां सनातन धर्म
00:12में अमूमन भगवान के साथ उनकी अधांगनी या परम भक्त की पूजा होती है जैसे सिया राम या रादा कृष्ण
00:19वहीं पुरी के इस पावन गर्व ग्रह में भगवान कृष्ण अपनी पतनी के साथ नहीं बलकि अपने भाई और बहन
00:26के साथ पूजे जाते हैं आखिर कौन है बलभद्र और सुभत्रा और क्यों इन तीनों भाई बहनों की पूजा एक
00:33साथ होती है आए जानते हैं इस रहस्य
00:35मई पौराणिक कथा के पीछे का सज्ज श्री जगरनात ये स्वें भ्रमान के नायक भगवान विश्णू के अवतार श्री कृष्ण
00:44है वहीं बलभद्र जिने बलराम कहते हैं ये श्री कृष्ण के बड़े भाई हैं जिने शेशनाक का अवतार माना जाता
00:51है इन्हें अत्य
01:05बहनों को एक साथ क्यों पूजा जाता है इसके पीछे इसकंद पुराण में एक बेहत भावुक कथा मिलती है एक
01:12बार द्वारका में श्री कृष्ण की रानियों ने माता रूहिनी बलराम जी की माता से अनुरोध किया कि वो उन्हें
01:19श्री कृष्ण की वरंदावन की कोपि
01:21और राधा रानि के प्रती रास लीला और प्रेम की कथा सुनाएं माता रोहिनी ने कहा मैं कथा तो सुनाओंगी
01:28लेकिन कृष्ण और बलराम को पता नहीं चलना चाहिए वरना वो भावुक हो जाएंगे इसलिए उन्होंने बेहन सुभद्रा को दर्वाजे
01:35पर पहरा देने
01:36के लिए खड़ा कर दिया जैसे ही माता रोहिनी ने कथा शुरू की उसकी दिव्यता और प्रेम का प्रभाव ऐसा
01:42था कि दर्वाजे पर खड़ी सुभद्रा मंत्र बुग्ध हो गए इसी बीच श्री कृष्ण और बलराम भी वहां आ गए
01:48और सुभद्रा के अगल बगल ख�
02:04पाद पैर सिकोड गए ठीक इसी समय वहां से परमशिरी नारत गुजर रहे थे उन्होंने तीन भाई भेनों के इस
02:10अत्यंत प्रेम मय और दिव्यरूप के दर्शन किये नारत मुनी ने भगवान से प्राथना की है प्रभू आपका ये सवरूप
02:18अत्यंत मनमोहक है किरपया क
02:21कल युग में भक्तों के कल्यान के लिए इसी रूप में धर्ती पर प्रकट हों भगवान ने उनकी प्रातना सुईकार
02:26की और इसी लिए आज भी पूरी में उसी अर्ध बिक्सित या प्रेम में पिगले हुए रूप में पूज़ जाते
02:32हैं तो ये है महाप्रभू जगनात �
02:34बड़े भाई बलभद्र और बहन एक साथ पूज़ जाने की वो पावन कथा जो हमें सिखाती है कि भगवान केवल
02:41मंत्रों से नहीं बलकि शुद्ध प्रेम और पारिवारिक एक जुट्ता से प्रसन होते हैं अगर आपको जगनात जी की ये
02:47कथा पसंद आई हो तो कॉमें �
02:49जए जगनात लिखना ना भूलें
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